LLP Act 46अध्याय IX · Investigation
धारा 46 · निरीक्षकों को संबंधित संस्थाओं आदि के मामलों की जांच करने का अधिकार।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) यदि केंद्र सरकार द्वारा किसी सीमित देयता साझेदारी के मामलों की जांच के लिए नियुक्त निरीक्षक को अपनी जांच के प्रयोजनों के लिए यह आवश्यक लगता है कि वह किसी ऐसी इकाई के मामलों की भी जांच करे जो अतीत में सीमित देयता साझेदारी से जुड़ी रही हो या वर्तमान में जुड़ी हो, या सीमित देयता साझेदारी के किसी वर्तमान या पूर्व साझेदार या नामित साझेदार की जांच करे, तो निरीक्षक को ऐसा करने का अधिकार होगा और वह अन्य इकाई या साझेदार या नामित साझेदार के मामलों पर रिपोर्ट देगा, जहां तक उसे लगता है कि उसकी जांच के परिणाम सीमित देयता साझेदारी के मामलों की जांच के लिए प्रासंगिक हैं।
(2) उपधारा (1) में निर्दिष्ट किसी इकाई या साझेदार या नामित साझेदार के मामले में, निरीक्षक केंद्र सरकार की पूर्व स्वीकृति प्राप्त किए बिना उसके या उसके मामलों की जांच करने और रिपोर्ट देने की अपनी शक्ति का प्रयोग नहीं करेगा।
बशर्ते कि इस उपधारा के तहत अनुमोदन प्रदान करने से पहले, केंद्र सरकार संबंधित संस्था या भागीदार या नामित भागीदार को यह कारण बताने का उचित अवसर देगी कि ऐसा अनुमोदन क्यों नहीं दिया जाना चाहिए।
(2) उपधारा (1) में निर्दिष्ट किसी इकाई या साझेदार या नामित साझेदार के मामले में, निरीक्षक केंद्र सरकार की पूर्व स्वीकृति प्राप्त किए बिना उसके या उसके मामलों की जांच करने और रिपोर्ट देने की अपनी शक्ति का प्रयोग नहीं करेगा।
बशर्ते कि इस उपधारा के तहत अनुमोदन प्रदान करने से पहले, केंद्र सरकार संबंधित संस्था या भागीदार या नामित भागीदार को यह कारण बताने का उचित अवसर देगी कि ऐसा अनुमोदन क्यों नहीं दिया जाना चाहिए।
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