LLP Act 2अध्याय I · Preliminary
धारा 2 · परिभाषाएँ।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) इस अधिनियम में, जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,--
(क) किसी सीमित देयता साझेदारी के साझेदार के संबंध में "पता" का अर्थ है--
(i) यदि कोई व्यक्ति है, तो उसका सामान्य आवासीय पता; और
(ii) यदि कोई निगमित निकाय है, तो उसके पंजीकृत कार्यालय का पता;
(ख) "वकील" से तात्पर्य अधिवक्ता अधिनियम, 1961 (25 ऑफ 1961) की धारा 2 की उपधारा (1) के खंड (क) में परिभाषित अधिवक्ता से है;
(ग) "अपीलीय न्यायाधिकरण" से तात्पर्य राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण से है जिसका गठन 2 की धारा 410 के तहत किया गया है;
(घ) "निगम निकाय" से तात्पर्य कंपनी अधिनियम, 2013 (18 ऑफ 2013) की धारा 2 के खंड (20) में परिभाषित कंपनी से है और इसमें शामिल हैं--
(i) इस अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत एक सीमित देयता साझेदारी;
(ii) भारत के बाहर निगमित एक सीमित देयता साझेदारी; और
(iii) भारत के बाहर निगमित कंपनी,
लेकिन इसमें शामिल नहीं है--
(i) एकल निगम;
(ii) किसी भी कानून के तहत पंजीकृत सहकारी समिति; और
(iii) कोई अन्य निगमित निकाय (कंपनी अधिनियम, 2013 (18 ऑफ 2013) की धारा 2 के खंड (20) में परिभाषित कंपनी या इस अधिनियम में परिभाषित सीमित देयता भागीदारी न हो), जिसे केंद्र सरकार आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा इस संबंध में निर्दिष्ट कर सकती है;
(ई) "व्यवसाय" में प्रत्येक व्यापार, पेशा, सेवा 5 4 [और व्यवसाय शामिल है, सिवाय किसी ऐसी गतिविधि के जिसे केंद्र सरकार अधिसूचना द्वारा बाहर कर सकती है];
(f) "चार्टर्ड अकाउंटेंट" से तात्पर्य चार्टर्ड अकाउंटेंट्स अधिनियम, 1949 (38 ऑफ 1949) की धारा 2 की उपधारा ( 1) के खंड (ख) में परिभाषित चार्टर्ड अकाउंटेंट से है, जिसने उस अधिनियम की धारा 6 की उपधारा (1) के तहत अभ्यास का प्रमाण पत्र प्राप्त किया हो;
(g) कंपनी सचिव से तात्पर्य कंपनी सचिव अधिनियम, 1980 (56 ऑफ 1980) की धारा 2 की उपधारा (1) के खंड (c) में परिभाषित कंपनी सचिव से है, जिसने उस अधिनियम की धारा 6 की उपधारा (1) के तहत अभ्यास का प्रमाण पत्र प्राप्त किया है;
(h) "लागत लेखाकार" से तात्पर्य लागत लेखाकार से है जैसा कि लागत एवं कार्य लेखाकार अधिनियम, 1959 (23 ऑफ 1959) की धारा 2 की उपधारा (1 ) के खंड (ख) में परिभाषित है और जिसने उस अधिनियम की धारा 6 की उपधारा (1) के तहत अभ्यास का प्रमाण पत्र प्राप्त किया है;
(i) इस अधिनियम के अंतर्गत किसी अपराध के संबंध में "न्यायालय" से तात्पर्य धारा 77 के प्रावधानों के अनुसार क्षेत्राधिकार रखने वाले न्यायालय से है;
(j) "नामित भागीदार" से तात्पर्य धारा 7 के अनुसार नामित किसी भी भागीदार से है;
(k) ''संस्था'' का अर्थ है कोई निगमित निकाय और इसमें धारा 18, 46, 47, 48, 49, 50, 52 और 53 के प्रयोजनों के लिए भारतीय भागीदारी अधिनियम, 1932 (1932 का 9) के तहत स्थापित फर्म शामिल है;
