The Aadhaar (Targeted Delivery of Financial and Other Subsidies, Benefits and Services) Act, 2016. 33अध्याय VI · Protection of Information
धारा 33 · कुछ मामलों में सूचना का खुलासा।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) धारा 28 की उपधारा (2) या उपधारा (5) या धारा 29 की उपधारा (2) में निहित कोई भी बात, किसी उच्च न्यायालय के न्यायाधीश से निम्न स्तर के न्यायालय के आदेश के अनुसार किए गए किसी सूचना प्रकटीकरण, जिसमें पहचान संबंधी सूचना या प्रमाणीकरण अभिलेख शामिल हैं, के संबंध में लागू नहीं होगी।
बशर्ते कि इस उपधारा के तहत न्यायालय द्वारा कोई आदेश प्राधिकरण 2 [और संबंधित आधार संख्या धारक] को सुनवाई का अवसर दिए बिना नहीं दिया जाएगा।
2 [इसके अलावा यह भी प्रावधान है कि इस उपधारा के अंतर्गत मुख्य बायोमेट्रिक जानकारी का खुलासा नहीं किया जाएगा।]
(2) धारा 28 की उपधारा (2) या उपधारा (5) तथा धारा 29 की उपधारा (1) के खंड (ख) , उपधारा (2) या उपधारा (3) में निहित कोई भी बात, भारत सरकार के सचिव से कम रैंक के किसी अधिकारी के निर्देशानुसार राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में की गई किसी सूचना, जिसमें पहचान संबंधी सूचना या प्रमाणीकरण अभिलेख शामिल हैं, के प्रकटीकरण पर लागू नहीं होगी, जिसे केंद्र सरकार के आदेश द्वारा इस संबंध में विशेष रूप से अधिकृत किया गया हो।
बशर्ते कि इस उपधारा के अंतर्गत जारी किए गए प्रत्येक निर्देश की समीक्षा, उसके प्रभावी होने से पहले, कैबिनेट सचिव और भारत सरकार के विधि मामलों के विभाग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिवों से युक्त एक निगरानी समिति द्वारा की जाएगी:
इसके अलावा, इस उपधारा के तहत जारी किया गया कोई भी निर्देश जारी होने की तारीख से तीन महीने की अवधि के लिए वैध होगा, जिसे निगरानी समिति द्वारा समीक्षा के बाद तीन महीने की अतिरिक्त अवधि के लिए बढ़ाया जा सकता है।
बशर्ते कि इस उपधारा के तहत न्यायालय द्वारा कोई आदेश प्राधिकरण 2 [और संबंधित आधार संख्या धारक] को सुनवाई का अवसर दिए बिना नहीं दिया जाएगा।
2 [इसके अलावा यह भी प्रावधान है कि इस उपधारा के अंतर्गत मुख्य बायोमेट्रिक जानकारी का खुलासा नहीं किया जाएगा।]
(2) धारा 28 की उपधारा (2) या उपधारा (5) तथा धारा 29 की उपधारा (1) के खंड (ख) , उपधारा (2) या उपधारा (3) में निहित कोई भी बात, भारत सरकार के सचिव से कम रैंक के किसी अधिकारी के निर्देशानुसार राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में की गई किसी सूचना, जिसमें पहचान संबंधी सूचना या प्रमाणीकरण अभिलेख शामिल हैं, के प्रकटीकरण पर लागू नहीं होगी, जिसे केंद्र सरकार के आदेश द्वारा इस संबंध में विशेष रूप से अधिकृत किया गया हो।
बशर्ते कि इस उपधारा के अंतर्गत जारी किए गए प्रत्येक निर्देश की समीक्षा, उसके प्रभावी होने से पहले, कैबिनेट सचिव और भारत सरकार के विधि मामलों के विभाग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिवों से युक्त एक निगरानी समिति द्वारा की जाएगी:
इसके अलावा, इस उपधारा के तहत जारी किया गया कोई भी निर्देश जारी होने की तारीख से तीन महीने की अवधि के लिए वैध होगा, जिसे निगरानी समिति द्वारा समीक्षा के बाद तीन महीने की अतिरिक्त अवधि के लिए बढ़ाया जा सकता है।
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