LLP Act 43अध्याय IX · Investigation
धारा 43 · सीमित देयता साझेदारी के मामलों की जांच।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) केंद्र सरकार एक या एक से अधिक सक्षम व्यक्तियों को निरीक्षक के रूप में नियुक्त करेगी, जो किसी सीमित देयता भागीदारी के मामलों की जांच करेंगे और उस पर अपनी इच्छानुसार रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे, यदि--
(क) न्यायाधिकरण, या तो स्वतः संज्ञान से , या सीमित देयता साझेदारी के कुल साझेदारों की संख्या के कम से कम एक-पांचवें हिस्से से प्राप्त आवेदन पर, आदेश द्वारा यह घोषित करता है कि सीमित देयता साझेदारी के मामलों की जांच की जानी चाहिए; या
(ख) कोई न्यायालय आदेश द्वारा यह घोषित करे कि सीमित देयता साझेदारी के मामलों की जांच की जानी चाहिए।
(2) केंद्र सरकार एक या एक से अधिक सक्षम व्यक्तियों को निरीक्षक के रूप में नियुक्त कर सकती है ताकि वे सीमित देयता भागीदारी के मामलों की जांच करें और उन पर इस प्रकार रिपोर्ट प्रस्तुत करें जैसा वह निर्देशित करे।
(3) उपधारा (2) के अनुसार निरीक्षकों की नियुक्ति की जा सकती है,--
(क) यदि सीमित देयता साझेदारी के कुल साझेदारों की संख्या के एक-पांचवें से कम साझेदार निर्धारित साक्ष्य और सुरक्षा राशि सहित आवेदन न करें; या
(ख) यदि सीमित देयता साझेदारी यह आवेदन करती है कि सीमित देयता साझेदारी के मामलों की जांच की जानी चाहिए; या
(ग) यदि केंद्र सरकार की राय में, ऐसी परिस्थितियाँ हों जो संकेत देती हों--
(i) कि सीमित देयता साझेदारी का व्यवसाय उसके लेनदारों, साझेदारों या किसी अन्य व्यक्ति को धोखा देने के इरादे से, या अन्यथा किसी कपटपूर्ण या गैरकानूनी उद्देश्य से, या उसके किसी साझेदार के प्रति दमनकारी या अनुचित रूप से पूर्वाग्रहपूर्ण तरीके से संचालित किया जा रहा है या किया गया है, या यह कि सीमित देयता साझेदारी का गठन किसी कपटपूर्ण या गैरकानूनी उद्देश्य से किया गया था; या
(ii) कि सीमित देयता साझेदारी के मामलों का संचालन इस अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार नहीं किया जा रहा है; या
(iii) रजिस्ट्रार या किसी अन्य जांच या नियामक एजेंसी की रिपोर्ट प्राप्त होने पर, सीमित देयता साझेदारी के मामलों की जांच किए जाने के पर्याप्त कारण हैं।
(क) न्यायाधिकरण, या तो स्वतः संज्ञान से , या सीमित देयता साझेदारी के कुल साझेदारों की संख्या के कम से कम एक-पांचवें हिस्से से प्राप्त आवेदन पर, आदेश द्वारा यह घोषित करता है कि सीमित देयता साझेदारी के मामलों की जांच की जानी चाहिए; या
(ख) कोई न्यायालय आदेश द्वारा यह घोषित करे कि सीमित देयता साझेदारी के मामलों की जांच की जानी चाहिए।
(2) केंद्र सरकार एक या एक से अधिक सक्षम व्यक्तियों को निरीक्षक के रूप में नियुक्त कर सकती है ताकि वे सीमित देयता भागीदारी के मामलों की जांच करें और उन पर इस प्रकार रिपोर्ट प्रस्तुत करें जैसा वह निर्देशित करे।
(3) उपधारा (2) के अनुसार निरीक्षकों की नियुक्ति की जा सकती है,--
(क) यदि सीमित देयता साझेदारी के कुल साझेदारों की संख्या के एक-पांचवें से कम साझेदार निर्धारित साक्ष्य और सुरक्षा राशि सहित आवेदन न करें; या
(ख) यदि सीमित देयता साझेदारी यह आवेदन करती है कि सीमित देयता साझेदारी के मामलों की जांच की जानी चाहिए; या
(ग) यदि केंद्र सरकार की राय में, ऐसी परिस्थितियाँ हों जो संकेत देती हों--
(i) कि सीमित देयता साझेदारी का व्यवसाय उसके लेनदारों, साझेदारों या किसी अन्य व्यक्ति को धोखा देने के इरादे से, या अन्यथा किसी कपटपूर्ण या गैरकानूनी उद्देश्य से, या उसके किसी साझेदार के प्रति दमनकारी या अनुचित रूप से पूर्वाग्रहपूर्ण तरीके से संचालित किया जा रहा है या किया गया है, या यह कि सीमित देयता साझेदारी का गठन किसी कपटपूर्ण या गैरकानूनी उद्देश्य से किया गया था; या
(ii) कि सीमित देयता साझेदारी के मामलों का संचालन इस अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार नहीं किया जा रहा है; या
(iii) रजिस्ट्रार या किसी अन्य जांच या नियामक एजेंसी की रिपोर्ट प्राप्त होने पर, सीमित देयता साझेदारी के मामलों की जांच किए जाने के पर्याप्त कारण हैं।
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