LLP Act 53अध्याय IX · Investigation
धारा 53 · जांच का खर्च।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) इस अधिनियम के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त निरीक्षक द्वारा की गई जांच के व्यय और उससे संबंधित व्यय प्रथम दृष्ट्या केंद्र सरकार द्वारा वहन किए जाएंगे; परन्तु निम्नलिखित व्यक्ति नीचे उल्लिखित सीमा तक ऐसे व्ययों के संबंध में केंद्र सरकार को प्रतिपूर्ति करने के लिए उत्तरदायी होंगे, अर्थात्:--
(क) कोई भी व्यक्ति जिसे किसी अभियोग में दोषी ठहराया जाता है, या जिसे धारा 52 के तहत लाई गई कार्यवाही में हर्जाना देने या कोई संपत्ति वापस करने का आदेश दिया जाता है, उसे उसी कार्यवाही में उक्त व्यय का भुगतान करने का आदेश दिया जा सकता है, उस सीमा तक जैसा कि ऐसे व्यक्ति को दोषी ठहराने वाले न्यायालय द्वारा, या उसे ऐसे हर्जाने का भुगतान करने या ऐसी संपत्ति वापस करने का आदेश देने वाले न्यायालय द्वारा, जैसा भी मामला हो, निर्दिष्ट किया जाए;
(ख) जिस संस्था के नाम पर उपर्युक्त कार्यवाही की जाती है, वह कार्यवाही के परिणामस्वरूप उसके द्वारा वसूल की गई किसी भी राशि या संपत्ति के मूल्य या राशि की सीमा तक उत्तरदायी होगी; और
(ग) जब तक कि जांच के परिणामस्वरूप धारा 50 के अनुसरण में अभियोग शुरू न किया जाए,--
(i) निरीक्षक की रिपोर्ट में उल्लिखित किसी भी संस्था, साझेदार या नामित साझेदार या किसी अन्य व्यक्ति को केंद्र सरकार द्वारा अन्यथा निर्देशित किए जाने तक, संपूर्ण व्यय की प्रतिपूर्ति करने के लिए उत्तरदायी माना जाएगा; और
(ii) जांच के लिए आवेदक, जहां निरीक्षक की नियुक्ति धारा 43 की उपधारा (1) के खंड (क) के प्रावधानों के अनुसरण में की गई थी, उस सीमा तक उत्तरदायी होंगे, यदि कोई हो, जैसा कि केंद्र सरकार निर्देशित करे।
(2) कोई भी राशि जिसके लिए कोई सीमित देयता साझेदारी या अन्य इकाई उपधारा (1) के खंड (ख) के आधार पर उत्तरदायी है, उस खंड में उल्लिखित राशियों या संपत्ति पर प्रथम प्रभार होगी।
(3) व्यय की वह राशि जिसके संबंध में कोई सीमित देयता साझेदारी, अन्य इकाई, साझेदार या नामित साझेदार या कोई अन्य व्यक्ति उपधारा (1) के खंड (सी) के उपखंड (i) के तहत केंद्र सरकार को प्रतिपूर्ति करने के लिए उत्तरदायी है, भू-राजस्व के बकाया के रूप में वसूली योग्य होगी।
(4) इस धारा के प्रयोजनों के लिए, केंद्र सरकार द्वारा या धारा 52 के आधार पर लाई गई कार्यवाही के संबंध में किए गए किसी भी खर्च या व्यय को कार्यवाही को जन्म देने वाली जांच के व्यय के रूप में माना जाएगा।
(क) कोई भी व्यक्ति जिसे किसी अभियोग में दोषी ठहराया जाता है, या जिसे धारा 52 के तहत लाई गई कार्यवाही में हर्जाना देने या कोई संपत्ति वापस करने का आदेश दिया जाता है, उसे उसी कार्यवाही में उक्त व्यय का भुगतान करने का आदेश दिया जा सकता है, उस सीमा तक जैसा कि ऐसे व्यक्ति को दोषी ठहराने वाले न्यायालय द्वारा, या उसे ऐसे हर्जाने का भुगतान करने या ऐसी संपत्ति वापस करने का आदेश देने वाले न्यायालय द्वारा, जैसा भी मामला हो, निर्दिष्ट किया जाए;
(ख) जिस संस्था के नाम पर उपर्युक्त कार्यवाही की जाती है, वह कार्यवाही के परिणामस्वरूप उसके द्वारा वसूल की गई किसी भी राशि या संपत्ति के मूल्य या राशि की सीमा तक उत्तरदायी होगी; और
(ग) जब तक कि जांच के परिणामस्वरूप धारा 50 के अनुसरण में अभियोग शुरू न किया जाए,--
(i) निरीक्षक की रिपोर्ट में उल्लिखित किसी भी संस्था, साझेदार या नामित साझेदार या किसी अन्य व्यक्ति को केंद्र सरकार द्वारा अन्यथा निर्देशित किए जाने तक, संपूर्ण व्यय की प्रतिपूर्ति करने के लिए उत्तरदायी माना जाएगा; और
(ii) जांच के लिए आवेदक, जहां निरीक्षक की नियुक्ति धारा 43 की उपधारा (1) के खंड (क) के प्रावधानों के अनुसरण में की गई थी, उस सीमा तक उत्तरदायी होंगे, यदि कोई हो, जैसा कि केंद्र सरकार निर्देशित करे।
(2) कोई भी राशि जिसके लिए कोई सीमित देयता साझेदारी या अन्य इकाई उपधारा (1) के खंड (ख) के आधार पर उत्तरदायी है, उस खंड में उल्लिखित राशियों या संपत्ति पर प्रथम प्रभार होगी।
(3) व्यय की वह राशि जिसके संबंध में कोई सीमित देयता साझेदारी, अन्य इकाई, साझेदार या नामित साझेदार या कोई अन्य व्यक्ति उपधारा (1) के खंड (सी) के उपखंड (i) के तहत केंद्र सरकार को प्रतिपूर्ति करने के लिए उत्तरदायी है, भू-राजस्व के बकाया के रूप में वसूली योग्य होगी।
(4) इस धारा के प्रयोजनों के लिए, केंद्र सरकार द्वारा या धारा 52 के आधार पर लाई गई कार्यवाही के संबंध में किए गए किसी भी खर्च या व्यय को कार्यवाही को जन्म देने वाली जांच के व्यय के रूप में माना जाएगा।
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