LLP Act 79अध्याय XIV · Miscellaneous
धारा 79 · नियम बनाने की शक्ति।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) केंद्र सरकार आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा इस अधिनियम के प्रावधानों को लागू करने के लिए नियम बना सकती है।
(2) विशेष रूप से, और पूर्वोक्त शक्ति की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, ऐसे नियम निम्नलिखित सभी या किसी भी मामले के लिए प्रावधान कर सकते हैं, अर्थात्:--
1 [(क) धारा 2 के खंड (ता) के उपखंड (i) और (ii) के अधीन ऐसी उच्च राशि का अंशदान;
(अ) धारा 2 के खंड (ता) के अधीन सीमित देयता भागीदारी के वर्ग या वर्गों द्वारा पूरी की जाने वाली शर्तें और नियम;
(ख) धारा 7 की उपधारा (3) के अधीन नामित भागीदार द्वारा दी जाने वाली पूर्व सहमति का प्रपत्र एवं तरीका;]
(ख) धारा 7 की उपधारा (4) के अधीन सीमित देयता साझेदारी के नामित भागीदार के रूप में कार्य करने के लिए सहमत होने वाले प्रत्येक व्यक्ति के विवरण का प्रपत्र और तरीका;
(ग) धारा 7 की उपधारा (5) के अधीन किसी व्यक्ति के नामित भागीदार बनने की पात्रता से संबंधित शर्तें एवं आवश्यकताएँ;
(घ) निगमन दस्तावेज दाखिल करने का तरीका और धारा 11 की उपधारा (1) के खंड (ख) के तहत देय शुल्क का भुगतान;
(ई) धारा 11 की उपधारा (1) के खंड (सी) के तहत दाखिल किए जाने वाले विवरण का प्रारूप;
(f) धारा 11 की उपधारा (2) के खंड (क) के अधीन निगमन दस्तावेज का प्रारूप;
(जी) धारा 11 की उपधारा (2) के खंड (जी) के अधीन प्रस्तावित सीमित देयता साझेदारी के संबंध में निगमन दस्तावेज में निहित की जाने वाली जानकारी;
(h) किसी सीमित देयता साझेदारी या किसी साझेदार या नामित साझेदार पर दस्तावेजों की तामील करने का तरीका और वह प्रपत्र एवं तरीका जिससे सीमित देयता साझेदारी द्वारा धारा 13 की उपधारा (2) के तहत कोई अन्य पता घोषित किया जा सकता है;
(i) रजिस्ट्रार को सूचना देने का प्रपत्र और तरीका तथा धारा 13 की उपधारा (3) के अधीन पंजीकृत कार्यालय में परिवर्तन के संबंध में शर्तें;
(j) धारा 16 की उपधारा (1) के अधीन रजिस्ट्रार को देय आवेदन का प्रपत्र और तरीका तथा शुल्क की राशि;
(k) धारा 16 की उपधारा (2) के अधीन रजिस्ट्रार द्वारा नामों को आरक्षित करने का तरीका;
1 [(क) धारा 17 की उपधारा (3) के अधीन सीमित देयता साझेदारी को नया नाम आवंटित करने का तरीका;]
(l) धारा 18 की उपधारा (1) के अंतर्गत किसी संस्था द्वारा आवेदन करने का तरीका;
(m) सीमित देयता साझेदारी के नाम परिवर्तन की सूचना का प्रपत्र और तरीका तथा धारा 19 के अंतर्गत देय शुल्क की राशि;
(n) सीमित देयता भागीदारी समझौते का स्वरूप और तरीका तथा उसमें किए गए परिवर्तन और धारा 23 की उपधारा (2) के अधीन देय शुल्क की राशि;
(ओ) नोटिस का प्रारूप, देय शुल्क की राशि और धारा 25 की उपधारा (3) के खंड (क) , (ख) और (ग) के तहत विवरण के प्रमाणीकरण का तरीका;
