WLP Act 38Cअध्याय IVA · Central Zoo Authority and Recognition of Zoos
धारा 38C · प्राधिकरण के कृत्य
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
प्राधिकरण निम्नलिखित कृत्यों का पालन करेगा, अर्थात् :-
(क) किसी चिड़ियाघर में रखे गए प्राणियों के आवास, अनुरक्षण और चिकित्सीय देखभाल के लिए न्यूनतम मानक विनिर्दिष्ट करना;
(ख) ऐसे मानकों या मापदंड़ों की बाबत जो विहित किए जाएं, चिड़ियाघरों के कार्यकरण का मूल्यांकन और निर्धारण करना;
(ग) चिड़ियाघरों को मान्यता देना या उनकी मान्यता वापस लेना;
(घ) बंदी रूप में प्रजनन के प्रयोजनों के लिए वन्य प्राणियों की संकटापन्न जातियों का पता लगाना और इस संबंध में किसी चिड़ियाघर को उत्तरदायित्व सौंपना;
(ङ) प्रजनन के प्रयोजनों के लिए प्राणियों के अर्जन, आदान-प्रदान और उधार पर लेने-देने का समन्वय करना;
(च) बंदी रूप में प्रजनित वन्य प्राणी की संकटापन्न जातियों की अध्ययन पुस्तिकाओं को बनाए रखना सुनिश्चित करना;
(छ) किसी चिड़ियाघर में बंदी प्राणियों के प्रदर्शन की बाबत पूर्विकताओं और विषयवस्तुओं का पता लगाना;
(ज) भारत में और भारत के बाहर चिड़ियाघर के कार्मिकों के प्रशिक्षण का समन्वय करना;
(झ) चिड़ियाघरों के प्रयोजनों के लिए बंदी रूप में प्रजनन के संबंध में अनुसंधान और शैक्षिक कार्यक्रमों का समन्वय करना;
(ञ) चिड़ियाघरों के वैज्ञानिक आधार पर उचित प्रबन्ध और विकास के लिए, उन्हें तकनीकी और अन्य सहायता प्रदान करना;
(ट) ऐसे अन्य कृत्यों का पालन करना जो चिड़ियाघरों के संबंध में इस अधिनियम के प्रयोजनों को क्रियान्वित करने के लिए आवश्यक हों ।
(क) किसी चिड़ियाघर में रखे गए प्राणियों के आवास, अनुरक्षण और चिकित्सीय देखभाल के लिए न्यूनतम मानक विनिर्दिष्ट करना;
(ख) ऐसे मानकों या मापदंड़ों की बाबत जो विहित किए जाएं, चिड़ियाघरों के कार्यकरण का मूल्यांकन और निर्धारण करना;
(ग) चिड़ियाघरों को मान्यता देना या उनकी मान्यता वापस लेना;
(घ) बंदी रूप में प्रजनन के प्रयोजनों के लिए वन्य प्राणियों की संकटापन्न जातियों का पता लगाना और इस संबंध में किसी चिड़ियाघर को उत्तरदायित्व सौंपना;
(ङ) प्रजनन के प्रयोजनों के लिए प्राणियों के अर्जन, आदान-प्रदान और उधार पर लेने-देने का समन्वय करना;
(च) बंदी रूप में प्रजनित वन्य प्राणी की संकटापन्न जातियों की अध्ययन पुस्तिकाओं को बनाए रखना सुनिश्चित करना;
(छ) किसी चिड़ियाघर में बंदी प्राणियों के प्रदर्शन की बाबत पूर्विकताओं और विषयवस्तुओं का पता लगाना;
(ज) भारत में और भारत के बाहर चिड़ियाघर के कार्मिकों के प्रशिक्षण का समन्वय करना;
(झ) चिड़ियाघरों के प्रयोजनों के लिए बंदी रूप में प्रजनन के संबंध में अनुसंधान और शैक्षिक कार्यक्रमों का समन्वय करना;
(ञ) चिड़ियाघरों के वैज्ञानिक आधार पर उचित प्रबन्ध और विकास के लिए, उन्हें तकनीकी और अन्य सहायता प्रदान करना;
(ट) ऐसे अन्य कृत्यों का पालन करना जो चिड़ियाघरों के संबंध में इस अधिनियम के प्रयोजनों को क्रियान्वित करने के लिए आवश्यक हों ।
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