LLP Act 62अध्याय XII · Compromise, Arrangement or Reconstruction of Limited Liability Partnerships
धारा 62 · सीमित देयता भागीदारी के पुनर्गठन या विलय को सुगम बनाने के प्रावधान।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) जहां किसी सीमित देयता साझेदारी और उस धारा में उल्लिखित किसी व्यक्ति के बीच प्रस्तावित समझौते या व्यवस्था को मंजूरी देने के लिए धारा 60 के तहत न्यायाधिकरण को आवेदन किया जाता है, और न्यायाधिकरण को यह दिखाया जाता है कि--
(क) किसी सीमित देयता साझेदारी या सीमित देयता साझेदारियों के पुनर्निर्माण की योजना या किन्हीं दो या अधिक सीमित देयता साझेदारियों के विलय के प्रयोजनों के लिए, या उससे संबंधित किसी योजना के प्रयोजनों के लिए, समझौता या व्यवस्था प्रस्तावित की गई है; और
(ख) यदि योजना के अंतर्गत योजना से संबंधित किसी सीमित देयता साझेदारी (इस खंड में हस्तांतरणकर्ता सीमित देयता साझेदारी कहा गया है) के उपक्रम, संपत्ति या देनदारियों का संपूर्ण या कोई भाग किसी अन्य सीमित देयता साझेदारी (इस खंड में हस्तांतरिती सीमित देयता साझेदारी कहा गया है) को हस्तांतरित किया जाना है, तो न्यायाधिकरण, समझौते या व्यवस्था को स्वीकृत करने वाले आदेश द्वारा या किसी पश्चात के आदेश द्वारा, निम्नलिखित सभी या किसी भी मामले के लिए प्रावधान कर सकता है, अर्थात्:--
(i) किसी हस्तांतरणकर्ता सीमित देयता साझेदारी के उपक्रम, संपत्ति या देनदारियों के संपूर्ण या किसी भाग का हस्तांतरण प्राप्तकर्ता सीमित देयता साझेदारी को;
(ii) हस्तांतरणकर्ता सीमित देयता साझेदारी द्वारा या उसके विरुद्ध लंबित किसी भी कानूनी कार्यवाही का हस्तांतरण प्राप्तकर्ता सीमित देयता साझेदारी द्वारा या उसके विरुद्ध जारी रहना;
(iii) किसी हस्तांतरणकर्ता सीमित देयता साझेदारी का समापन किए बिना विघटन;
(iv) ऐसे किसी व्यक्ति के लिए प्रावधान किया जाना जो न्यायाधिकरण द्वारा निर्देशित समय और तरीके से समझौते या व्यवस्था से असहमति व्यक्त करता है; और
(v) ऐसे आकस्मिक, परिणामी और पूरक मामले जो यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक हैं कि पुनर्निर्माण या विलय पूर्णतः और प्रभावी ढंग से संपन्न हो:
बशर्ते कि किसी सीमित देयता साझेदारी, जिसका परिसमापन किया जा रहा है, के किसी अन्य सीमित देयता साझेदारी या सीमित देयता साझेदारियों के साथ विलय की योजना के प्रयोजनों के लिए या उससे संबंधित प्रस्तावित किसी भी समझौते या व्यवस्था को न्यायाधिकरण द्वारा तब तक स्वीकृत नहीं किया जाएगा जब तक कि न्यायाधिकरण को रजिस्ट्रार से यह रिपोर्ट प्राप्त न हो जाए कि सीमित देयता साझेदारी के मामलों का संचालन उसके साझेदारों के हितों या सार्वजनिक हित के प्रतिकूल तरीके से नहीं किया गया है।
इसके अलावा, खंड (iii) के तहत किसी भी हस्तांतरणकर्ता सीमित देयता साझेदारी के विघटन का कोई आदेश न्यायाधिकरण द्वारा तब तक नहीं दिया जाएगा जब तक कि आधिकारिक परिसमापक ने सीमित देयता साझेदारी की पुस्तकों और कागजात की जांच करने के बाद न्यायाधिकरण को यह रिपोर्ट न दी हो कि सीमित देयता साझेदारी के मामलों का संचालन उसके साझेदारों के हितों या सार्वजनिक हित के लिए हानिकारक तरीके से नहीं किया गया है।