(पी) धारा 32 की उपधारा (2) के अधीन साझेदार के अंशदान के मौद्रिक मूल्य के लेखांकन और प्रकटीकरण का तरीका;
(q) लेखा-पुस्तकें और धारा 34 की उपधारा (1) के अधीन उनके रखरखाव की अवधि;
(आर) धारा 34 की उपधारा (2) के अधीन लेखा एवं दिवालियापन विवरण का प्रपत्र;
(एस) धारा 34 की उपधारा (3) के अधीन खाता एवं दिवालियापन विवरण दाखिल करने का प्रपत्र, तरीका, शुल्क एवं समय;
(टी) धारा 34 की उपधारा (4) के अधीन सीमित देयता साझेदारी के खातों का लेखापरीक्षा;
2 [(ता) धारा 34ए के अधीन लेखांकन और लेखापरीक्षा के मानक;]
(u) धारा 35 की उपधारा (1) के तहत देय वार्षिक रिटर्न का प्रपत्र और तरीका;
(v) निगमन दस्तावेज़, साझेदारों के नाम और उसमें किए गए परिवर्तन, लेखा विवरण और दिवालियापन तथा धारा 36 के अंतर्गत वार्षिक विवरण के निरीक्षण के लिए देय शुल्क का तरीका और राशि;
(w) धारा 40 के तहत रजिस्ट्रार द्वारा किसी भी रूप में दस्तावेजों का विनाश;
(x) धारा 43 की उपधारा (3) के खंड (क) के अधीन सुरक्षा के रूप में आवश्यक राशि;
(y) धारा 44 के अधीन दी जाने वाली सुरक्षा राशि;
(ज़) धारा 49 की उपधारा (2) के खंड (ख) के अधीन प्रतिलिपि उपलब्ध कराने के लिए देय शुल्क;
(ज़) धारा 54 के तहत निरीक्षक की रिपोर्ट के प्रमाणीकरण का तरीका;
(ज़ेडबी) धारा 58 की उपधारा (1) के परंतुक के अधीन रूपांतरण के संबंध में विवरणों का प्रपत्र एवं तरीका;
(जेडसी) विदेशी सीमित देयता भागीदारी द्वारा भारत में व्यवसाय स्थल की स्थापना और व्यवसाय संचालन के संबंध में तथा धारा 59 के अंतर्गत विनियामक तंत्र और संरचना;
(घ) धारा 60 की उपधारा (1) के अधीन बैठक बुलाने, आयोजित करने और संचालित करने का तरीका;
(ze) धारा 65 के तहत सीमित देयता साझेदारी के समापन और विघटन के संबंध में;
(जेडएफ) धारा 68 की उपधारा (1) के तहत इलेक्ट्रॉनिक रूप से दस्तावेज दाखिल करने का तरीका और शर्तें;
1 [(जेडएफए) रजिस्ट्रारों द्वारा धारा 68ए की उपधारा (3) के अधीन निर्वहन की जाने वाली शक्तियां और कर्तव्य तथा उनकी सेवा की शर्तें एवं नियम;
(जेडएफबी) दस्तावेज या रिटर्न दाखिल करने के लिए अतिरिक्त शुल्क का भुगतान और धारा 69 के तहत अलग शुल्क या अतिरिक्त शुल्क का भुगतान;
(जेडएफसी) धारा 72 की उपधारा (3) के तहत अपील दाखिल करने के लिए प्रपत्र और शुल्क;]
(zg) धारा 75 के तहत रजिस्टर से सीमित देयता भागीदारी के नाम हटाने का तरीका;
1 [(जेडजीए) धारा 76ए की उपधारा (1) के तहत दंड का निर्धारण करने के लिए निर्णय अधिकारी नियुक्त करने का तरीका;
(जेडजीबी) धारा 76ए की उपधारा (6) के तहत निर्णय अधिकारी द्वारा दिए गए आदेश के विरुद्ध अपील दाखिल करने का प्रपत्र, तरीका और शुल्क;]
(zh) द्वितीय अनुसूची के अनुच्छेद 4 के उप-अनुच्छेद (क) के अंतर्गत देय शुल्क के विवरण और राशि से संबंधित विवरण का प्रपत्र और तरीका;
(zi) द्वितीय अनुसूची के अनुच्छेद 5 के परंतुक के अधीन रूपांतरण के संबंध में विवरणों का रूप और तरीका;