(एल) सीमित देयता भागीदारी के संबंध में, "वित्तीय वर्ष" का अर्थ किसी वर्ष के 1 अप्रैल से अगले वर्ष के 31 मार्च तक की अवधि है:
बशर्ते कि किसी वर्ष के 30 सितंबर के बाद निगमित सीमित देयता साझेदारी के मामले में, वित्तीय वर्ष उस वर्ष के बाद वाले वर्ष के 31 मार्च को समाप्त हो सकता है;
(m) "विदेशी सीमित देयता भागीदारी" से तात्पर्य भारत के बाहर गठित, निगमित या पंजीकृत सीमित देयता भागीदारी से है जो भारत के भीतर एक व्यवसाय स्थल स्थापित करती है;
(n) "सीमित देयता साझेदारी" से तात्पर्य इस अधिनियम के अंतर्गत गठित और पंजीकृत साझेदारी से है;
(ओ) "सीमित देयता भागीदारी" समझौता का अर्थ सीमित देयता भागीदारी के साझेदारों के बीच या सीमित देयता भागीदारी और उसके साझेदारों के बीच कोई भी लिखित समझौता है जो साझेदारों के पारस्परिक अधिकारों और कर्तव्यों तथा उस सीमित देयता भागीदारी के संबंध में उनके अधिकारों और कर्तव्यों को निर्धारित करता है;
(p) किसी सीमित देयता साझेदारी के साझेदार के संबंध में "नाम" का अर्थ है--
(i) यदि कोई व्यक्ति है, तो उसका पहला नाम, मध्य नाम और उपनाम; और
(ii) यदि कोई निगमित निकाय है, तो उसका पंजीकृत नाम;
(q) किसी सीमित देयता साझेदारी के संबंध में "साझेदार" का अर्थ है कोई भी व्यक्ति जो सीमित देयता साझेदारी समझौते के अनुसार सीमित देयता साझेदारी में साझेदार बनता है;
(आर) “निर्धारित” से तात्पर्य इस अधिनियम के अंतर्गत बनाए गए नियमों द्वारा निर्धारित से है;
5 [(ra) "क्षेत्रीय निदेशक" से तात्पर्य ऐसे व्यक्ति से है जिसे केंद्र सरकार द्वारा इस अधिनियम या कंपनी अधिनियम, 2013 (18 ऑफ 2013), जैसा भी मामला हो, के प्रयोजन के लिए नियुक्त किया गया हो।]
6 [(एस) "रजिस्ट्रार" से तात्पर्य केंद्र सरकार द्वारा रजिस्ट्रार, अतिरिक्त रजिस्ट्रार, संयुक्त रजिस्ट्रार, उप रजिस्ट्रार या सहायक रजिस्ट्रार के रूप में इस अधिनियम या कंपनी अधिनियम, 2013 (18 ऑफ 2013) के प्रयोजन के लिए नियुक्त व्यक्ति से है];
(टी) "अनुसूची" से तात्पर्य इस अधिनियम की अनुसूची से है;
5 [(ta) "लघु सीमित देयता" साझेदारी से तात्पर्य सीमित देयता साझेदारी से है--
(i) जिसका अंशदान पच्चीस लाख रुपये या ऐसी उच्च राशि, जो पाँच करोड़ रुपये से अधिक न हो, से अधिक न हो, जैसा कि निर्धारित किया जा सके; और
(ii) जिसका कारोबार, तत्काल पूर्व वित्तीय वर्ष के लेखा और दिवालियापन विवरण के अनुसार, चालीस लाख रुपये या ऐसी उच्च राशि, जो पचास करोड़ रुपये से अधिक न हो, से अधिक न हो, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है; या
(iii) जो ऐसी अन्य आवश्यकताओं को पूरा करता हो, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है,
और ऐसी शर्तों और नियमों का पालन करता है जो निर्धारित किए जा सकते हैं;]
(u) "ट्रिब्यूनल" से तात्पर्य राष्ट्रीय कंपनी विधि ट्रिब्यूनल से है जिसका गठन 2 [कंपनी अधिनियम, 2013 (18 ऑफ 2013)] की धारा 408 के तहत किया गया है ।
(2) इस अधिनियम में प्रयुक्त और परिभाषित न किए गए शब्द एवं अभिव्यक्तियाँ, परन्तु [कंपनी अधिनियम, 2013 (18 ऑफ 2013)] में परिभाषित हैं , उनका वही अर्थ होगा जो उस अधिनियम में उन्हें दिया गया है।
