RS Act 2अध्याय I · Preliminary
धारा 2 · परिभाषाएँ।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) इस अधिनियम में, जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,--
(क) "प्रशासन" से तात्पर्य उस देश की सरकार से है जिसका ध्वज फहराने का जहाज हकदार है, या जिसके अधिकार के अधीन वह संचालित हो रहा है;
(ख) "जहाज पुनर्चक्रण सुविधा के प्राधिकरण का प्रमाण पत्र" से तात्पर्य धारा 12 की उपधारा (6) में निर्दिष्ट प्रमाण पत्र से है;
(ग) "खतरनाक सामग्रियों की सूची पर प्रमाण पत्र" से तात्पर्य धारा 8 में निर्दिष्ट प्रमाण पत्र से है;
(घ) "सक्षम प्राधिकारी" से तात्पर्य ऐसे प्राधिकारी से है जिसे केंद्र सरकार द्वारा धारा 4 के अंतर्गत नामित किया गया हो;
(ई) "खतरनाक पदार्थ" से तात्पर्य किसी भी ऐसे पदार्थ या सामग्री से है, जो मनुष्यों, अन्य जीवित प्राणियों, पौधों, सूक्ष्मजीवों, संपत्ति या पर्यावरण को नुकसान पहुँचाने की संभावना रखता हो;
(f) "राष्ट्रीय प्राधिकरण" से तात्पर्य ऐसे प्राधिकरण से है जिसे केंद्र सरकार द्वारा धारा 3 के अंतर्गत नामित किया गया हो;
(जी) "अधिसूचना" से तात्पर्य राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना से है तथा "अधिसूचित करना" या "अधिसूचित किया गया" शब्दों का अर्थ तदनुसार समझा जाएगा;
(h) “निर्धारित” से तात्पर्य इस अधिनियम के अंतर्गत बनाए गए नियमों द्वारा निर्धारित से है;
(i) "पुनर्चक्रण के लिए तैयार प्रमाण पत्र" से तात्पर्य धारा 16 में निर्दिष्ट प्रमाण पत्र से है;
(j) "विनियम" से तात्पर्य इस अधिनियम के अंतर्गत राष्ट्रीय प्राधिकरण द्वारा बनाए गए विनियमों से है;
(k) "जहाज" से तात्पर्य समुद्री वातावरण में संचालित होने वाले या संचालित हो चुके किसी भी प्रकार के पोत और तैरती संरचना से है तथा इसमें पनडुब्बियां, तैरते शिल्प, तैरते प्लेटफार्म, स्व-उठाने वाले प्लेटफार्म, तैरती भंडारण इकाइयां और इसी प्रकार की वस्तुएं शामिल हैं;
(l) "जहाज स्वामी" से तात्पर्य है--
(i) कोई व्यक्ति या व्यक्तियों का संघ या व्यक्तियों का समूह या कोई कंपनी जो जहाज के स्वामी के रूप में पंजीकृत हो;
(ii) कोई संगठन या व्यक्ति जैसे प्रबंधक या बेयरबोट चार्टरर, जिसने जहाज के मालिक से जहाज के संचालन की जिम्मेदारी ग्रहण कर ली हो;
(iii) कोई कंपनी, जो संचालक के रूप में पंजीकृत है और सरकार के स्वामित्व वाले जहाज का संचालन कर रही है; या
(iv) कोई व्यक्ति या व्यक्तियों का संघ या कंपनी जो जहाज की बिक्री या जहाज पुनर्चक्रण सुविधा को सौंपे जाने तक सीमित अवधि के लिए जहाज का मालिक हो;
(m) "जहाज पुनर्चक्रणकर्ता" से तात्पर्य जहाज पुनर्चक्रण सुविधा के स्वामी या किसी अन्य संगठन या व्यक्ति से है जिसने जहाज पुनर्चक्रण सुविधा के संचालन की जिम्मेदारी ली है और जिसने इस अधिनियम द्वारा या इसके अंतर्गत लगाए गए सभी कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को संभालने के लिए सहमति दी है;