(जेडजे) विवरण का स्वरूप और तरीका तथा तीसरी अनुसूची के अनुच्छेद 3 के उप-अनुच्छेद (ए) के अंतर्गत देय शुल्क की राशि;
(जेडके) तीसरी अनुसूची के अनुच्छेद 4 के परंतुक के अधीन रूपांतरण के संबंध में विवरणों का रूप और तरीका;
(zl) चौथी अनुसूची के अनुच्छेद 4 के उप-अनुच्छेद (क) के अंतर्गत देय शुल्क के विवरण और राशि का प्रारूप और तरीका; 3 ***
(जेडएम) चौथी अनुसूची के अनुच्छेद 5 के परंतुक के तहत रूपांतरण के बारे में विवरण का रूप और तरीका।
2 [(जेडएन) कोई अन्य मामला जिसे निर्धारित किया जाना है, या किया जा सकता है, या जिसके संबंध में नियमों द्वारा प्रावधान किया जाना है।]
(3) केंद्र सरकार द्वारा इस अधिनियम के अंतर्गत बनाया गया प्रत्येक नियम, बनाए जाने के तुरंत बाद, संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष, जब वह सत्र में हो, कुल तीस दिनों की अवधि के लिए रखा जाएगा, जो एक सत्र या दो या दो से अधिक लगातार सत्रों में समाहित हो सकती है, और यदि उपर्युक्त सत्र या लगातार सत्रों के तुरंत बाद वाले सत्र की समाप्ति से पहले, दोनों सदन नियम में कोई संशोधन करने पर सहमत हों, या दोनों सदन इस बात पर सहमत हों कि नियम नहीं बनाया जाना चाहिए, तो नियम इसके बाद केवल ऐसे संशोधित रूप में प्रभावी होगा या अप्रभावी होगा, जैसा भी मामला हो; यद्यपि, ऐसा कोई भी संशोधन या निरस्तीकरण उस नियम के अंतर्गत पहले किए गए किसी भी कार्य की वैधता पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं डालेगा।
(2) विशेष रूप से, और पूर्वोक्त शक्ति की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, ऐसे नियम निम्नलिखित सभी या किसी भी मामले के लिए प्रावधान कर सकते हैं, अर्थात्:--
1 [(क) धारा 2 के खंड (ता) के उपखंड (i) और (ii) के अधीन ऐसी उच्च राशि का अंशदान;
(अ) धारा 2 के खंड (ता) के अधीन सीमित देयता भागीदारी के वर्ग या वर्गों द्वारा पूरी की जाने वाली शर्तें और नियम;
(ख) धारा 7 की उपधारा (3) के अधीन नामित भागीदार द्वारा दी जाने वाली पूर्व सहमति का प्रपत्र एवं तरीका;]
(ख) धारा 7 की उपधारा (4) के अधीन सीमित देयता साझेदारी के नामित भागीदार के रूप में कार्य करने के लिए सहमत होने वाले प्रत्येक व्यक्ति के विवरण का प्रपत्र और तरीका;
(ग) धारा 7 की उपधारा (5) के अधीन किसी व्यक्ति के नामित भागीदार बनने की पात्रता से संबंधित शर्तें एवं आवश्यकताएँ;
(घ) निगमन दस्तावेज दाखिल करने का तरीका और धारा 11 की उपधारा (1) के खंड (ख) के तहत देय शुल्क का भुगतान;
(ई) धारा 11 की उपधारा (1) के खंड (सी) के तहत दाखिल किए जाने वाले विवरण का प्रारूप;
(f) धारा 11 की उपधारा (2) के खंड (क) के अधीन निगमन दस्तावेज का प्रारूप;
(जी) धारा 11 की उपधारा (2) के खंड (जी) के अधीन प्रस्तावित सीमित देयता साझेदारी के संबंध में निगमन दस्तावेज में निहित की जाने वाली जानकारी;
