The Right to Fair Compensation and Transparency in Land Acquisition, Rehabilitation and Resettlement Act, 2013 10अध्याय III · Special Provision to Safeguard Food Security
धारा 10 · खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रावधान।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) उपधारा (2) में अन्यथा प्रावधान किए जाने के अलावा, इस अधिनियम के तहत कोई सिंचित बहु-फसली भूमि अधिग्रहित नहीं की जाएगी।
(2) ऐसी भूमि का अधिग्रहण इस शर्त के अधीन किया जा सकता है कि यह असाधारण परिस्थितियों में, एक सिद्ध अंतिम उपाय के रूप में किया जा रहा है, जहां उपधारा (1) में निर्दिष्ट भूमि का अधिग्रहण, किसी जिले या राज्य में सभी परियोजनाओं के लिए कुल मिलाकर, किसी भी स्थिति में ऐसी सीमाओं से अधिक नहीं होगा जो संबंधित राज्य विशिष्ट कारकों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उपयुक्त सरकार द्वारा अधिसूचित की जा सकती हैं।
(3) जब भी उपधारा (2) के अंतर्गत बहुफसली सिंचित भूमि का अधिग्रहण किया जाता है, तो कृषि प्रयोजनों के लिए समतुल्य कृषि योग्य बंजर भूमि का विकास किया जाएगा या अधिग्रहित भूमि के मूल्य के समतुल्य राशि खाद्य सुरक्षा बढ़ाने के लिए कृषि में निवेश हेतु उपयुक्त सरकार के पास जमा की जाएगी।
(4) उपधारा (1) के अंतर्गत न आने वाले मामले में, किसी जिले या राज्य में सभी परियोजनाओं के लिए कृषि भूमि का कुल अधिग्रहण, उस जिले या राज्य के कुल शुद्ध बोए गए क्षेत्र की ऐसी सीमा से अधिक नहीं होगा, जैसा कि उपयुक्त सरकार द्वारा अधिसूचित किया जाए।
बशर्ते कि इस धारा के प्रावधान उन परियोजनाओं पर लागू नहीं होंगे जो रैखिक प्रकृति की हों, जैसे कि रेलवे, राजमार्ग, प्रमुख जिला सड़कें, सिंचाई नहरें, बिजली लाइनें आदि से संबंधित परियोजनाएं।
राज्य संशोधन
आंध्र प्रदेश
अध्याय III के बाद, निम्नलिखित अध्याय जोड़ा जाएगा, अर्थात्: ---
अध्याय III ए
अध्याय II और अध्याय III के प्रावधान कुछ परियोजनाओं पर लागू नहीं होंगे।
10ए. कुछ परियोजनाओं को छूट देने की राज्य सरकार की शक्ति:---राज्य सरकार, जनहित में, आंध्र प्रदेश राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, निम्नलिखित परियोजनाओं में से किसी को भी इस अधिनियम के अध्याय II और अध्याय III के प्रावधानों के लागू होने से छूट दे सकती है, अर्थात्:--
(क) भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा या रक्षा के लिए महत्वपूर्ण ऐसी परियोजनाएं और उनका प्रत्येक भाग, जिसमें रक्षा की तैयारी या रक्षा उत्पादन शामिल है।
(ख) विद्युतीकरण सहित ग्रामीण अवसंरचना;
(ग) किफायती आवास और गरीबों के लिए आवास;
(घ) राज्य सरकार और उसके उपक्रमों द्वारा स्थापित औद्योगिक गलियारे (इस मामले में ऐसे औद्योगिक गलियारे के लिए निर्दिष्ट रेलवे लाइनों या सड़कों के दोनों ओर एक किलोमीटर तक भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा); और
(ई) अवसंरचना परियोजनाएं, जिनमें सार्वजनिक-निजी भागीदारी के अंतर्गत परियोजनाएं भी शामिल हैं, जहां भूमि का स्वामित्व सरकार के पास ही रहता है:
बशर्ते कि राज्य सरकार अधिसूचना जारी करने से पहले, प्रस्तावित अधिग्रहण के लिए भूमि की मात्रा सुनिश्चित करेगी, जिसमें ऐसी परियोजना के लिए आवश्यक न्यूनतम भूमि को ध्यान में रखा जाएगा।
[आंध्र प्रदेश अधिनियम 22, 2018, धारा 3 (1-1-2014 से प्रभावी)]
महाराष्ट्र
मूल अधिनियम की धारा 10 के बाद, निम्नलिखित धारा जोड़ी जाएगी, अर्थात्:--
10ए. कुछ परियोजनाओं को छूट देने की राज्य सरकार की शक्ति
राज्य सरकार, जनहित में, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, निम्नलिखित परियोजनाओं में से किसी को भी इस अधिनियम के अध्याय II और अध्याय III के प्रावधानों के लागू होने से छूट दे सकती है, अर्थात्:---
(क) भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा या रक्षा के लिए महत्वपूर्ण ऐसी परियोजनाएं और उनका प्रत्येक भाग, जिसमें रक्षा या रक्षा उत्पादन की तैयारी शामिल है;
(ख) सिंचाई और विद्युतीकरण सहित ग्रामीण अवसंरचना;
(ग) किफायती आवास और गरीबों के लिए आवास;
(घ) राज्य सरकार और उसके उपक्रम द्वारा स्थापित औद्योगिक क्षेत्र या औद्योगिक संपदा;
(ई) राज्य सरकार और उसके उपक्रम द्वारा स्थापित औद्योगिक गलियारा (इस मामले में ऐसे औद्योगिक गलियारे के लिए निर्दिष्ट रेलवे लाइन या सड़कों के दोनों ओर एक किलोमीटर तक भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा); और
(f) सार्वजनिक-निजी भागीदारी के अंतर्गत आने वाली परियोजनाओं सहित अवसंरचना परियोजनाएं, जिनमें भूमि का स्वामित्व सरकार के पास ही रहता है:
बशर्ते कि राज्य सरकार अधिसूचना जारी करने से पहले, प्रस्तावित अधिग्रहण के लिए भूमि की मात्रा सुनिश्चित करेगी, जिसमें ऐसी परियोजना के लिए आवश्यक न्यूनतम भूमि को ध्यान में रखा जाएगा।
[महाराष्ट्र अधिनियम 37, 2018, धारा 3 (दिनांक 26-4-2018 से प्रभावी )]
(2) ऐसी भूमि का अधिग्रहण इस शर्त के अधीन किया जा सकता है कि यह असाधारण परिस्थितियों में, एक सिद्ध अंतिम उपाय के रूप में किया जा रहा है, जहां उपधारा (1) में निर्दिष्ट भूमि का अधिग्रहण, किसी जिले या राज्य में सभी परियोजनाओं के लिए कुल मिलाकर, किसी भी स्थिति में ऐसी सीमाओं से अधिक नहीं होगा जो संबंधित राज्य विशिष्ट कारकों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उपयुक्त सरकार द्वारा अधिसूचित की जा सकती हैं।
(3) जब भी उपधारा (2) के अंतर्गत बहुफसली सिंचित भूमि का अधिग्रहण किया जाता है, तो कृषि प्रयोजनों के लिए समतुल्य कृषि योग्य बंजर भूमि का विकास किया जाएगा या अधिग्रहित भूमि के मूल्य के समतुल्य राशि खाद्य सुरक्षा बढ़ाने के लिए कृषि में निवेश हेतु उपयुक्त सरकार के पास जमा की जाएगी।
(4) उपधारा (1) के अंतर्गत न आने वाले मामले में, किसी जिले या राज्य में सभी परियोजनाओं के लिए कृषि भूमि का कुल अधिग्रहण, उस जिले या राज्य के कुल शुद्ध बोए गए क्षेत्र की ऐसी सीमा से अधिक नहीं होगा, जैसा कि उपयुक्त सरकार द्वारा अधिसूचित किया जाए।
बशर्ते कि इस धारा के प्रावधान उन परियोजनाओं पर लागू नहीं होंगे जो रैखिक प्रकृति की हों, जैसे कि रेलवे, राजमार्ग, प्रमुख जिला सड़कें, सिंचाई नहरें, बिजली लाइनें आदि से संबंधित परियोजनाएं।
राज्य संशोधन
आंध्र प्रदेश
