The Right to Fair Compensation and Transparency in Land Acquisition, Rehabilitation and Resettlement Act, 2013 46अध्याय VI · Procedure and Manner of Rehabilitation and Resettlement
धारा 46 · पुनर्वास और पुनर्स्थापन से संबंधित प्रावधान निर्दिष्ट व्यक्तियों के अलावा कुछ अन्य व्यक्तियों पर भी लागू होंगे।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) जहां कोई व्यक्ति, निर्दिष्ट व्यक्ति के अतिरिक्त, निजी बातचीत के माध्यम से ऐसी भूमि खरीद रहा है जिसका क्षेत्रफल उपयुक्त सरकार द्वारा अधिसूचित सीमा के बराबर या उससे अधिक है, संबंधित राज्य विशिष्ट कारकों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, जिसके लिए इस अधिनियम के तहत पुनर्वास और पुनर्स्थापन लागत का भुगतान आवश्यक है, तो वह जिला कलेक्टर को एक आवेदन प्रस्तुत करेगा जिसमें उसे सूचित किया जाएगा कि--
(क) खरीदने का इरादा;
(ख) वह उद्देश्य जिसके लिए ऐसी खरीद की जा रही है;
(ग) खरीदी जाने वाली भूमि का विवरण।
(2) कलेक्टर का यह कर्तव्य होगा कि वह पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन से संबंधित इस अधिनियम के सभी प्रासंगिक प्रावधानों की संतुष्टि के लिए मामले को आयुक्त के पास भेजे।
(3) इस अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार आयुक्त द्वारा अनुमोदित पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन योजना के आधार पर, कलेक्टर इस अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन पात्रता को कवर करते हुए व्यक्तिगत पुरस्कार पारित करेगा।
(4) यदि पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन का पूर्णतः अनुपालन नहीं किया जाता है तो भूमि उपयोग में कोई परिवर्तन अनुमत नहीं होगा।
(5) पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन योजना के प्रावधानों का अनुपालन किए बिना निर्दिष्ट व्यक्तियों के अतिरिक्त किसी अन्य व्यक्ति द्वारा भूमि की कोई भी खरीद प्रारंभ से ही अमान्य होगी।
बशर्ते कि उपयुक्त सरकार अपने राज्य में भूमि की बिक्री या खरीद पर पुनर्वास और पुनर्स्थापन के प्रावधान कर सकती है और उक्त प्रयोजन के लिए सीमा या अधिकतम सीमा भी निर्धारित कर सकती है।
(6) यदि किसी व्यक्ति द्वारा 5 सितंबर, 2011 को या उसके बाद निजी बातचीत के माध्यम से कोई भूमि खरीदी गई है, जो उप-धारा (1) में निर्दिष्ट सीमाओं से अधिक है, और यदि वही भूमि इस अधिनियम के प्रारंभ होने की तिथि से तीन वर्ष के भीतर अधिग्रहित की जाती है, तो ऐसी अधिग्रहित भूमि के लिए भुगतान किए गए मुआवजे का चालीस प्रतिशत मूल भूमि मालिकों के साथ साझा किया जाएगा।
स्पष्टीकरण .--इस धारा के प्रयोजन के लिए, अभिव्यक्ति--
(क) मूल भूमि स्वामी से तात्पर्य 5 सितंबर, 2011 को भूमि के स्वामी से है;
(ख) निर्दिष्ट व्यक्तियों में निम्नलिखित के अलावा कोई भी व्यक्ति शामिल है--
(i) उपयुक्त सरकार;
(ii) सरकारी कंपनी;
(iii) व्यक्तियों का संघ या ट्रस्ट या सोसाइटी जैसा कि सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 (21 ऑफ 1860) के तहत पंजीकृत है, जो पूर्णतः या आंशिक रूप से उपयुक्त सरकार द्वारा सहायता प्राप्त है या उपयुक्त सरकार द्वारा नियंत्रित है।
राज्य संशोधन
आंध्र प्रदेश
[प्रधान अधिनियम में, धारा 46 में, उपधारा (6) में, स्पष्टीकरण में, खंड (ख) में, "किसी अन्य व्यक्ति के अलावा" शब्द हटा दिए जाएंगे।]
[आंध्र प्रदेश अधिनियम 22, 2018, धारा 9 (1-1-2014 से प्रभावी )]
महाराष्ट्र