(h) किसी सीमित देयता साझेदारी या किसी साझेदार या नामित साझेदार पर दस्तावेजों की तामील करने का तरीका और वह प्रपत्र एवं तरीका जिससे सीमित देयता साझेदारी द्वारा धारा 13 की उपधारा (2) के तहत कोई अन्य पता घोषित किया जा सकता है;
(i) रजिस्ट्रार को सूचना देने का प्रपत्र और तरीका तथा धारा 13 की उपधारा (3) के अधीन पंजीकृत कार्यालय में परिवर्तन के संबंध में शर्तें;
(j) धारा 16 की उपधारा (1) के अधीन रजिस्ट्रार को देय आवेदन का प्रपत्र और तरीका तथा शुल्क की राशि;
(k) धारा 16 की उपधारा (2) के अधीन रजिस्ट्रार द्वारा नामों को आरक्षित करने का तरीका;
1 [(क) धारा 17 की उपधारा (3) के अधीन सीमित देयता साझेदारी को नया नाम आवंटित करने का तरीका;]
(l) धारा 18 की उपधारा (1) के अंतर्गत किसी संस्था द्वारा आवेदन करने का तरीका;
(m) सीमित देयता साझेदारी के नाम परिवर्तन की सूचना का प्रपत्र और तरीका तथा धारा 19 के अंतर्गत देय शुल्क की राशि;
(n) सीमित देयता भागीदारी समझौते का स्वरूप और तरीका तथा उसमें किए गए परिवर्तन और धारा 23 की उपधारा (2) के अधीन देय शुल्क की राशि;
(ओ) नोटिस का प्रारूप, देय शुल्क की राशि और धारा 25 की उपधारा (3) के खंड (क) , (ख) और (ग) के तहत विवरण के प्रमाणीकरण का तरीका;
(पी) धारा 32 की उपधारा (2) के अधीन साझेदार के अंशदान के मौद्रिक मूल्य के लेखांकन और प्रकटीकरण का तरीका;
(q) लेखा-पुस्तकें और धारा 34 की उपधारा (1) के अधीन उनके रखरखाव की अवधि;
(आर) धारा 34 की उपधारा (2) के अधीन लेखा एवं दिवालियापन विवरण का प्रपत्र;
(एस) धारा 34 की उपधारा (3) के अधीन खाता एवं दिवालियापन विवरण दाखिल करने का प्रपत्र, तरीका, शुल्क एवं समय;
(टी) धारा 34 की उपधारा (4) के अधीन सीमित देयता साझेदारी के खातों का लेखापरीक्षा;
2 [(ता) धारा 34ए के अधीन लेखांकन और लेखापरीक्षा के मानक;]
(u) धारा 35 की उपधारा (1) के तहत देय वार्षिक रिटर्न का प्रपत्र और तरीका;
(v) निगमन दस्तावेज़, साझेदारों के नाम और उसमें किए गए परिवर्तन, लेखा विवरण और दिवालियापन तथा धारा 36 के अंतर्गत वार्षिक विवरण के निरीक्षण के लिए देय शुल्क का तरीका और राशि;
(w) धारा 40 के तहत रजिस्ट्रार द्वारा किसी भी रूप में दस्तावेजों का विनाश;
(x) धारा 43 की उपधारा (3) के खंड (क) के अधीन सुरक्षा के रूप में आवश्यक राशि;
(y) धारा 44 के अधीन दी जाने वाली सुरक्षा राशि;
(ज़) धारा 49 की उपधारा (2) के खंड (ख) के अधीन प्रतिलिपि उपलब्ध कराने के लिए देय शुल्क;
(ज़) धारा 54 के तहत निरीक्षक की रिपोर्ट के प्रमाणीकरण का तरीका;
(ज़ेडबी) धारा 58 की उपधारा (1) के परंतुक के अधीन रूपांतरण के संबंध में विवरणों का प्रपत्र एवं तरीका;
(जेडसी) विदेशी सीमित देयता भागीदारी द्वारा भारत में व्यवसाय स्थल की स्थापना और व्यवसाय संचालन के संबंध में तथा धारा 59 के अंतर्गत विनियामक तंत्र और संरचना;
