ESI Act 85अध्याय VII · Penalties
धारा 85 · अभिदाय देने में असफलता आदि के लिए दंड
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
यदि कोई व्यक्ति-
(क) कोई ऐसा अभिदाय देने में असफल रहेगा जिसे देने के लिए वह इस अधिनियम के अधीन जिम्मेदार है, अथवा
(ख) किसी कर्मचारी की मजदूरी में से सम्पूर्ण नियोजक-अभिदाय या उसका कोई भाग काट लेगा या काटने का प्रयत्न करेगा, अथवा
(ग) किसी कर्मचारी को अनुज्ञेय मजदूरी या किन्हीं विशेषाधिकारों या प्रसुविधाओं को धारा 72 के उल्लंघन में घटाएगा, अथवा
(घ) किसी कर्मचारी को धारा 73 या किसी विनियम के उल्लंघन में पदच्युत करेगा, अवनत करेगा या अन्यथा दंडित करेगा, अथवा
(ङ) विनियमों द्वारा अपेक्षित किसी विवरणी को देने में असफल रहेगा, या देने से इनकार करेगा या मिथ्या विवरणी देगा, अथवा
(च) किसी निरीक्षक को या निगम के किसी अन्य पदधारी को, उसके कर्तव्यों के निर्वहन में बाधा पहुंचाएगा, अथवा
(छ) इस अधिनियम की या नियमों या विनियमों की उन अपेक्षाओं में से किसी के उल्लंघन का या अननुपालन कगा दोषी होगा, जिनकी बाबत कोई विशेष शास्ति उपबंधित नहीं है,
तो-
(i) जहां वह खंड (क) के अधीन कोई अपराध करेगा, वहां कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, किंतु जो-
(क) उसके द्वारा ऐसे कर्मचारी की मजदूरी में से काटे गए कर्मचारी-अभिदाय का संदाय करने में असफल रहने की दशा में एक वर्ष से कम की नहीं होगी, दंडनीय होगा और वह दस हजार रुपए के जुर्माने का भी भागी होगा;
(ख) किसी अन्य दशा में, छह मास से कम की नहीं होगी, दंडनीय होगा और वह पांच हजार रुपए के जुर्माने का भी भागी होगाः
परंतु न्यायालय, पर्याप्त और विशेष कारणों से जो निर्णय में अभिलिखित किए जाएंगे, कम अवधि के कारावास का दंडादेश अधिरोपित कर सकेगा;
(ii) जहां वह खंड (ख) से खंड (छ) में से (जिनमें ये दोनों खंड सम्मलित हैं) किसी खंड के अधीन कोई अपराध करेगा, वहां वह कारावास से, जिसकी अवधि एक वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो चार हजार रुपए तक का हो सकेगा, या दोनों से, दंडनीय होगा ।
(क) कोई ऐसा अभिदाय देने में असफल रहेगा जिसे देने के लिए वह इस अधिनियम के अधीन जिम्मेदार है, अथवा
(ख) किसी कर्मचारी की मजदूरी में से सम्पूर्ण नियोजक-अभिदाय या उसका कोई भाग काट लेगा या काटने का प्रयत्न करेगा, अथवा
(ग) किसी कर्मचारी को अनुज्ञेय मजदूरी या किन्हीं विशेषाधिकारों या प्रसुविधाओं को धारा 72 के उल्लंघन में घटाएगा, अथवा
(घ) किसी कर्मचारी को धारा 73 या किसी विनियम के उल्लंघन में पदच्युत करेगा, अवनत करेगा या अन्यथा दंडित करेगा, अथवा
(ङ) विनियमों द्वारा अपेक्षित किसी विवरणी को देने में असफल रहेगा, या देने से इनकार करेगा या मिथ्या विवरणी देगा, अथवा
(च) किसी निरीक्षक को या निगम के किसी अन्य पदधारी को, उसके कर्तव्यों के निर्वहन में बाधा पहुंचाएगा, अथवा
(छ) इस अधिनियम की या नियमों या विनियमों की उन अपेक्षाओं में से किसी के उल्लंघन का या अननुपालन कगा दोषी होगा, जिनकी बाबत कोई विशेष शास्ति उपबंधित नहीं है,
तो-
(i) जहां वह खंड (क) के अधीन कोई अपराध करेगा, वहां कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, किंतु जो-
(क) उसके द्वारा ऐसे कर्मचारी की मजदूरी में से काटे गए कर्मचारी-अभिदाय का संदाय करने में असफल रहने की दशा में एक वर्ष से कम की नहीं होगी, दंडनीय होगा और वह दस हजार रुपए के जुर्माने का भी भागी होगा;
(ख) किसी अन्य दशा में, छह मास से कम की नहीं होगी, दंडनीय होगा और वह पांच हजार रुपए के जुर्माने का भी भागी होगाः
परंतु न्यायालय, पर्याप्त और विशेष कारणों से जो निर्णय में अभिलिखित किए जाएंगे, कम अवधि के कारावास का दंडादेश अधिरोपित कर सकेगा;
(ii) जहां वह खंड (ख) से खंड (छ) में से (जिनमें ये दोनों खंड सम्मलित हैं) किसी खंड के अधीन कोई अपराध करेगा, वहां वह कारावास से, जिसकी अवधि एक वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो चार हजार रुपए तक का हो सकेगा, या दोनों से, दंडनीय होगा ।
अपराध एक नज़र में
- अधिकतम दंड
- 3 वर्ष
- न्यूनतम दंड (विधिक)
- 6 माह
- जुर्माना
- ₹10,000
- संज्ञेय
- संज्ञेय
- जमानतीय
- अजमानतीय
- समझौता योग्य
- समझौता योग्य नहीं
- विचारण न्यायालय
- प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट
- संज्ञेय — पुलिस बिना वारंट गिरफ़्तार कर सकती है
- अजमानतीय — जमानत न्यायालय के विवेक पर है
इस धारा की अलग-अलग उपधाराओं में अलग दंड हैं; यहाँ अधिकतम दिखाया गया है।
प्रथम अनुसूची भाग II के नियम से निकाला गया — धारावार सूचीबद्ध नहीं
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