(2) जहाँ इस धारा के अंतर्गत किसी आदेश में किसी संपत्ति या देनदारियों के हस्तांतरण का प्रावधान हो, तो आदेश के अनुसार वह संपत्ति हस्तांतरित होकर उसमें निहित हो जाएगी, और वे देनदारियाँ हस्तांतरित होकर हस्तांतरिती सीमित देयता साझेदारी की देनदारियाँ बन जाएँगी; और किसी संपत्ति के मामले में, यदि आदेश ऐसा निर्देश देता है, तो वह किसी ऐसे प्रभार से मुक्त हो जाएगी जो समझौते या व्यवस्था के अनुसार प्रभावी होना बंद हो जाता है।
(3) इस धारा के तहत आदेश जारी होने के तीस दिनों के भीतर, प्रत्येक सीमित देयता साझेदारी जिसके संबंध में आदेश जारी किया गया है, उसकी एक प्रमाणित प्रति पंजीकरण के लिए रजिस्ट्रार के पास दाखिल करवाएगी।
1 [(4) यदि उपधारा (3) के प्रावधानों का पालन करने में चूक की जाती है, तो सीमित देयता साझेदारी और उसका प्रत्येक नामित साझेदार दस हजार रुपये के जुर्माने के लिए उत्तरदायी होगा, और निरंतर चूक की स्थिति में, पहले दिन के बाद प्रत्येक दिन के लिए सौ रुपये का अतिरिक्त जुर्माना लगाया जाएगा, जिस दौरान ऐसी चूक जारी रहती है, सीमित देयता साझेदारी के लिए अधिकतम एक लाख रुपये और प्रत्येक नामित साझेदार के लिए पचास हजार रुपये के अधीन।
स्पष्टीकरण. —इस धारा के प्रयोजनों के लिए,—
(i) “संपत्ति” में हर प्रकार की संपत्ति, अधिकार और शक्तियां शामिल हैं तथा “दायित्व” में हर प्रकार के कर्तव्य शामिल हैं;
(ii) किसी “सीमित देयता साझेदारी” का किसी कंपनी के साथ विलय नहीं किया जाएगा।]
स्पष्टीकरण .--इस खंड में संपत्ति में हर प्रकार की संपत्ति, अधिकार और शक्तियां शामिल हैं; और देनदारियों में हर प्रकार के कर्तव्य शामिल हैं।
(क) किसी सीमित देयता साझेदारी या सीमित देयता साझेदारियों के पुनर्निर्माण की योजना या किन्हीं दो या अधिक सीमित देयता साझेदारियों के विलय के प्रयोजनों के लिए, या उससे संबंधित किसी योजना के प्रयोजनों के लिए, समझौता या व्यवस्था प्रस्तावित की गई है; और
(ख) यदि योजना के अंतर्गत योजना से संबंधित किसी सीमित देयता साझेदारी (इस खंड में हस्तांतरणकर्ता सीमित देयता साझेदारी कहा गया है) के उपक्रम, संपत्ति या देनदारियों का संपूर्ण या कोई भाग किसी अन्य सीमित देयता साझेदारी (इस खंड में हस्तांतरिती सीमित देयता साझेदारी कहा गया है) को हस्तांतरित किया जाना है, तो न्यायाधिकरण, समझौते या व्यवस्था को स्वीकृत करने वाले आदेश द्वारा या किसी पश्चात के आदेश द्वारा, निम्नलिखित सभी या किसी भी मामले के लिए प्रावधान कर सकता है, अर्थात्:--
(i) किसी हस्तांतरणकर्ता सीमित देयता साझेदारी के उपक्रम, संपत्ति या देनदारियों के संपूर्ण या किसी भाग का हस्तांतरण प्राप्तकर्ता सीमित देयता साझेदारी को;
(ii) हस्तांतरणकर्ता सीमित देयता साझेदारी द्वारा या उसके विरुद्ध लंबित किसी भी कानूनी कार्यवाही का हस्तांतरण प्राप्तकर्ता सीमित देयता साझेदारी द्वारा या उसके विरुद्ध जारी रहना;
(iii) किसी हस्तांतरणकर्ता सीमित देयता साझेदारी का समापन किए बिना विघटन;
