PMV Rules 239अध्याय XIII · Motor Vehicle Department
धारा 239 · मोटर वाहन विभाग के अधिकारियों के कर्तव्य, शक्तियां और कार्य
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
[धारा 213] - (1) मोटर वाहन विभाग के सभी अधिकारी अधिनियम, नियमों, विनियमों या अधिसूचनाओं के प्रावधानों को प्रशासित और लागू करने के लिए उत्तरदायी होंगे, जो इसके अंतर्गत बनाए या जारी किए गए हों, और ऐसे कर्तव्यों का पालन करेंगे जो उन्हें इन नियमों के अंतर्गत सौंपे गए हों या ऐसे अन्य कर्तव्यों का पालन करेंगे जो उन्हें सौंपे जा सकते हैं।
(2)
मोटर वाहन विभाग के अधिकारी अपने-अपने प्रभार के अंतर्गत यातायात और परिवहन के नियमन और उचित नियंत्रण तथा स्टैंडों के निरीक्षण, संग्रहण, अग्रेषण और/या आम जनता के लिए सुविधाओं के प्रावधान सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार होंगे।(3)
जिलों में यातायात नियंत्रण जिला पुलिस द्वारा किया जाता रहेगा और मोटर वाहन विभाग के अधिकारियों द्वारा की गई जाँच किसी भी तरह से यातायात नियंत्रण के मामले में पुलिस के सामान्य कामकाज में हस्तक्षेप नहीं करेगी।(4)
[धारा 213 के अधीन अधिकारी के रूप में नियुक्त तथा नियम 238 में निर्दिष्ट व्यक्तियों को यह विश्वास करने का कारण होने पर कि किसी मोटर वाहन का उपयोग धारा 3, धारा 4 या धारा 39 के प्रावधानों के उल्लंघन में या धारा 66 की उपधारा (1) द्वारा आवश्यक परमिट के बिना या उस परमिट की किसी शर्त के उल्लंघन में किया गया है या किया जा रहा है जो उस मार्ग, क्षेत्र या उद्देश्य से संबंधित है जिसके लिए वाहन का उपयोग किया जा सकता है, वाहन को जब्त करने और हिरासत में लेने का अधिकार होगा, और वे वाहन को निकटतम पुलिस स्टेशन या किसी सरकारी विभाग के परिसर में उचित रसीद के बदले में सुरक्षित हिरासत में रखेंगे, जो उनके द्वारा फॉर्म एमओएसएस में वाहन के मालिक या प्रभारी को दी जाएगी, जिसकी हिरासत से वाहन जब्त और हिरासत में लिया गया था।(5)
सरकारी विभाग के पुलिस स्टेशन का प्रभारी अधिकारी यह सुनिश्चित करेगा कि प्रश्नगत वाहन को उसमें निहित माल सहित, यदि कोई हो, सुरक्षित हिरासत में रखा जाए, जब उसे उसकी हिरासत में रखा जाता है।(6)
वाहन को संबंधित व्यक्ति द्वारा वाहन की ज़ब्ती या हिरासत की तारीख से दस दिनों की अवधि के भीतर छुड़ाया जा सकता है, जैसा भी मामला हो।(7)
[यदि वाहन उप-नियम (6) में निर्दिष्ट निर्धारित अवधि के भीतर नहीं छुड़ाया जाता है, तो वाहन की ज़ब्ती या हिरासत की तिथि से दस दिनों की अवधि समाप्त होने के बाद प्रति दिन एक सौ रुपये की दर से किराया वसूला जाएगा।] [पंजाब सरकार की अधिसूचना संख्या 7/13/99-आईटी(2)15196, दिनांक 17.12.1999 द्वारा जोड़ा गया।]इस धारा पर आपका निजी नोट
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