RS Act 1अध्याय I · Preliminary
धारा 1 · संक्षिप्त शीर्षक, प्रारंभ और आवेदन।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) इस अधिनियम को जहाजों के पुनर्चक्रण अधिनियम, 2019 कहा जा सकता है।
(2) यह अधिनियम ऐसी तिथि 1 से लागू होगा जिसे केंद्र सरकार आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा नियुक्त करे तथा इस अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के लिए अलग-अलग तिथियां नियुक्त की जा सकती हैं और किसी भी ऐसे प्रावधान में इस अधिनियम के प्रारंभ होने के संदर्भ को उस प्रावधान के लागू होने के संदर्भ के रूप में समझा जाएगा।
(3) जब तक कि स्पष्ट रूप से अन्यथा प्रावधान न किया गया हो, इस अधिनियम के प्रावधान निम्नलिखित पर लागू होंगे---
(क) कोई भी मौजूदा जहाज जो भारत में पंजीकृत है, चाहे वह कहीं भी हो;
(ख) कोई भी नया जहाज जिसे भारत में पंजीकृत कराना आवश्यक है, चाहे वह कहीं भी हो;
(ग) खंड (क) और (ख) में निर्दिष्ट जहाजों के अलावा, जो भारत में किसी बंदरगाह, शिपयार्ड या अपतटीय टर्मिनल या किसी स्थान में या भारत के अनन्य आर्थिक क्षेत्र या प्रादेशिक जल में या उससे सटे किसी समुद्री क्षेत्र में प्रवेश करते हैं, जिस पर भारत को प्रादेशिक जल, महाद्वीपीय शेल्फ, अनन्य आर्थिक क्षेत्र और अन्य समुद्री क्षेत्र अधिनियम, 1976 या उस समय लागू किसी अन्य कानून के प्रावधानों के तहत प्रदूषण नियंत्रण के संबंध में अनन्य अधिकार क्षेत्र प्राप्त है या हो सकता है;
(घ) किसी प्रशासन के स्वामित्व या संचालन वाला कोई युद्धपोत, नौसैनिक सहायक पोत या अन्य पोत, जिसका उपयोग सरकारी गैर-वाणिज्यिक सेवा में किया जाता है, और जिसे भारत के प्रादेशिक क्षेत्राधिकार में या उसके भीतर संचालित किसी पोत पुनर्चक्रण सुविधा में पुनर्चक्रण के लिए भेजा जाना है; और
(ई) भारत में या भारत के अनन्य प्रादेशिक क्षेत्राधिकार के अंतर्गत आने वाले किसी भी क्षेत्र में संचालित जहाज पुनर्चक्रण सुविधाएं।
(2) यह अधिनियम ऐसी तिथि 1 से लागू होगा जिसे केंद्र सरकार आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा नियुक्त करे तथा इस अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के लिए अलग-अलग तिथियां नियुक्त की जा सकती हैं और किसी भी ऐसे प्रावधान में इस अधिनियम के प्रारंभ होने के संदर्भ को उस प्रावधान के लागू होने के संदर्भ के रूप में समझा जाएगा।
(3) जब तक कि स्पष्ट रूप से अन्यथा प्रावधान न किया गया हो, इस अधिनियम के प्रावधान निम्नलिखित पर लागू होंगे---
(क) कोई भी मौजूदा जहाज जो भारत में पंजीकृत है, चाहे वह कहीं भी हो;
(ख) कोई भी नया जहाज जिसे भारत में पंजीकृत कराना आवश्यक है, चाहे वह कहीं भी हो;
(ग) खंड (क) और (ख) में निर्दिष्ट जहाजों के अलावा, जो भारत में किसी बंदरगाह, शिपयार्ड या अपतटीय टर्मिनल या किसी स्थान में या भारत के अनन्य आर्थिक क्षेत्र या प्रादेशिक जल में या उससे सटे किसी समुद्री क्षेत्र में प्रवेश करते हैं, जिस पर भारत को प्रादेशिक जल, महाद्वीपीय शेल्फ, अनन्य आर्थिक क्षेत्र और अन्य समुद्री क्षेत्र अधिनियम, 1976 या उस समय लागू किसी अन्य कानून के प्रावधानों के तहत प्रदूषण नियंत्रण के संबंध में अनन्य अधिकार क्षेत्र प्राप्त है या हो सकता है;
(घ) किसी प्रशासन के स्वामित्व या संचालन वाला कोई युद्धपोत, नौसैनिक सहायक पोत या अन्य पोत, जिसका उपयोग सरकारी गैर-वाणिज्यिक सेवा में किया जाता है, और जिसे भारत के प्रादेशिक क्षेत्राधिकार में या उसके भीतर संचालित किसी पोत पुनर्चक्रण सुविधा में पुनर्चक्रण के लिए भेजा जाना है; और
(ई) भारत में या भारत के अनन्य प्रादेशिक क्षेत्राधिकार के अंतर्गत आने वाले किसी भी क्षेत्र में संचालित जहाज पुनर्चक्रण सुविधाएं।
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