अध्याय III के बाद, निम्नलिखित अध्याय जोड़ा जाएगा, अर्थात्: ---
अध्याय III ए
अध्याय II और अध्याय III के प्रावधान कुछ परियोजनाओं पर लागू नहीं होंगे।
10ए. कुछ परियोजनाओं को छूट देने की राज्य सरकार की शक्ति:---राज्य सरकार, जनहित में, आंध्र प्रदेश राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, निम्नलिखित परियोजनाओं में से किसी को भी इस अधिनियम के अध्याय II और अध्याय III के प्रावधानों के लागू होने से छूट दे सकती है, अर्थात्:--
(क) भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा या रक्षा के लिए महत्वपूर्ण ऐसी परियोजनाएं और उनका प्रत्येक भाग, जिसमें रक्षा की तैयारी या रक्षा उत्पादन शामिल है।
(ख) विद्युतीकरण सहित ग्रामीण अवसंरचना;
(ग) किफायती आवास और गरीबों के लिए आवास;
(घ) राज्य सरकार और उसके उपक्रमों द्वारा स्थापित औद्योगिक गलियारे (इस मामले में ऐसे औद्योगिक गलियारे के लिए निर्दिष्ट रेलवे लाइनों या सड़कों के दोनों ओर एक किलोमीटर तक भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा); और
(ई) अवसंरचना परियोजनाएं, जिनमें सार्वजनिक-निजी भागीदारी के अंतर्गत परियोजनाएं भी शामिल हैं, जहां भूमि का स्वामित्व सरकार के पास ही रहता है:
बशर्ते कि राज्य सरकार अधिसूचना जारी करने से पहले, प्रस्तावित अधिग्रहण के लिए भूमि की मात्रा सुनिश्चित करेगी, जिसमें ऐसी परियोजना के लिए आवश्यक न्यूनतम भूमि को ध्यान में रखा जाएगा।
[आंध्र प्रदेश अधिनियम 22, 2018, धारा 3 (1-1-2014 से प्रभावी)]
महाराष्ट्र
मूल अधिनियम की धारा 10 के बाद, निम्नलिखित धारा जोड़ी जाएगी, अर्थात्:--
10ए. कुछ परियोजनाओं को छूट देने की राज्य सरकार की शक्ति
राज्य सरकार, जनहित में, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, निम्नलिखित परियोजनाओं में से किसी को भी इस अधिनियम के अध्याय II और अध्याय III के प्रावधानों के लागू होने से छूट दे सकती है, अर्थात्:---
(क) भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा या रक्षा के लिए महत्वपूर्ण ऐसी परियोजनाएं और उनका प्रत्येक भाग, जिसमें रक्षा या रक्षा उत्पादन की तैयारी शामिल है;
(ख) सिंचाई और विद्युतीकरण सहित ग्रामीण अवसंरचना;
(ग) किफायती आवास और गरीबों के लिए आवास;
(घ) राज्य सरकार और उसके उपक्रम द्वारा स्थापित औद्योगिक क्षेत्र या औद्योगिक संपदा;
(ई) राज्य सरकार और उसके उपक्रम द्वारा स्थापित औद्योगिक गलियारा (इस मामले में ऐसे औद्योगिक गलियारे के लिए निर्दिष्ट रेलवे लाइन या सड़कों के दोनों ओर एक किलोमीटर तक भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा); और
(f) सार्वजनिक-निजी भागीदारी के अंतर्गत आने वाली परियोजनाओं सहित अवसंरचना परियोजनाएं, जिनमें भूमि का स्वामित्व सरकार के पास ही रहता है:
बशर्ते कि राज्य सरकार अधिसूचना जारी करने से पहले, प्रस्तावित अधिग्रहण के लिए भूमि की मात्रा सुनिश्चित करेगी, जिसमें ऐसी परियोजना के लिए आवश्यक न्यूनतम भूमि को ध्यान में रखा जाएगा।
[महाराष्ट्र अधिनियम 37, 2018, धारा 3 (दिनांक 26-4-2018 से प्रभावी )]
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