The Right to Fair Compensation and Transparency in Land Acquisition, Rehabilitation and Resettlement Act, 2013 16अध्याय IV · Notification and Acquisition
धारा 16 · प्रशासक द्वारा पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन योजना का निर्माण।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) कलेक्टर द्वारा धारा 11 की उपधारा (1) के तहत प्रारंभिक अधिसूचना प्रकाशित होने पर, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन प्रशासक प्रभावित परिवारों का सर्वेक्षण करेगा और जनगणना करेगा, ऐसे तरीके से और ऐसे समय के भीतर जैसा कि निर्धारित किया जाए, जिसमें निम्नलिखित शामिल होंगे—
(क) प्रत्येक प्रभावित परिवार की अधिग्रहित की जा रही भूमि और अचल संपत्तियों का विवरण;
(ख) भूमि खोने वालों और भूमिहीन लोगों के संबंध में आजीविका का नुकसान, जिनकी आजीविका मुख्य रूप से अधिग्रहित की जा रही भूमि पर निर्भर है;
(ग) सार्वजनिक उपयोगिताओं और सरकारी भवनों की एक सूची जो प्रभावित हैं या प्रभावित होने की संभावना है, जहां प्रभावित परिवारों के पुनर्वास का मामला शामिल है;
(घ) उन सुविधाओं और बुनियादी ढाँचे की व्यवस्थाओं का विवरण जो प्रभावित हैं या प्रभावित होने की संभावना है, जहाँ प्रभावित परिवारों का पुनर्वास शामिल है; और
(ई) अधिग्रहित की जा रही किसी भी साझा संपत्ति संसाधनों का विवरण।
(2) प्रशासक, उपधारा (1) के अधीन सर्वेक्षण और जनगणना के आधार पर, निर्धारित विधिानुसार पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन योजना का मसौदा तैयार करेगा, जिसमें प्रत्येक भूमि स्वामी और भूमिहीन व्यक्ति, जिनकी आजीविका मुख्यतः अधिग्रहित की जा रही भूमि पर निर्भर है, के पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन अधिकारों का विवरण शामिल होगा और जहां प्रभावित परिवारों का पुनर्वास शामिल है—
(i) पुनर्वास क्षेत्र में उपलब्ध कराए जाने वाले सरकारी भवनों की सूची;
(ii) पुनर्वास क्षेत्र में उपलब्ध कराई जाने वाली सार्वजनिक सुविधाओं और अवसंरचनात्मक सुविधाओं का विवरण।
(3) उपधारा (2) में निर्दिष्ट पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन योजना के मसौदे में पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन योजना को लागू करने की समय सीमा शामिल होगी।
(4) उपधारा (2) में निर्दिष्ट पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन योजना का मसौदा प्रभावित क्षेत्र में व्यापक प्रचार द्वारा स्थानीय स्तर पर ज्ञात कराया जाएगा तथा संबंधित ग्राम सभाओं या नगरपालिकाओं में इस पर चर्चा की जाएगी।
(5) प्रभावित क्षेत्र में सार्वजनिक सुनवाई की तिथि, समय और स्थान के बारे में पर्याप्त प्रचार करने के बाद, सार्वजनिक सुनवाई ऐसे तरीके से आयोजित की जाएगी जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
बशर्ते कि यदि किसी प्रभावित क्षेत्र में एक से अधिक ग्राम पंचायत या नगरपालिका शामिल हैं, तो प्रत्येक ग्राम सभा और नगरपालिका में जन सुनवाई आयोजित की जाएगी, जहां उस ग्राम सभा या नगरपालिका से संबंधित पच्चीस प्रतिशत से अधिक भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है।
इसके अलावा, अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभा के साथ परामर्श पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम, 1996 (1996 का 40) के प्रावधानों के अनुसार होगा।
(6) प्रशासक, सार्वजनिक सुनवाई पूरी होने पर, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन योजना का मसौदा, सार्वजनिक सुनवाई में उठाए गए दावों और आपत्तियों पर एक विशिष्ट रिपोर्ट के साथ कलेक्टर को प्रस्तुत करेगा।
(क) प्रत्येक प्रभावित परिवार की अधिग्रहित की जा रही भूमि और अचल संपत्तियों का विवरण;
(ख) भूमि खोने वालों और भूमिहीन लोगों के संबंध में आजीविका का नुकसान, जिनकी आजीविका मुख्य रूप से अधिग्रहित की जा रही भूमि पर निर्भर है;
(ग) सार्वजनिक उपयोगिताओं और सरकारी भवनों की एक सूची जो प्रभावित हैं या प्रभावित होने की संभावना है, जहां प्रभावित परिवारों के पुनर्वास का मामला शामिल है;
(घ) उन सुविधाओं और बुनियादी ढाँचे की व्यवस्थाओं का विवरण जो प्रभावित हैं या प्रभावित होने की संभावना है, जहाँ प्रभावित परिवारों का पुनर्वास शामिल है; और
(ई) अधिग्रहित की जा रही किसी भी साझा संपत्ति संसाधनों का विवरण।
(2) प्रशासक, उपधारा (1) के अधीन सर्वेक्षण और जनगणना के आधार पर, निर्धारित विधिानुसार पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन योजना का मसौदा तैयार करेगा, जिसमें प्रत्येक भूमि स्वामी और भूमिहीन व्यक्ति, जिनकी आजीविका मुख्यतः अधिग्रहित की जा रही भूमि पर निर्भर है, के पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन अधिकारों का विवरण शामिल होगा और जहां प्रभावित परिवारों का पुनर्वास शामिल है—
(i) पुनर्वास क्षेत्र में उपलब्ध कराए जाने वाले सरकारी भवनों की सूची;
(ii) पुनर्वास क्षेत्र में उपलब्ध कराई जाने वाली सार्वजनिक सुविधाओं और अवसंरचनात्मक सुविधाओं का विवरण।
(3) उपधारा (2) में निर्दिष्ट पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन योजना के मसौदे में पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन योजना को लागू करने की समय सीमा शामिल होगी।
(4) उपधारा (2) में निर्दिष्ट पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन योजना का मसौदा प्रभावित क्षेत्र में व्यापक प्रचार द्वारा स्थानीय स्तर पर ज्ञात कराया जाएगा तथा संबंधित ग्राम सभाओं या नगरपालिकाओं में इस पर चर्चा की जाएगी।
(5) प्रभावित क्षेत्र में सार्वजनिक सुनवाई की तिथि, समय और स्थान के बारे में पर्याप्त प्रचार करने के बाद, सार्वजनिक सुनवाई ऐसे तरीके से आयोजित की जाएगी जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
बशर्ते कि यदि किसी प्रभावित क्षेत्र में एक से अधिक ग्राम पंचायत या नगरपालिका शामिल हैं, तो प्रत्येक ग्राम सभा और नगरपालिका में जन सुनवाई आयोजित की जाएगी, जहां उस ग्राम सभा या नगरपालिका से संबंधित पच्चीस प्रतिशत से अधिक भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है।
इसके अलावा, अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभा के साथ परामर्श पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम, 1996 (1996 का 40) के प्रावधानों के अनुसार होगा।
(6) प्रशासक, सार्वजनिक सुनवाई पूरी होने पर, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन योजना का मसौदा, सार्वजनिक सुनवाई में उठाए गए दावों और आपत्तियों पर एक विशिष्ट रिपोर्ट के साथ कलेक्टर को प्रस्तुत करेगा।
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