मुख्य अधिनियम की धारा 46 में, उपधारा (6) में, स्पष्टीकरण में, खंड (ख) में, उपखंड (i) और (ii) को हटा दिया जाएगा।
[महाराष्ट्र अधिनियम 37, 2018, धारा 8 देखें ।] (दिनांक 26.4.2018 से प्रभावी)।
हरयाणा
“प्रधान अधिनियम की धारा 46 की व्याख्या के खंड (ख) में, “किसी अन्य व्यक्ति के अलावा” शब्द हटा दिए जाएंगे।”
[हरियाणा अधिनियम 21, 2018, धारा 3 (9.05.2018 से प्रभावी )]
(क) खरीदने का इरादा;
(ख) वह उद्देश्य जिसके लिए ऐसी खरीद की जा रही है;
(ग) खरीदी जाने वाली भूमि का विवरण।
(2) कलेक्टर का यह कर्तव्य होगा कि वह पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन से संबंधित इस अधिनियम के सभी प्रासंगिक प्रावधानों की संतुष्टि के लिए मामले को आयुक्त के पास भेजे।
(3) इस अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार आयुक्त द्वारा अनुमोदित पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन योजना के आधार पर, कलेक्टर इस अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन पात्रता को कवर करते हुए व्यक्तिगत पुरस्कार पारित करेगा।
(4) यदि पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन का पूर्णतः अनुपालन नहीं किया जाता है तो भूमि उपयोग में कोई परिवर्तन अनुमत नहीं होगा।
(5) पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन योजना के प्रावधानों का अनुपालन किए बिना निर्दिष्ट व्यक्तियों के अतिरिक्त किसी अन्य व्यक्ति द्वारा भूमि की कोई भी खरीद प्रारंभ से ही अमान्य होगी।
बशर्ते कि उपयुक्त सरकार अपने राज्य में भूमि की बिक्री या खरीद पर पुनर्वास और पुनर्स्थापन के प्रावधान कर सकती है और उक्त प्रयोजन के लिए सीमा या अधिकतम सीमा भी निर्धारित कर सकती है।
(6) यदि किसी व्यक्ति द्वारा 5 सितंबर, 2011 को या उसके बाद निजी बातचीत के माध्यम से कोई भूमि खरीदी गई है, जो उप-धारा (1) में निर्दिष्ट सीमाओं से अधिक है, और यदि वही भूमि इस अधिनियम के प्रारंभ होने की तिथि से तीन वर्ष के भीतर अधिग्रहित की जाती है, तो ऐसी अधिग्रहित भूमि के लिए भुगतान किए गए मुआवजे का चालीस प्रतिशत मूल भूमि मालिकों के साथ साझा किया जाएगा।
स्पष्टीकरण .--इस धारा के प्रयोजन के लिए, अभिव्यक्ति--
(क) मूल भूमि स्वामी से तात्पर्य 5 सितंबर, 2011 को भूमि के स्वामी से है;
(ख) निर्दिष्ट व्यक्तियों में निम्नलिखित के अलावा कोई भी व्यक्ति शामिल है--
(i) उपयुक्त सरकार;
(ii) सरकारी कंपनी;
(iii) व्यक्तियों का संघ या ट्रस्ट या सोसाइटी जैसा कि सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 (21 ऑफ 1860) के तहत पंजीकृत है, जो पूर्णतः या आंशिक रूप से उपयुक्त सरकार द्वारा सहायता प्राप्त है या उपयुक्त सरकार द्वारा नियंत्रित है।
राज्य संशोधन
आंध्र प्रदेश
[प्रधान अधिनियम में, धारा 46 में, उपधारा (6) में, स्पष्टीकरण में, खंड (ख) में, "किसी अन्य व्यक्ति के अलावा" शब्द हटा दिए जाएंगे।]
[आंध्र प्रदेश अधिनियम 22, 2018, धारा 9 (1-1-2014 से प्रभावी )]
महाराष्ट्र
मुख्य अधिनियम की धारा 46 में, उपधारा (6) में, स्पष्टीकरण में, खंड (ख) में, उपखंड (i) और (ii) को हटा दिया जाएगा।
[महाराष्ट्र अधिनियम 37, 2018, धारा 8 देखें ।] (दिनांक 26.4.2018 से प्रभावी)।
हरयाणा
“प्रधान अधिनियम की धारा 46 की व्याख्या के खंड (ख) में, “किसी अन्य व्यक्ति के अलावा” शब्द हटा दिए जाएंगे।”
[हरियाणा अधिनियम 21, 2018, धारा 3 (9.05.2018 से प्रभावी )]
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