RS Act 31अध्याय IX · Offences, Penalties and Compensation
धारा 31 · अधिनियम या नियमों या विनियमों के प्रावधानों के उल्लंघन के लिए दंड।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) जो कोई भी इस अधिनियम या इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों या विनियमों के प्रावधानों के उल्लंघन में किसी जहाज में कोई निषिद्ध खतरनाक सामग्री स्थापित करता है या उसका उपयोग करता है, उसे तीन महीने तक के कारावास या पाँच लाख रुपये तक के जुर्माने या दोनों से दंडित किया जाएगा।
(2) जो कोई धारा 12 के प्रावधानों का उल्लंघन करेगा, उसे एक वर्ष तक के कारावास या दस लाख रुपये तक के जुर्माने या दोनों से दंडित किया जाएगा।
(3) जो कोई धारा 17 की उपधारा (1) के प्रावधानों का उल्लंघन करेगा, उसे एक वर्ष तक के कारावास या दस लाख रुपये तक के जुर्माने या दोनों से दंडित किया जाएगा।
(4) जो कोई धारा 18 की उपधारा (1) के प्रावधानों का उल्लंघन करेगा, उसे एक वर्ष तक के कारावास या दस लाख रुपये तक के जुर्माने या दोनों से दंडित किया जाएगा।
(5) जो कोई भी नियमों के अनुसार किसी जहाज से किसी भी खतरनाक सामग्री को सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल तरीके से हटाने और प्रबंधन सुनिश्चित करने में विफल रहता है, उसे छह महीने तक की कैद या पांच लाख रुपये तक के जुर्माने या दोनों से दंडित किया जाएगा।
(6) धारा 22 की उपधारा (2) के तहत तेल रिसाव के लिए जारी नोटिस का उत्तर देने में जो कोई भी विफल रहता है, वह दंडनीय होगा--
(i) प्रथम नोटिस जारी होने के बारह घंटे के भीतर प्रतिक्रिया न देने की स्थिति में पांच लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है;
(ii) द्वितीय नोटिस जारी होने के चौबीस घंटे के भीतर उत्तर न देने की स्थिति में दस लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है; और
(iii) तीसरे नोटिस जारी होने के चौबीस घंटे के बाद भी जवाब न देने की स्थिति में तीन महीने तक की कैद और दस लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
(2) जो कोई धारा 12 के प्रावधानों का उल्लंघन करेगा, उसे एक वर्ष तक के कारावास या दस लाख रुपये तक के जुर्माने या दोनों से दंडित किया जाएगा।
(3) जो कोई धारा 17 की उपधारा (1) के प्रावधानों का उल्लंघन करेगा, उसे एक वर्ष तक के कारावास या दस लाख रुपये तक के जुर्माने या दोनों से दंडित किया जाएगा।
(4) जो कोई धारा 18 की उपधारा (1) के प्रावधानों का उल्लंघन करेगा, उसे एक वर्ष तक के कारावास या दस लाख रुपये तक के जुर्माने या दोनों से दंडित किया जाएगा।
(5) जो कोई भी नियमों के अनुसार किसी जहाज से किसी भी खतरनाक सामग्री को सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल तरीके से हटाने और प्रबंधन सुनिश्चित करने में विफल रहता है, उसे छह महीने तक की कैद या पांच लाख रुपये तक के जुर्माने या दोनों से दंडित किया जाएगा।
(6) धारा 22 की उपधारा (2) के तहत तेल रिसाव के लिए जारी नोटिस का उत्तर देने में जो कोई भी विफल रहता है, वह दंडनीय होगा--
(i) प्रथम नोटिस जारी होने के बारह घंटे के भीतर प्रतिक्रिया न देने की स्थिति में पांच लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है;
(ii) द्वितीय नोटिस जारी होने के चौबीस घंटे के भीतर उत्तर न देने की स्थिति में दस लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है; और
(iii) तीसरे नोटिस जारी होने के चौबीस घंटे के बाद भी जवाब न देने की स्थिति में तीन महीने तक की कैद और दस लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
अपराध एक नज़र में
- अधिकतम दंड
- 1 वर्ष
- जुर्माना
- ₹10,00,000
- संज्ञेय
- असंज्ञेय
- जमानतीय
- जमानतीय
- विचारण न्यायालय
- कोई भी मजिस्ट्रेट
- असंज्ञेय — पुलिस बिना मजिस्ट्रेट की अनुमति के जाँच नहीं कर सकती
- जमानतीय — जमानत आपका अधिकार है — थाने से भी मिल सकती है
इस धारा की अलग-अलग उपधाराओं में अलग दंड हैं; यहाँ अधिकतम दिखाया गया है।
प्रथम अनुसूची भाग II के नियम से निकाला गया — धारावार सूचीबद्ध नहीं
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