WLP Act 49Cअध्याय VA · Prohibition of Trade or Commerce in Trophies, Animal Articles, Etc., Derived from Certain Animals
धारा 49C · व्यौहारी द्वारा घोषणा
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) धारा 49ख की उपधारा (1) में निर्दिष्ट कारबार या उपजीविका चलाने वाला प्रत्येक व्यक्ति, विनिर्दिष्ट तारीख से तीस दिन के भीतर,-
(क) (i) अनुसूचित प्राणी-वस्तुओं;
(ii) अनुसूचित प्राणियों और उनके भागों;
(iii) अनुसूचित प्राणियों से व्युत्पन्न ट्राफियों और असंसाधित ट्राफियों;
(iv) बन्दी प्राणियों, जो अनुसूचित प्राणी हैं,
[(v) भारत में आयातित हाथी दांत या उससे बनी वस्तुओं;] के अपने ऐसे स्टाक को, यदि कोई हो, जो विनिर्दिष्ट तारीख के अंत में है;
(ख) उस स्थान या उन स्थानों को, जहां घोषणा में उल्लिखित स्टाक रखे गए हैं; और
(ग) घोषणा में उल्लिखित स्टाक की ऐसी मदों के, यदि कोई हों, वर्णन को, जो वह अपने सद्भाविक वैयक्तिक उपयोग के लिए अपने पास रखना चाहता है,
मुख्य वन्य जीव संरक्षक या प्राधिकृत अधिकारी को घोषित करेगा ।
(2) उपधारा (1) के अधीन घोषणा के प्राप्त होने पर मुख्य वन्य जीव संरक्षक या प्राधिकृत अधिकारी धारा 41 में विनिर्दिष्ट सभी या कोई उपाय करेगा और इस प्रयोजन के लिए धारा 41 के उपबन्ध, जहां तक हो सके, लागू होंगे ।
(3) जहां, उपधारा (1) के अधीन की गई घोषणा में, घोषणा करने वाला व्यक्ति घोषणा में विनिर्दिष्ट स्टाक में से किसी मद को अपने सद्भाविक वैयक्तिक उपयोग के लिए अपने पास रखना चाहता है वहां मुख्य वन्य जीव संरक्षक, निदेशक के पूर्व अनुमोदन से, यदि उसका यह समाधान हो जाता है कि उस व्यक्ति के पास ऐसी मद का विधिपूर्ण कब्जा है तो, यथास्थिति, ऐसी मद या ऐसी सभी मदों के संबंध में, जो मुख्य वन्य जीव संरक्षक की राय में ऐसे व्यक्ति के सद्भाविक वैयक्तिक उपयोग के लिए अपेक्षित हैं, ऐसे व्यक्ति के पक्ष में स्वामित्व का प्रमाणपत्र जारी कर सकेगा और ऐसी मदों पर पहचान चिह्न ऐसी रीति से लगा सकेगा, जो विहित की जाएं :
परन्तु कोई ऐसी मद किसी वाणिज्यिक परिसर में नहीं रखी जाएगी ।
(4) कोई व्यक्ति उपधारा (3) में निर्दिष्ट किसी पहचान चिह्न को नहीं मिटाएगा या उसका कूटकरण नहीं करेगा ।
(5) उपधारा (3) के अधीन स्वामित्व का प्रमाणपत्र देने से किसी इंकार के विरुद्ध अपील होगी और धारा 46 की उपधारा (2), उपधारा (3) और उपधारा (4) के उपबंध, जहां तक हो सके, इस उपधारा के अधीन अपीलों के संबंध में लागू होंगे ।
(6) जहां कोई ऐसी व्यक्ति जिसे उपधारा (3) के अधीन किसी मद के संबंध में स्वामित्व का प्रमाणपत्र जारी किया गया है,-
(क) दान, विक्रय के रूप में या अन्यथा किसी व्यक्ति को ऐसी मद का अन्तरण करता है; या
(ख) उस राज्य से, जिसमें यह निवास करता है, अन्य राज्य को किसी ऐसी मद का अन्तरण का परिवहन करता है,
वहां वह ऐसे अन्तरण या परिवहन के तीस दिन के भीतर ऐसे अन्तरण या परिवहन की रिपोर्ट उस मुख्य वन्य जीव संरक्षक या प्राधिकृत अधिकारी को देगा, जिसकी अधिकारिता के भीतर ऐसा अन्तरण या परिवहन किया जाता है ।
(7) ऐसे व्यक्ति से, जिसे उपधारा (3) के अधीन स्वामित्व का प्रमाणपत्र जारी किया गया है, भिन्न कोई व्यक्ति, विनिर्दिष्ट तारीख को और उसके पश्चात् [किसी अनुसूचित प्राणी, किसी अनुसूचित प्राणी-वस्तु या भारत में आयातित हांथी दांत या उससे बनी किसी वस्तु को,] अपने नियंत्रण के अधीन नहीं रखेगा, उसका किसी व्यक्ति को विक्रय नहीं करेगा अन्यथा विक्रय के लिए प्रस्थापना नहीं करेगा या अन्तरण नहीं करेगा ।