(iv) ऐसे किसी व्यक्ति के लिए प्रावधान किया जाना जो न्यायाधिकरण द्वारा निर्देशित समय और तरीके से समझौते या व्यवस्था से असहमति व्यक्त करता है; और
(v) ऐसे आकस्मिक, परिणामी और पूरक मामले जो यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक हैं कि पुनर्निर्माण या विलय पूर्णतः और प्रभावी ढंग से संपन्न हो:
बशर्ते कि किसी सीमित देयता साझेदारी, जिसका परिसमापन किया जा रहा है, के किसी अन्य सीमित देयता साझेदारी या सीमित देयता साझेदारियों के साथ विलय की योजना के प्रयोजनों के लिए या उससे संबंधित प्रस्तावित किसी भी समझौते या व्यवस्था को न्यायाधिकरण द्वारा तब तक स्वीकृत नहीं किया जाएगा जब तक कि न्यायाधिकरण को रजिस्ट्रार से यह रिपोर्ट प्राप्त न हो जाए कि सीमित देयता साझेदारी के मामलों का संचालन उसके साझेदारों के हितों या सार्वजनिक हित के प्रतिकूल तरीके से नहीं किया गया है।
इसके अलावा, खंड (iii) के तहत किसी भी हस्तांतरणकर्ता सीमित देयता साझेदारी के विघटन का कोई आदेश न्यायाधिकरण द्वारा तब तक नहीं दिया जाएगा जब तक कि आधिकारिक परिसमापक ने सीमित देयता साझेदारी की पुस्तकों और कागजात की जांच करने के बाद न्यायाधिकरण को यह रिपोर्ट न दी हो कि सीमित देयता साझेदारी के मामलों का संचालन उसके साझेदारों के हितों या सार्वजनिक हित के लिए हानिकारक तरीके से नहीं किया गया है।
(2) जहाँ इस धारा के अंतर्गत किसी आदेश में किसी संपत्ति या देनदारियों के हस्तांतरण का प्रावधान हो, तो आदेश के अनुसार वह संपत्ति हस्तांतरित होकर उसमें निहित हो जाएगी, और वे देनदारियाँ हस्तांतरित होकर हस्तांतरिती सीमित देयता साझेदारी की देनदारियाँ बन जाएँगी; और किसी संपत्ति के मामले में, यदि आदेश ऐसा निर्देश देता है, तो वह किसी ऐसे प्रभार से मुक्त हो जाएगी जो समझौते या व्यवस्था के अनुसार प्रभावी होना बंद हो जाता है।
(3) इस धारा के तहत आदेश जारी होने के तीस दिनों के भीतर, प्रत्येक सीमित देयता साझेदारी जिसके संबंध में आदेश जारी किया गया है, उसकी एक प्रमाणित प्रति पंजीकरण के लिए रजिस्ट्रार के पास दाखिल करवाएगी।
1 [(4) यदि उपधारा (3) के प्रावधानों का पालन करने में चूक की जाती है, तो सीमित देयता साझेदारी और उसका प्रत्येक नामित साझेदार दस हजार रुपये के जुर्माने के लिए उत्तरदायी होगा, और निरंतर चूक की स्थिति में, पहले दिन के बाद प्रत्येक दिन के लिए सौ रुपये का अतिरिक्त जुर्माना लगाया जाएगा, जिस दौरान ऐसी चूक जारी रहती है, सीमित देयता साझेदारी के लिए अधिकतम एक लाख रुपये और प्रत्येक नामित साझेदार के लिए पचास हजार रुपये के अधीन।
स्पष्टीकरण. —इस धारा के प्रयोजनों के लिए,—
(i) “संपत्ति” में हर प्रकार की संपत्ति, अधिकार और शक्तियां शामिल हैं तथा “दायित्व” में हर प्रकार के कर्तव्य शामिल हैं;
(ii) किसी “सीमित देयता साझेदारी” का किसी कंपनी के साथ विलय नहीं किया जाएगा।]
स्पष्टीकरण .--इस खंड में संपत्ति में हर प्रकार की संपत्ति, अधिकार और शक्तियां शामिल हैं; और देनदारियों में हर प्रकार के कर्तव्य शामिल हैं।
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