(क) किसी सीमित देयता साझेदारी के साझेदार के संबंध में "पता" का अर्थ है--
(i) यदि कोई व्यक्ति है, तो उसका सामान्य आवासीय पता; और
(ii) यदि कोई निगमित निकाय है, तो उसके पंजीकृत कार्यालय का पता;
(ख) "वकील" से तात्पर्य अधिवक्ता अधिनियम, 1961 (25 ऑफ 1961) की धारा 2 की उपधारा (1) के खंड (क) में परिभाषित अधिवक्ता से है;
(ग) "अपीलीय न्यायाधिकरण" से तात्पर्य राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण से है जिसका गठन 2 की धारा 410 के तहत किया गया है;
(घ) "निगम निकाय" से तात्पर्य कंपनी अधिनियम, 2013 (18 ऑफ 2013) की धारा 2 के खंड (20) में परिभाषित कंपनी से है और इसमें शामिल हैं--
(i) इस अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत एक सीमित देयता साझेदारी;
(ii) भारत के बाहर निगमित एक सीमित देयता साझेदारी; और
(iii) भारत के बाहर निगमित कंपनी,
लेकिन इसमें शामिल नहीं है--
(i) एकल निगम;
(ii) किसी भी कानून के तहत पंजीकृत सहकारी समिति; और
(iii) कोई अन्य निगमित निकाय (कंपनी अधिनियम, 2013 (18 ऑफ 2013) की धारा 2 के खंड (20) में परिभाषित कंपनी या इस अधिनियम में परिभाषित सीमित देयता भागीदारी न हो), जिसे केंद्र सरकार आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा इस संबंध में निर्दिष्ट कर सकती है;
(ई) "व्यवसाय" में प्रत्येक व्यापार, पेशा, सेवा 5 4 [और व्यवसाय शामिल है, सिवाय किसी ऐसी गतिविधि के जिसे केंद्र सरकार अधिसूचना द्वारा बाहर कर सकती है];
(f) "चार्टर्ड अकाउंटेंट" से तात्पर्य चार्टर्ड अकाउंटेंट्स अधिनियम, 1949 (38 ऑफ 1949) की धारा 2 की उपधारा ( 1) के खंड (ख) में परिभाषित चार्टर्ड अकाउंटेंट से है, जिसने उस अधिनियम की धारा 6 की उपधारा (1) के तहत अभ्यास का प्रमाण पत्र प्राप्त किया हो;
(g) कंपनी सचिव से तात्पर्य कंपनी सचिव अधिनियम, 1980 (56 ऑफ 1980) की धारा 2 की उपधारा (1) के खंड (c) में परिभाषित कंपनी सचिव से है, जिसने उस अधिनियम की धारा 6 की उपधारा (1) के तहत अभ्यास का प्रमाण पत्र प्राप्त किया है;
(h) "लागत लेखाकार" से तात्पर्य लागत लेखाकार से है जैसा कि लागत एवं कार्य लेखाकार अधिनियम, 1959 (23 ऑफ 1959) की धारा 2 की उपधारा (1 ) के खंड (ख) में परिभाषित है और जिसने उस अधिनियम की धारा 6 की उपधारा (1) के तहत अभ्यास का प्रमाण पत्र प्राप्त किया है;
(i) इस अधिनियम के अंतर्गत किसी अपराध के संबंध में "न्यायालय" से तात्पर्य धारा 77 के प्रावधानों के अनुसार क्षेत्राधिकार रखने वाले न्यायालय से है;
(j) "नामित भागीदार" से तात्पर्य धारा 7 के अनुसार नामित किसी भी भागीदार से है;
(k) ''संस्था'' का अर्थ है कोई निगमित निकाय और इसमें धारा 18, 46, 47, 48, 49, 50, 52 और 53 के प्रयोजनों के लिए भारतीय भागीदारी अधिनियम, 1932 (1932 का 9) के तहत स्थापित फर्म शामिल है;
(एल) सीमित देयता भागीदारी के संबंध में, "वित्तीय वर्ष" का अर्थ किसी वर्ष के 1 अप्रैल से अगले वर्ष के 31 मार्च तक की अवधि है:
बशर्ते कि किसी वर्ष के 30 सितंबर के बाद निगमित सीमित देयता साझेदारी के मामले में, वित्तीय वर्ष उस वर्ष के बाद वाले वर्ष के 31 मार्च को समाप्त हो सकता है;
(m) "विदेशी सीमित देयता भागीदारी" से तात्पर्य भारत के बाहर गठित, निगमित या पंजीकृत सीमित देयता भागीदारी से है जो भारत के भीतर एक व्यवसाय स्थल स्थापित करती है;
(n) "सीमित देयता साझेदारी" से तात्पर्य इस अधिनियम के अंतर्गत गठित और पंजीकृत साझेदारी से है;
(ओ) "सीमित देयता भागीदारी" समझौता का अर्थ सीमित देयता भागीदारी के साझेदारों के बीच या सीमित देयता भागीदारी और उसके साझेदारों के बीच कोई भी लिखित समझौता है जो साझेदारों के पारस्परिक अधिकारों और कर्तव्यों तथा उस सीमित देयता भागीदारी के संबंध में उनके अधिकारों और कर्तव्यों को निर्धारित करता है;
(p) किसी सीमित देयता साझेदारी के साझेदार के संबंध में "नाम" का अर्थ है--
(i) यदि कोई व्यक्ति है, तो उसका पहला नाम, मध्य नाम और उपनाम; और
(ii) यदि कोई निगमित निकाय है, तो उसका पंजीकृत नाम;
(q) किसी सीमित देयता साझेदारी के संबंध में "साझेदार" का अर्थ है कोई भी व्यक्ति जो सीमित देयता साझेदारी समझौते के अनुसार सीमित देयता साझेदारी में साझेदार बनता है;
(आर) “निर्धारित” से तात्पर्य इस अधिनियम के अंतर्गत बनाए गए नियमों द्वारा निर्धारित से है;
5 [(ra) "क्षेत्रीय निदेशक" से तात्पर्य ऐसे व्यक्ति से है जिसे केंद्र सरकार द्वारा इस अधिनियम या कंपनी अधिनियम, 2013 (18 ऑफ 2013), जैसा भी मामला हो, के प्रयोजन के लिए नियुक्त किया गया हो।]
6 [(एस) "रजिस्ट्रार" से तात्पर्य केंद्र सरकार द्वारा रजिस्ट्रार, अतिरिक्त रजिस्ट्रार, संयुक्त रजिस्ट्रार, उप रजिस्ट्रार या सहायक रजिस्ट्रार के रूप में इस अधिनियम या कंपनी अधिनियम, 2013 (18 ऑफ 2013) के प्रयोजन के लिए नियुक्त व्यक्ति से है];
(टी) "अनुसूची" से तात्पर्य इस अधिनियम की अनुसूची से है;
5 [(ta) "लघु सीमित देयता" साझेदारी से तात्पर्य सीमित देयता साझेदारी से है--
(i) जिसका अंशदान पच्चीस लाख रुपये या ऐसी उच्च राशि, जो पाँच करोड़ रुपये से अधिक न हो, से अधिक न हो, जैसा कि निर्धारित किया जा सके; और
(ii) जिसका कारोबार, तत्काल पूर्व वित्तीय वर्ष के लेखा और दिवालियापन विवरण के अनुसार, चालीस लाख रुपये या ऐसी उच्च राशि, जो पचास करोड़ रुपये से अधिक न हो, से अधिक न हो, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है; या
(iii) जो ऐसी अन्य आवश्यकताओं को पूरा करता हो, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है,
और ऐसी शर्तों और नियमों का पालन करता है जो निर्धारित किए जा सकते हैं;]
(u) "ट्रिब्यूनल" से तात्पर्य राष्ट्रीय कंपनी विधि ट्रिब्यूनल से है जिसका गठन 2 [कंपनी अधिनियम, 2013 (18 ऑफ 2013)] की धारा 408 के तहत किया गया है ।
(2) इस अधिनियम में प्रयुक्त और परिभाषित न किए गए शब्द एवं अभिव्यक्तियाँ, परन्तु [कंपनी अधिनियम, 2013 (18 ऑफ 2013)] में परिभाषित हैं , उनका वही अर्थ होगा जो उस अधिनियम में उन्हें दिया गया है।
इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।
