The Aadhaar (Targeted Delivery of Financial and Other Subsidies, Benefits and Services) Act, 2016. 48अध्याय VIII · Miscellaneous
धारा 48 · केंद्रीय सरकार को प्राधिकरण को निरस्त करने की शक्ति प्राप्त है।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) यदि किसी भी समय केंद्र सरकार की यह राय हो कि, —
(क) प्राधिकरण के नियंत्रण से परे परिस्थितियों के कारण, वह इस अधिनियम के प्रावधानों द्वारा या उसके अधीन उस पर लगाए गए कार्यों या कर्तव्यों का निर्वहन करने में असमर्थ है; या
(ख) प्राधिकरण ने इस अधिनियम के तहत केंद्र सरकार द्वारा दिए गए किसी भी निर्देश का अनुपालन करने में या इस अधिनियम के प्रावधानों के तहत उस पर लगाए गए कार्यों या कर्तव्यों के निर्वहन या प्रदर्शन में लगातार चूक की है और ऐसी चूक के परिणामस्वरूप प्राधिकरण की वित्तीय स्थिति या प्राधिकरण के प्रशासन को नुकसान हुआ है; या
(ग) कि सार्वजनिक आपातकाल मौजूद है,
केंद्र सरकार अधिसूचना द्वारा प्राधिकरण को अधिकतम छह माह की अवधि के लिए, जैसा कि अधिसूचना में निर्दिष्ट किया जा सकता है, प्रतिस्थापित कर सकती है और राष्ट्रपति द्वारा निर्देशित किसी व्यक्ति या व्यक्तियों को इस अधिनियम के अंतर्गत शक्तियों का प्रयोग करने और कार्यों का निर्वहन करने के लिए नियुक्त कर सकती है।
बशर्ते कि ऐसी कोई अधिसूचना जारी करने से पहले, केंद्र सरकार प्राधिकरण को प्रस्तावित अधिक्रमण के विरुद्ध अभ्यावेदन देने का उचित अवसर देगी और प्राधिकरण के किसी भी अभ्यावेदन पर विचार करेगी।
(2) उपधारा (1) के तहत अधिसूचना प्रकाशित होने पर, प्राधिकरण को निरस्त करने पर,—
(क) अध्यक्ष और अन्य सदस्य, पदच्युति की तिथि से अपने पद रिक्त कर देंगे;
(ख) इस अधिनियम के प्रावधानों के तहत प्राधिकरण द्वारा या उसकी ओर से प्रयोग या निर्वहन किए जाने वाले सभी अधिकार, कार्य और कर्तव्य, जब तक उपधारा (3) के तहत प्राधिकरण का पुनर्गठन नहीं हो जाता, तब तक उपधारा (1) में निर्दिष्ट व्यक्ति या व्यक्तियों द्वारा प्रयोग और निर्वहन किए जाएंगे; और
(ग) प्राधिकरण के स्वामित्व वाली या उसके नियंत्रण वाली सभी संपत्तियां, जब तक उपधारा (3) के तहत प्राधिकरण का पुनर्गठन नहीं हो जाता, केंद्र सरकार में निहित रहेंगी।
(3) उपधारा (1) के तहत जारी अधिसूचना में निर्दिष्ट अधिक्रमण की अवधि समाप्त होने से पहले या उस दिन, केंद्र सरकार इसके अध्यक्ष और अन्य सदस्यों की नई नियुक्ति द्वारा प्राधिकरण का पुनर्गठन करेगी और ऐसे मामले में, उपधारा (2) के खंड (क) के तहत अपना पद खाली करने वाला कोई भी व्यक्ति पुनर्नियुक्ति के लिए अयोग्य नहीं माना जाएगा।
(4) केंद्र सरकार उपधारा (1) के तहत जारी अधिसूचना की एक प्रति और इस धारा के तहत की गई किसी भी कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट तथा ऐसी कार्रवाई के कारणों का विवरण संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष यथाशीघ्र प्रस्तुत करवाएगी।
(क) प्राधिकरण के नियंत्रण से परे परिस्थितियों के कारण, वह इस अधिनियम के प्रावधानों द्वारा या उसके अधीन उस पर लगाए गए कार्यों या कर्तव्यों का निर्वहन करने में असमर्थ है; या
(ख) प्राधिकरण ने इस अधिनियम के तहत केंद्र सरकार द्वारा दिए गए किसी भी निर्देश का अनुपालन करने में या इस अधिनियम के प्रावधानों के तहत उस पर लगाए गए कार्यों या कर्तव्यों के निर्वहन या प्रदर्शन में लगातार चूक की है और ऐसी चूक के परिणामस्वरूप प्राधिकरण की वित्तीय स्थिति या प्राधिकरण के प्रशासन को नुकसान हुआ है; या
(ग) कि सार्वजनिक आपातकाल मौजूद है,
केंद्र सरकार अधिसूचना द्वारा प्राधिकरण को अधिकतम छह माह की अवधि के लिए, जैसा कि अधिसूचना में निर्दिष्ट किया जा सकता है, प्रतिस्थापित कर सकती है और राष्ट्रपति द्वारा निर्देशित किसी व्यक्ति या व्यक्तियों को इस अधिनियम के अंतर्गत शक्तियों का प्रयोग करने और कार्यों का निर्वहन करने के लिए नियुक्त कर सकती है।
बशर्ते कि ऐसी कोई अधिसूचना जारी करने से पहले, केंद्र सरकार प्राधिकरण को प्रस्तावित अधिक्रमण के विरुद्ध अभ्यावेदन देने का उचित अवसर देगी और प्राधिकरण के किसी भी अभ्यावेदन पर विचार करेगी।
(2) उपधारा (1) के तहत अधिसूचना प्रकाशित होने पर, प्राधिकरण को निरस्त करने पर,—
(क) अध्यक्ष और अन्य सदस्य, पदच्युति की तिथि से अपने पद रिक्त कर देंगे;
(ख) इस अधिनियम के प्रावधानों के तहत प्राधिकरण द्वारा या उसकी ओर से प्रयोग या निर्वहन किए जाने वाले सभी अधिकार, कार्य और कर्तव्य, जब तक उपधारा (3) के तहत प्राधिकरण का पुनर्गठन नहीं हो जाता, तब तक उपधारा (1) में निर्दिष्ट व्यक्ति या व्यक्तियों द्वारा प्रयोग और निर्वहन किए जाएंगे; और
(ग) प्राधिकरण के स्वामित्व वाली या उसके नियंत्रण वाली सभी संपत्तियां, जब तक उपधारा (3) के तहत प्राधिकरण का पुनर्गठन नहीं हो जाता, केंद्र सरकार में निहित रहेंगी।
(3) उपधारा (1) के तहत जारी अधिसूचना में निर्दिष्ट अधिक्रमण की अवधि समाप्त होने से पहले या उस दिन, केंद्र सरकार इसके अध्यक्ष और अन्य सदस्यों की नई नियुक्ति द्वारा प्राधिकरण का पुनर्गठन करेगी और ऐसे मामले में, उपधारा (2) के खंड (क) के तहत अपना पद खाली करने वाला कोई भी व्यक्ति पुनर्नियुक्ति के लिए अयोग्य नहीं माना जाएगा।
(4) केंद्र सरकार उपधारा (1) के तहत जारी अधिसूचना की एक प्रति और इस धारा के तहत की गई किसी भी कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट तथा ऐसी कार्रवाई के कारणों का विवरण संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष यथाशीघ्र प्रस्तुत करवाएगी।
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