WLP Act 29अध्याय IV · Sanctuaries
धारा 29 · अनुज्ञापत्र के बिना अभयारण्य में नाशकरण आदि पर प्रतिषेध
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
कोई भी व्यक्ति मुख्य वन्य जीव संरक्षक द्वारा दी गई किसी अनुज्ञा के अधीन और उसके अनुसार के सिवाय, किसी कार्य द्वारा वह चाहे जो भी हो, किसी अभयारण्य में वनोत्पाद सहित किसी वन्य जीवन को नष्ट नहीं करेगा, उसका विदोहन नहीं करेगा या उसको नहीं हटाएगा अथवा अभयारण्य में या उसके बाहर जल के प्रवाह का अपवर्तन नहीं करेगा, उसे रोकेगा नहीं अथवा उसमें वृद्धि नहीं करेगा और कोई ऐसी अनुज्ञा तब तक नहीं दी जाएगी जब तक कि राज्य सरकार, बोर्ड के परामर्श से, यह समाधान हो जाने पर कि अभयारण्य से किसी वन्य जीव को इस प्रकार हटाया जाना या अभयारण्य में या उसके बाहर जल के प्रवाह में ऐसा परिवर्तन वहां के वन्य जीवन के सुधार और अधिक अच्छे परिवर्तन के लिए आवश्यक है, ऐसे अनुज्ञापत्र का जारी किया जाना प्राधिकृत नहीं करती है :
परन्तु जहां किसी अभयारण्य से वनोत्पाद को हटाया जाना है, वहां उसका उपयोग, अभयारण्य में अथवा उसके आस-पास रहने वाले लोगों की वास्तविक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए किया जा सकेगा और किसी वाणिज्यिक प्रयोजन के लिए उसका उपयोग नहीं किया जाएगा ।
स्पष्टीकरण-इस धारा के प्रयोजनों के लिए, धारा 33 के खंड (घ) के अधीन अनुज्ञात पशुधन की चराई या संचलन इस धारा के अधीन प्रतिषिद्ध कार्य नहीं समझा जाएगा ।]
परन्तु जहां किसी अभयारण्य से वनोत्पाद को हटाया जाना है, वहां उसका उपयोग, अभयारण्य में अथवा उसके आस-पास रहने वाले लोगों की वास्तविक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए किया जा सकेगा और किसी वाणिज्यिक प्रयोजन के लिए उसका उपयोग नहीं किया जाएगा ।
स्पष्टीकरण-इस धारा के प्रयोजनों के लिए, धारा 33 के खंड (घ) के अधीन अनुज्ञात पशुधन की चराई या संचलन इस धारा के अधीन प्रतिषिद्ध कार्य नहीं समझा जाएगा ।]
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