(n) "जहाज पुनर्चक्रण" का अर्थ है जहाज पुनर्चक्रण सुविधा में जहाज को अलग-अलग हिस्सों में बांटने की गतिविधि, ताकि पुनर्संसाधन और पुन: उपयोग के लिए घटक और सामग्री प्राप्त की जा सके, साथ ही खतरनाक और अन्य सामग्रियों का ध्यान रखा जा सके, और इसमें संबंधित संचालन जैसे कि साइट पर घटकों और सामग्रियों का भंडारण, उपचार शामिल है, लेकिन अलग-अलग सुविधाओं में उनका आगे प्रसंस्करण या निपटान शामिल नहीं है;
(ओ) "जहाज पुनर्चक्रण सुविधा" से तात्पर्य एक परिभाषित क्षेत्र से है जो जहाजों के पुनर्चक्रण के लिए उपयोग किया जाने वाला स्थल, यार्ड या सुविधा है और विनियमों द्वारा निर्दिष्ट आवश्यकताओं को पूरा करता है;
(पी) "जहाज पुनर्चक्रण योजना" से तात्पर्य जहाज पुनर्चक्रण सुविधा द्वारा किसी जहाज के लिए विकसित की गई ऐसी योजना से है, जिसका उद्देश्य ऐसे जहाज का सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल तरीके से पुनर्चक्रण करना है;
(q) "स्वीकृति का विवरण" से तात्पर्य धारा 20 की उपधारा (4) में निर्दिष्ट स्वीकृति के विवरण से है;
(आर) "पूर्णता विवरण" से तात्पर्य धारा 23 में निर्दिष्ट पूर्णता विवरण से है;
(एस) "सर्वेयर" से तात्पर्य व्यापारी जहाजरानी अधिनियम, 1958 की धारा 3 के खंड (48) के तहत परिभाषित सर्वेयर या केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित कोई अन्य व्यक्ति या व्यक्तियों का समूह है;
(टी) "श्रमिक" से तात्पर्य किसी ऐसे व्यक्ति से है जिसे प्रत्यक्ष रूप से या किसी एजेंसी (ठेकेदार सहित) के माध्यम से, प्रधान नियोक्ता की जानकारी के साथ या उसके बिना, पारिश्रमिक के साथ या बिना पारिश्रमिक के, किसी जहाज पुनर्चक्रण कार्य में, या जहाज पुनर्चक्रण के लिए उपयोग की जाने वाली मशीनरी या परिसर के किसी भाग की सफाई में, या जहाज पुनर्चक्रण से संबंधित या उससे जुड़े किसी अन्य प्रकार के कार्य में, या जहाज पुनर्चक्रण के विषय में नियोजित किया गया हो, लेकिन इसमें संघ के सशस्त्र बलों का कोई सदस्य शामिल नहीं है।
(2) इस अधिनियम में प्रयुक्त और परिभाषित न किए गए शब्द एवं अभिव्यक्तियाँ, परन्तु निम्नलिखित में परिभाषित हैं--
(i) विस्फोटक अधिनियम, 1884 (1884 का 4);
(ii) अंतर्देशीय पोत अधिनियम, 1917 (1 ऑफ 1917);
(iii) पेट्रोलियम अधिनियम, 1934 (30 ऑफ 1934);
(iv) कारखाना अधिनियम, 1948 (1948 का 63);
(v) व्यापारी जहाजरानी अधिनियम, 1958 (1958 का 44);
(vi) परमाणु ऊर्जा अधिनियम, 1962 (33 ऑफ 1962);
(vii) वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 (1972 का 53);
(viii) जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 (1974 का 6);
(ix) प्रादेशिक जल, महाद्वीपीय शेल्फ, अनन्य आर्थिक क्षेत्र और अन्य समुद्री क्षेत्र अधिनियम, 1976 (1976 का 80);
(x) वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980 (1980 का 69);
(xi) वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 (14 ऑफ 1981);
(xii) पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 (29 ऑफ 1986),
