The Aadhaar (Targeted Delivery of Financial and Other Subsidies, Benefits and Services) Act, 2016. 4अध्याय II · Enrolment
धारा 4 · आधार नंबर की विशेषताएं।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) किसी व्यक्ति को जारी किया गया आधार नंबर किसी अन्य व्यक्ति को पुनः आवंटित नहीं किया जाएगा।
(2) आधार संख्या एक यादृच्छिक संख्या होगी और आधार संख्या धारक के गुणों या पहचान से उसका कोई संबंध नहीं होगा।
1 [(3) प्रत्येक आधार संख्या धारक अपनी पहचान स्थापित करने के लिए, प्रमाणीकरण या ऑफ़लाइन सत्यापन के माध्यम से भौतिक या इलेक्ट्रॉनिक रूप में, या ऐसे अन्य रूप में, जैसा कि विनियमों द्वारा निर्दिष्ट किया जा सकता है, अपने आधार संख्या का स्वेच्छा से उपयोग कर सकता है।
स्पष्टीकरण। -- इस धारा के प्रयोजनों के लिए, प्रमाणीकरण के माध्यम से आधार संख्या का स्वैच्छिक उपयोग का अर्थ है आधार संख्या धारक की सूचित सहमति से ही ऐसी आधार संख्या का उपयोग करना।
(4) किसी संस्था को प्रमाणीकरण करने की अनुमति दी जा सकती है, यदि प्राधिकरण संतुष्ट हो कि अनुरोध करने वाली संस्था—
(क) गोपनीयता और सुरक्षा के ऐसे मानकों का अनुपालन करना जो विनियमों द्वारा निर्दिष्ट किए जा सकते हैं; और
(ख) (i) संसद द्वारा बनाए गए किसी अन्य कानून के प्रावधानों के तहत प्रमाणीकरण सेवाएं प्रदान करने की अनुमति प्राप्त; या
(ii) ऐसे प्रयोजन के लिए प्रमाणीकरण की मांग करना, जैसा कि केंद्र सरकार प्राधिकरण के परामर्श से और राज्य के हित में निर्धारित कर सकती है।
(5) प्राधिकरण विनियमों द्वारा यह निर्णय ले सकता है कि क्या अनुरोध करने वाली इकाई को प्रमाणीकरण के दौरान वास्तविक आधार संख्या का उपयोग करने की अनुमति दी जाएगी या केवल वैकल्पिक आभासी पहचान का।
(6) प्रत्येक अनुरोधकर्ता संस्था, जिसे उप-धारा (3) के अंतर्गत आधार संख्या धारक द्वारा प्रमाणीकरण अनुरोध किया जाता है, आधार संख्या धारक को पहचान के वैकल्पिक और व्यवहार्य साधनों की सूचना देगी और प्रमाणीकरण से इनकार करने या असमर्थ होने के कारण उसे कोई सेवा देने से इनकार नहीं करेगी।
(7) पूर्वोक्त प्रावधानों में किसी बात के होते हुए भी, किसी सेवा के प्रावधान के लिए आधार संख्या धारक का अनिवार्य प्रमाणीकरण तब होगा जब संसद द्वारा बनाए गए किसी कानून द्वारा ऐसा प्रमाणीकरण आवश्यक हो।]
(2) आधार संख्या एक यादृच्छिक संख्या होगी और आधार संख्या धारक के गुणों या पहचान से उसका कोई संबंध नहीं होगा।
1 [(3) प्रत्येक आधार संख्या धारक अपनी पहचान स्थापित करने के लिए, प्रमाणीकरण या ऑफ़लाइन सत्यापन के माध्यम से भौतिक या इलेक्ट्रॉनिक रूप में, या ऐसे अन्य रूप में, जैसा कि विनियमों द्वारा निर्दिष्ट किया जा सकता है, अपने आधार संख्या का स्वेच्छा से उपयोग कर सकता है।
स्पष्टीकरण। -- इस धारा के प्रयोजनों के लिए, प्रमाणीकरण के माध्यम से आधार संख्या का स्वैच्छिक उपयोग का अर्थ है आधार संख्या धारक की सूचित सहमति से ही ऐसी आधार संख्या का उपयोग करना।
(4) किसी संस्था को प्रमाणीकरण करने की अनुमति दी जा सकती है, यदि प्राधिकरण संतुष्ट हो कि अनुरोध करने वाली संस्था—
(क) गोपनीयता और सुरक्षा के ऐसे मानकों का अनुपालन करना जो विनियमों द्वारा निर्दिष्ट किए जा सकते हैं; और
(ख) (i) संसद द्वारा बनाए गए किसी अन्य कानून के प्रावधानों के तहत प्रमाणीकरण सेवाएं प्रदान करने की अनुमति प्राप्त; या
(ii) ऐसे प्रयोजन के लिए प्रमाणीकरण की मांग करना, जैसा कि केंद्र सरकार प्राधिकरण के परामर्श से और राज्य के हित में निर्धारित कर सकती है।
(5) प्राधिकरण विनियमों द्वारा यह निर्णय ले सकता है कि क्या अनुरोध करने वाली इकाई को प्रमाणीकरण के दौरान वास्तविक आधार संख्या का उपयोग करने की अनुमति दी जाएगी या केवल वैकल्पिक आभासी पहचान का।
(6) प्रत्येक अनुरोधकर्ता संस्था, जिसे उप-धारा (3) के अंतर्गत आधार संख्या धारक द्वारा प्रमाणीकरण अनुरोध किया जाता है, आधार संख्या धारक को पहचान के वैकल्पिक और व्यवहार्य साधनों की सूचना देगी और प्रमाणीकरण से इनकार करने या असमर्थ होने के कारण उसे कोई सेवा देने से इनकार नहीं करेगी।
(7) पूर्वोक्त प्रावधानों में किसी बात के होते हुए भी, किसी सेवा के प्रावधान के लिए आधार संख्या धारक का अनिवार्य प्रमाणीकरण तब होगा जब संसद द्वारा बनाए गए किसी कानून द्वारा ऐसा प्रमाणीकरण आवश्यक हो।]
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