ESI Act 100अध्याय VIII · Miscellaneous
धारा 100 · निरसन और व्यावृत्तियां
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
यदि उस दिन से ठीक पहले जिसको यह अभिनियम [उन राज्यक्षेत्रों के, जो 1 नवम्बर, 1956 से ठीक पहले किसी भाग ख राज्य में समाविष्ट थे, किसी भाग में,] प्रवृत्त होता है, इस अधिनियम की तत्स्थानी कोई विधि [उस भाग] में प्रवृत्त है, तो वह विधि उस दिन निरसित हो जाएगीः
परन्तु वह निरसन-
(क) ऐसी किसी विधि के पूर्व प्रवर्तन पर, अथवा
(ख) ऐसी किसी विधि के विरुद्ध किए गए किसी अपराध की बाबत उपगत किसी शास्ति, समपहरण या दंड पर, अथवा
(ग) ऐसे किसी अन्वेषण या उपचार पर जो ऐसी किसी शास्ति, समपहरण या दंड की बाबत हो,
प्रभाव नहीं डालेगा, और ऐसा अन्वेषण, विधिक कार्यवाही या उपचार वैसे ही संस्थित किया जा सकेगा, चालू रखा जा सकेगा या प्रवर्तित कराया जा सकेगा और ऐसी शास्ति, समपहरण या दंड वैसे ही अधिरोपित किया जा सकेगा, मानो यह अधिनियम पारित न किया गया होः
परन्तु यह और कि ऐसी किसी विधि के अधीन की गई कोई बात या कार्रवाई, पूर्ववर्ती परन्तुक के अध्यधीन रहते हुए, इस अधिनियम के तत्स्थानी उपबंध के अधीन की गई समझी जाएगी और वह तद्नुसार तब तक प्रवृत्त रहेगी जब तक कि वह इस अधिनियम के अधीन की गई किसी बात या कार्रवाई द्वारा अतिष्ठित नहीं कर दी जाती ।
परन्तु वह निरसन-
(क) ऐसी किसी विधि के पूर्व प्रवर्तन पर, अथवा
(ख) ऐसी किसी विधि के विरुद्ध किए गए किसी अपराध की बाबत उपगत किसी शास्ति, समपहरण या दंड पर, अथवा
(ग) ऐसे किसी अन्वेषण या उपचार पर जो ऐसी किसी शास्ति, समपहरण या दंड की बाबत हो,
प्रभाव नहीं डालेगा, और ऐसा अन्वेषण, विधिक कार्यवाही या उपचार वैसे ही संस्थित किया जा सकेगा, चालू रखा जा सकेगा या प्रवर्तित कराया जा सकेगा और ऐसी शास्ति, समपहरण या दंड वैसे ही अधिरोपित किया जा सकेगा, मानो यह अधिनियम पारित न किया गया होः
परन्तु यह और कि ऐसी किसी विधि के अधीन की गई कोई बात या कार्रवाई, पूर्ववर्ती परन्तुक के अध्यधीन रहते हुए, इस अधिनियम के तत्स्थानी उपबंध के अधीन की गई समझी जाएगी और वह तद्नुसार तब तक प्रवृत्त रहेगी जब तक कि वह इस अधिनियम के अधीन की गई किसी बात या कार्रवाई द्वारा अतिष्ठित नहीं कर दी जाती ।
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