इन अधिनियमों में इन्हें जो अर्थ दिए गए हैं, वही अर्थ इन अधिनियमों में भी होंगे।
(क) "प्रशासन" से तात्पर्य उस देश की सरकार से है जिसका ध्वज फहराने का जहाज हकदार है, या जिसके अधिकार के अधीन वह संचालित हो रहा है;
(ख) "जहाज पुनर्चक्रण सुविधा के प्राधिकरण का प्रमाण पत्र" से तात्पर्य धारा 12 की उपधारा (6) में निर्दिष्ट प्रमाण पत्र से है;
(ग) "खतरनाक सामग्रियों की सूची पर प्रमाण पत्र" से तात्पर्य धारा 8 में निर्दिष्ट प्रमाण पत्र से है;
(घ) "सक्षम प्राधिकारी" से तात्पर्य ऐसे प्राधिकारी से है जिसे केंद्र सरकार द्वारा धारा 4 के अंतर्गत नामित किया गया हो;
(ई) "खतरनाक पदार्थ" से तात्पर्य किसी भी ऐसे पदार्थ या सामग्री से है, जो मनुष्यों, अन्य जीवित प्राणियों, पौधों, सूक्ष्मजीवों, संपत्ति या पर्यावरण को नुकसान पहुँचाने की संभावना रखता हो;
(f) "राष्ट्रीय प्राधिकरण" से तात्पर्य ऐसे प्राधिकरण से है जिसे केंद्र सरकार द्वारा धारा 3 के अंतर्गत नामित किया गया हो;
(जी) "अधिसूचना" से तात्पर्य राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना से है तथा "अधिसूचित करना" या "अधिसूचित किया गया" शब्दों का अर्थ तदनुसार समझा जाएगा;
(h) “निर्धारित” से तात्पर्य इस अधिनियम के अंतर्गत बनाए गए नियमों द्वारा निर्धारित से है;
(i) "पुनर्चक्रण के लिए तैयार प्रमाण पत्र" से तात्पर्य धारा 16 में निर्दिष्ट प्रमाण पत्र से है;
(j) "विनियम" से तात्पर्य इस अधिनियम के अंतर्गत राष्ट्रीय प्राधिकरण द्वारा बनाए गए विनियमों से है;
(k) "जहाज" से तात्पर्य समुद्री वातावरण में संचालित होने वाले या संचालित हो चुके किसी भी प्रकार के पोत और तैरती संरचना से है तथा इसमें पनडुब्बियां, तैरते शिल्प, तैरते प्लेटफार्म, स्व-उठाने वाले प्लेटफार्म, तैरती भंडारण इकाइयां और इसी प्रकार की वस्तुएं शामिल हैं;
(l) "जहाज स्वामी" से तात्पर्य है--
(i) कोई व्यक्ति या व्यक्तियों का संघ या व्यक्तियों का समूह या कोई कंपनी जो जहाज के स्वामी के रूप में पंजीकृत हो;
(ii) कोई संगठन या व्यक्ति जैसे प्रबंधक या बेयरबोट चार्टरर, जिसने जहाज के मालिक से जहाज के संचालन की जिम्मेदारी ग्रहण कर ली हो;
(iii) कोई कंपनी, जो संचालक के रूप में पंजीकृत है और सरकार के स्वामित्व वाले जहाज का संचालन कर रही है; या
(iv) कोई व्यक्ति या व्यक्तियों का संघ या कंपनी जो जहाज की बिक्री या जहाज पुनर्चक्रण सुविधा को सौंपे जाने तक सीमित अवधि के लिए जहाज का मालिक हो;
(m) "जहाज पुनर्चक्रणकर्ता" से तात्पर्य जहाज पुनर्चक्रण सुविधा के स्वामी या किसी अन्य संगठन या व्यक्ति से है जिसने जहाज पुनर्चक्रण सुविधा के संचालन की जिम्मेदारी ली है और जिसने इस अधिनियम द्वारा या इसके अंतर्गत लगाए गए सभी कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को संभालने के लिए सहमति दी है;