(घ) धारा 60 की उपधारा (1) के अधीन बैठक बुलाने, आयोजित करने और संचालित करने का तरीका;
(ze) धारा 65 के तहत सीमित देयता साझेदारी के समापन और विघटन के संबंध में;
(जेडएफ) धारा 68 की उपधारा (1) के तहत इलेक्ट्रॉनिक रूप से दस्तावेज दाखिल करने का तरीका और शर्तें;
1 [(जेडएफए) रजिस्ट्रारों द्वारा धारा 68ए की उपधारा (3) के अधीन निर्वहन की जाने वाली शक्तियां और कर्तव्य तथा उनकी सेवा की शर्तें एवं नियम;
(जेडएफबी) दस्तावेज या रिटर्न दाखिल करने के लिए अतिरिक्त शुल्क का भुगतान और धारा 69 के तहत अलग शुल्क या अतिरिक्त शुल्क का भुगतान;
(जेडएफसी) धारा 72 की उपधारा (3) के तहत अपील दाखिल करने के लिए प्रपत्र और शुल्क;]
(zg) धारा 75 के तहत रजिस्टर से सीमित देयता भागीदारी के नाम हटाने का तरीका;
1 [(जेडजीए) धारा 76ए की उपधारा (1) के तहत दंड का निर्धारण करने के लिए निर्णय अधिकारी नियुक्त करने का तरीका;
(जेडजीबी) धारा 76ए की उपधारा (6) के तहत निर्णय अधिकारी द्वारा दिए गए आदेश के विरुद्ध अपील दाखिल करने का प्रपत्र, तरीका और शुल्क;]
(zh) द्वितीय अनुसूची के अनुच्छेद 4 के उप-अनुच्छेद (क) के अंतर्गत देय शुल्क के विवरण और राशि से संबंधित विवरण का प्रपत्र और तरीका;
(zi) द्वितीय अनुसूची के अनुच्छेद 5 के परंतुक के अधीन रूपांतरण के संबंध में विवरणों का रूप और तरीका;
(जेडजे) विवरण का स्वरूप और तरीका तथा तीसरी अनुसूची के अनुच्छेद 3 के उप-अनुच्छेद (ए) के अंतर्गत देय शुल्क की राशि;
(जेडके) तीसरी अनुसूची के अनुच्छेद 4 के परंतुक के अधीन रूपांतरण के संबंध में विवरणों का रूप और तरीका;
(zl) चौथी अनुसूची के अनुच्छेद 4 के उप-अनुच्छेद (क) के अंतर्गत देय शुल्क के विवरण और राशि का प्रारूप और तरीका; 3 ***
(जेडएम) चौथी अनुसूची के अनुच्छेद 5 के परंतुक के तहत रूपांतरण के बारे में विवरण का रूप और तरीका।
2 [(जेडएन) कोई अन्य मामला जिसे निर्धारित किया जाना है, या किया जा सकता है, या जिसके संबंध में नियमों द्वारा प्रावधान किया जाना है।]
(3) केंद्र सरकार द्वारा इस अधिनियम के अंतर्गत बनाया गया प्रत्येक नियम, बनाए जाने के तुरंत बाद, संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष, जब वह सत्र में हो, कुल तीस दिनों की अवधि के लिए रखा जाएगा, जो एक सत्र या दो या दो से अधिक लगातार सत्रों में समाहित हो सकती है, और यदि उपर्युक्त सत्र या लगातार सत्रों के तुरंत बाद वाले सत्र की समाप्ति से पहले, दोनों सदन नियम में कोई संशोधन करने पर सहमत हों, या दोनों सदन इस बात पर सहमत हों कि नियम नहीं बनाया जाना चाहिए, तो नियम इसके बाद केवल ऐसे संशोधित रूप में प्रभावी होगा या अप्रभावी होगा, जैसा भी मामला हो; यद्यपि, ऐसा कोई भी संशोधन या निरस्तीकरण उस नियम के अंतर्गत पहले किए गए किसी भी कार्य की वैधता पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं डालेगा।
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