The Aadhaar (Targeted Delivery of Financial and Other Subsidies, Benefits and Services) Act, 2016. 19अध्याय IV · Unique Identification Authority of India
धारा 19 · प्राधिकारियों की बैठकें।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) प्राधिकरण ऐसे समय और स्थानों पर बैठक करेगा तथा अपनी बैठकों में कामकाज के संचालन के संबंध में, जिसमें बैठकों में कोरम भी शामिल है, प्रक्रिया के ऐसे नियमों का पालन करेगा, जैसा कि विनियमों द्वारा निर्दिष्ट किया जा सकता है।
(2) अध्यक्ष, या यदि किसी कारणवश वह प्राधिकरण की बैठक में उपस्थित होने में असमर्थ हो, तो सबसे वरिष्ठ सदस्य प्राधिकरण की बैठकों की अध्यक्षता करेगा।
(3) प्राधिकरण की किसी भी बैठक के समक्ष आने वाले सभी प्रश्नों का निर्णय उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के बहुमत से किया जाएगा और मतों की समानता की स्थिति में, अध्यक्ष या उनकी अनुपस्थिति में पीठासीन सदस्य को निर्णायक मत प्राप्त होगा।
(4) प्राधिकरण के सभी निर्णयों पर अध्यक्ष या प्राधिकरण द्वारा इस संबंध में अधिकृत किसी अन्य सदस्य या सदस्य-सचिव द्वारा हस्ताक्षर किए जाएंगे।
(5) यदि कोई सदस्य, जो किसी कंपनी का निदेशक है और निदेशक के रूप में, प्राधिकरण की बैठक में विचार के लिए आने वाले किसी भी मामले में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई वित्तीय हित रखता है, तो वह प्रासंगिक परिस्थितियों की जानकारी मिलते ही यथाशीघ्र अपने हित की प्रकृति का खुलासा उस बैठक में करेगा और ऐसा खुलासा प्राधिकरण की कार्यवाही में दर्ज किया जाएगा, और सदस्य उस मामले के संबंध में प्राधिकरण के किसी भी विचार-विमर्श या निर्णय में भाग नहीं लेगा।
(2) अध्यक्ष, या यदि किसी कारणवश वह प्राधिकरण की बैठक में उपस्थित होने में असमर्थ हो, तो सबसे वरिष्ठ सदस्य प्राधिकरण की बैठकों की अध्यक्षता करेगा।
(3) प्राधिकरण की किसी भी बैठक के समक्ष आने वाले सभी प्रश्नों का निर्णय उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के बहुमत से किया जाएगा और मतों की समानता की स्थिति में, अध्यक्ष या उनकी अनुपस्थिति में पीठासीन सदस्य को निर्णायक मत प्राप्त होगा।
(4) प्राधिकरण के सभी निर्णयों पर अध्यक्ष या प्राधिकरण द्वारा इस संबंध में अधिकृत किसी अन्य सदस्य या सदस्य-सचिव द्वारा हस्ताक्षर किए जाएंगे।
(5) यदि कोई सदस्य, जो किसी कंपनी का निदेशक है और निदेशक के रूप में, प्राधिकरण की बैठक में विचार के लिए आने वाले किसी भी मामले में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई वित्तीय हित रखता है, तो वह प्रासंगिक परिस्थितियों की जानकारी मिलते ही यथाशीघ्र अपने हित की प्रकृति का खुलासा उस बैठक में करेगा और ऐसा खुलासा प्राधिकरण की कार्यवाही में दर्ज किया जाएगा, और सदस्य उस मामले के संबंध में प्राधिकरण के किसी भी विचार-विमर्श या निर्णय में भाग नहीं लेगा।
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