(n) "जहाज पुनर्चक्रण" का अर्थ है जहाज पुनर्चक्रण सुविधा में जहाज को अलग-अलग हिस्सों में बांटने की गतिविधि, ताकि पुनर्संसाधन और पुन: उपयोग के लिए घटक और सामग्री प्राप्त की जा सके, साथ ही खतरनाक और अन्य सामग्रियों का ध्यान रखा जा सके, और इसमें संबंधित संचालन जैसे कि साइट पर घटकों और सामग्रियों का भंडारण, उपचार शामिल है, लेकिन अलग-अलग सुविधाओं में उनका आगे प्रसंस्करण या निपटान शामिल नहीं है;
(ओ) "जहाज पुनर्चक्रण सुविधा" से तात्पर्य एक परिभाषित क्षेत्र से है जो जहाजों के पुनर्चक्रण के लिए उपयोग किया जाने वाला स्थल, यार्ड या सुविधा है और विनियमों द्वारा निर्दिष्ट आवश्यकताओं को पूरा करता है;
(पी) "जहाज पुनर्चक्रण योजना" से तात्पर्य जहाज पुनर्चक्रण सुविधा द्वारा किसी जहाज के लिए विकसित की गई ऐसी योजना से है, जिसका उद्देश्य ऐसे जहाज का सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल तरीके से पुनर्चक्रण करना है;
(q) "स्वीकृति का विवरण" से तात्पर्य धारा 20 की उपधारा (4) में निर्दिष्ट स्वीकृति के विवरण से है;
(आर) "पूर्णता विवरण" से तात्पर्य धारा 23 में निर्दिष्ट पूर्णता विवरण से है;
(एस) "सर्वेयर" से तात्पर्य व्यापारी जहाजरानी अधिनियम, 1958 की धारा 3 के खंड (48) के तहत परिभाषित सर्वेयर या केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित कोई अन्य व्यक्ति या व्यक्तियों का समूह है;
(टी) "श्रमिक" से तात्पर्य किसी ऐसे व्यक्ति से है जिसे प्रत्यक्ष रूप से या किसी एजेंसी (ठेकेदार सहित) के माध्यम से, प्रधान नियोक्ता की जानकारी के साथ या उसके बिना, पारिश्रमिक के साथ या बिना पारिश्रमिक के, किसी जहाज पुनर्चक्रण कार्य में, या जहाज पुनर्चक्रण के लिए उपयोग की जाने वाली मशीनरी या परिसर के किसी भाग की सफाई में, या जहाज पुनर्चक्रण से संबंधित या उससे जुड़े किसी अन्य प्रकार के कार्य में, या जहाज पुनर्चक्रण के विषय में नियोजित किया गया हो, लेकिन इसमें संघ के सशस्त्र बलों का कोई सदस्य शामिल नहीं है।
(2) इस अधिनियम में प्रयुक्त और परिभाषित न किए गए शब्द एवं अभिव्यक्तियाँ, परन्तु निम्नलिखित में परिभाषित हैं--
(i) विस्फोटक अधिनियम, 1884 (1884 का 4);
(ii) अंतर्देशीय पोत अधिनियम, 1917 (1 ऑफ 1917);
(iii) पेट्रोलियम अधिनियम, 1934 (30 ऑफ 1934);
(iv) कारखाना अधिनियम, 1948 (1948 का 63);
(v) व्यापारी जहाजरानी अधिनियम, 1958 (1958 का 44);
(vi) परमाणु ऊर्जा अधिनियम, 1962 (33 ऑफ 1962);
(vii) वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 (1972 का 53);
(viii) जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 (1974 का 6);
(ix) प्रादेशिक जल, महाद्वीपीय शेल्फ, अनन्य आर्थिक क्षेत्र और अन्य समुद्री क्षेत्र अधिनियम, 1976 (1976 का 80);
(x) वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980 (1980 का 69);
(xi) वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 (14 ऑफ 1981);
(xii) पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 (29 ऑफ 1986),
इन अधिनियमों में इन्हें जो अर्थ दिए गए हैं, वही अर्थ इन अधिनियमों में भी होंगे।
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