WLP Act 38Eअध्याय IVA · Central Zoo Authority and Recognition of Zoos
धारा 38E · प्राधिकरण को अनुदान और उधार तथा निधि का गठन
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) केन्द्रीय सरकार, इस निमित्त संसद् द्वारा विधि द्वारा किए गए सम्यक् विनियोग के पश्चात् प्राधिकरण को अनुदान और ऋण की उतनी धनराशि दे सकेगी जो वह सरकार आवश्यक समझे ।
(2) केन्द्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण निधि के नाम से ज्ञात एक निधि का गठन किया जाएगा और उसमें केन्द्रीय सरकार द्वारा प्राधिकरण को दिए गए किन्हीं अनुदानों और ऋणों, प्राधिकरण द्वारा इस अधिनियम के अधीन प्राप्त सभी फीसों और प्रभारों तथा प्राधिकरण द्वारा ऐसे अन्य स्रोतों से, जो केन्द्रीय सरकार द्वारा विनिश्चित किए जाएं, प्राप्त सभी राशियों को जमा किया जाएगा ।
(3) उपधारा (2) में निर्दिष्ट निधि का उपयोजन प्राधिकरण के सदस्यों, अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों के वेतन, भत्तों तथा अन्य पारिश्रमिक को चुकाने और इस अध्याय के अधीन प्राधिकरण के कृत्यों के निर्वहन में उसके खर्चों और इस अधिनियम द्वारा प्राधिकृत उद्देश्यों और प्रयोजनों के खर्चों को पूरा करने के लिए किया जाएगा ।
(4) प्राधिकरण उचित लेखे अन्य सुसंगत अभिलेख बनाए रखेगा तथा लेखाओं का एक वार्षिक विवरण ऐसे प्ररूप में तैयार करेगा जो केन्द्रीय सरकार द्वारा भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक के परामर्श से विहित किया जाए ।
(5) प्राधिकरण के लेखाओं की संपरीक्षा नियंत्रक-महालेखापरीक्षक द्वारा ऐसे अन्तरालों पर की जाएगी जो उसके द्वारा विनिर्दिष्ट किए जाएं और ऐसी संपरीक्षा के संबंध में उपगत कोई व्यय प्राधिकरण द्वारा नियंत्रक-महालेखापरीक्षक को संदेय होगा ।
(6) नियंत्रक-महालेखापरीक्षक और उसके द्वारा इस अधिनियम के अधीन प्राधिकरण के लेखाओं की संपरीक्षा के संबंध में नियुक्त किसी व्यक्ति को ऐसी संपरीक्षा के संबंध में वही अधिकार तथा विशेषाधिकार और प्राधिकार होंगे जो नियंत्रक-महालेखापरीक्षक को साधारणतया सरकारी लेखाओं की संपरीक्षा के संबंध में हैं और विशिष्टतया उसे बहियों, लेखाओं, संबंधित वाउचरों तथा अन्य दस्तावेजों और कागज-पत्रों के पेश किए जाने की मांग करने और प्राधिकरण के किसी भी कार्यालय का निरीक्षण करने का अधिकार होगा ।
(7) नियंत्रक-महालेखापरीक्षक या उसके द्वारा इस निमित्त नियुक्त किसी अन्य व्यक्ति द्वारा यथाप्रमाणित प्राधिकरण के लेखे, उनकी संपरीक्षा रिपोर्ट के साथ प्राधिकरण द्वारा प्रति वर्ष केन्द्रीय सरकार को भेजे जाएंगे ।
(2) केन्द्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण निधि के नाम से ज्ञात एक निधि का गठन किया जाएगा और उसमें केन्द्रीय सरकार द्वारा प्राधिकरण को दिए गए किन्हीं अनुदानों और ऋणों, प्राधिकरण द्वारा इस अधिनियम के अधीन प्राप्त सभी फीसों और प्रभारों तथा प्राधिकरण द्वारा ऐसे अन्य स्रोतों से, जो केन्द्रीय सरकार द्वारा विनिश्चित किए जाएं, प्राप्त सभी राशियों को जमा किया जाएगा ।
(3) उपधारा (2) में निर्दिष्ट निधि का उपयोजन प्राधिकरण के सदस्यों, अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों के वेतन, भत्तों तथा अन्य पारिश्रमिक को चुकाने और इस अध्याय के अधीन प्राधिकरण के कृत्यों के निर्वहन में उसके खर्चों और इस अधिनियम द्वारा प्राधिकृत उद्देश्यों और प्रयोजनों के खर्चों को पूरा करने के लिए किया जाएगा ।
(4) प्राधिकरण उचित लेखे अन्य सुसंगत अभिलेख बनाए रखेगा तथा लेखाओं का एक वार्षिक विवरण ऐसे प्ररूप में तैयार करेगा जो केन्द्रीय सरकार द्वारा भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक के परामर्श से विहित किया जाए ।
(5) प्राधिकरण के लेखाओं की संपरीक्षा नियंत्रक-महालेखापरीक्षक द्वारा ऐसे अन्तरालों पर की जाएगी जो उसके द्वारा विनिर्दिष्ट किए जाएं और ऐसी संपरीक्षा के संबंध में उपगत कोई व्यय प्राधिकरण द्वारा नियंत्रक-महालेखापरीक्षक को संदेय होगा ।
(6) नियंत्रक-महालेखापरीक्षक और उसके द्वारा इस अधिनियम के अधीन प्राधिकरण के लेखाओं की संपरीक्षा के संबंध में नियुक्त किसी व्यक्ति को ऐसी संपरीक्षा के संबंध में वही अधिकार तथा विशेषाधिकार और प्राधिकार होंगे जो नियंत्रक-महालेखापरीक्षक को साधारणतया सरकारी लेखाओं की संपरीक्षा के संबंध में हैं और विशिष्टतया उसे बहियों, लेखाओं, संबंधित वाउचरों तथा अन्य दस्तावेजों और कागज-पत्रों के पेश किए जाने की मांग करने और प्राधिकरण के किसी भी कार्यालय का निरीक्षण करने का अधिकार होगा ।
(7) नियंत्रक-महालेखापरीक्षक या उसके द्वारा इस निमित्त नियुक्त किसी अन्य व्यक्ति द्वारा यथाप्रमाणित प्राधिकरण के लेखे, उनकी संपरीक्षा रिपोर्ट के साथ प्राधिकरण द्वारा प्रति वर्ष केन्द्रीय सरकार को भेजे जाएंगे ।
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