(क) (i) अनुसूचित प्राणी-वस्तुओं;
(ii) अनुसूचित प्राणियों और उनके भागों;
(iii) अनुसूचित प्राणियों से व्युत्पन्न ट्राफियों और असंसाधित ट्राफियों;
(iv) बन्दी प्राणियों, जो अनुसूचित प्राणी हैं,
[(v) भारत में आयातित हाथी दांत या उससे बनी वस्तुओं;] के अपने ऐसे स्टाक को, यदि कोई हो, जो विनिर्दिष्ट तारीख के अंत में है;
(ख) उस स्थान या उन स्थानों को, जहां घोषणा में उल्लिखित स्टाक रखे गए हैं; और
(ग) घोषणा में उल्लिखित स्टाक की ऐसी मदों के, यदि कोई हों, वर्णन को, जो वह अपने सद्भाविक वैयक्तिक उपयोग के लिए अपने पास रखना चाहता है,
मुख्य वन्य जीव संरक्षक या प्राधिकृत अधिकारी को घोषित करेगा ।
(2) उपधारा (1) के अधीन घोषणा के प्राप्त होने पर मुख्य वन्य जीव संरक्षक या प्राधिकृत अधिकारी धारा 41 में विनिर्दिष्ट सभी या कोई उपाय करेगा और इस प्रयोजन के लिए धारा 41 के उपबन्ध, जहां तक हो सके, लागू होंगे ।
(3) जहां, उपधारा (1) के अधीन की गई घोषणा में, घोषणा करने वाला व्यक्ति घोषणा में विनिर्दिष्ट स्टाक में से किसी मद को अपने सद्भाविक वैयक्तिक उपयोग के लिए अपने पास रखना चाहता है वहां मुख्य वन्य जीव संरक्षक, निदेशक के पूर्व अनुमोदन से, यदि उसका यह समाधान हो जाता है कि उस व्यक्ति के पास ऐसी मद का विधिपूर्ण कब्जा है तो, यथास्थिति, ऐसी मद या ऐसी सभी मदों के संबंध में, जो मुख्य वन्य जीव संरक्षक की राय में ऐसे व्यक्ति के सद्भाविक वैयक्तिक उपयोग के लिए अपेक्षित हैं, ऐसे व्यक्ति के पक्ष में स्वामित्व का प्रमाणपत्र जारी कर सकेगा और ऐसी मदों पर पहचान चिह्न ऐसी रीति से लगा सकेगा, जो विहित की जाएं :
परन्तु कोई ऐसी मद किसी वाणिज्यिक परिसर में नहीं रखी जाएगी ।
(4) कोई व्यक्ति उपधारा (3) में निर्दिष्ट किसी पहचान चिह्न को नहीं मिटाएगा या उसका कूटकरण नहीं करेगा ।
(5) उपधारा (3) के अधीन स्वामित्व का प्रमाणपत्र देने से किसी इंकार के विरुद्ध अपील होगी और धारा 46 की उपधारा (2), उपधारा (3) और उपधारा (4) के उपबंध, जहां तक हो सके, इस उपधारा के अधीन अपीलों के संबंध में लागू होंगे ।
(6) जहां कोई ऐसी व्यक्ति जिसे उपधारा (3) के अधीन किसी मद के संबंध में स्वामित्व का प्रमाणपत्र जारी किया गया है,-
(क) दान, विक्रय के रूप में या अन्यथा किसी व्यक्ति को ऐसी मद का अन्तरण करता है; या
(ख) उस राज्य से, जिसमें यह निवास करता है, अन्य राज्य को किसी ऐसी मद का अन्तरण का परिवहन करता है,
वहां वह ऐसे अन्तरण या परिवहन के तीस दिन के भीतर ऐसे अन्तरण या परिवहन की रिपोर्ट उस मुख्य वन्य जीव संरक्षक या प्राधिकृत अधिकारी को देगा, जिसकी अधिकारिता के भीतर ऐसा अन्तरण या परिवहन किया जाता है ।
(7) ऐसे व्यक्ति से, जिसे उपधारा (3) के अधीन स्वामित्व का प्रमाणपत्र जारी किया गया है, भिन्न कोई व्यक्ति, विनिर्दिष्ट तारीख को और उसके पश्चात् [किसी अनुसूचित प्राणी, किसी अनुसूचित प्राणी-वस्तु या भारत में आयातित हांथी दांत या उससे बनी किसी वस्तु को,] अपने नियंत्रण के अधीन नहीं रखेगा, उसका किसी व्यक्ति को विक्रय नहीं करेगा अन्यथा विक्रय के लिए प्रस्थापना नहीं करेगा या अन्तरण नहीं करेगा ।
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