The Right to Fair Compensation and Transparency in Land Acquisition, Rehabilitation and Resettlement Act, 2013 40अध्याय V · Rehabilitation and Resettlement Award
धारा 40 · कुछ मामलों में अत्यावश्यकता की स्थिति में भूमि अधिग्रहण के लिए विशेष शक्तियां।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) अत्यावश्यक मामलों में, जब भी उपयुक्त सरकार ऐसा निर्देश दे, कलेक्टर, भले ही ऐसा कोई पुरस्कार न दिया गया हो, धारा 21 में उल्लिखित सूचना के प्रकाशन के तीस दिनों की समाप्ति पर, सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यक किसी भूमि पर कब्जा कर सकता है और ऐसी भूमि तब सभी भारों से मुक्त होकर पूर्णतः सरकार में निहित हो जाएगी।
(2) उपधारा (1) के अधीन उपयुक्त सरकार की शक्तियाँ भारत की रक्षा या राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए या प्राकृतिक आपदाओं से उत्पन्न किसी आपात स्थिति या संसद की स्वीकृति से उत्पन्न किसी अन्य आपात स्थिति के लिए आवश्यक न्यूनतम क्षेत्र तक ही सीमित रहेंगी।
बशर्ते कि कलेक्टर इस उपधारा के तहत किसी भवन या भवन के किसी भाग पर तब तक कब्जा नहीं करेगा जब तक कि वह उस भवन के कब्जेदार को ऐसा करने के अपने इरादे की कम से कम अड़तालीस घंटे की सूचना न दे दे, या ऐसी लंबी सूचना न दे जो उस कब्जेदार को बिना किसी अनावश्यक असुविधा के अपनी चल संपत्ति को उस भवन से हटाने में सक्षम बनाने के लिए यथोचित रूप से पर्याप्त हो।
(3) उपधारा (1) या उपधारा (2) के अधीन किसी भूमि पर कब्ज़ा लेने से पहले, कलेक्टर उस भूमि के लिए उसके द्वारा अनुमानित मुआवजे का अस्सी प्रतिशत उस भूमि के हकदार व्यक्ति को अदा करेगा।
(4) यदि किसी भूमि पर, उपयुक्त सरकार की राय में, उपधारा (1) , उपधारा (2) या उपधारा (3) के प्रावधान लागू होते हैं, तो उपयुक्त सरकार यह निर्देश दे सकती है कि अध्याय II से अध्याय VI के कोई या सभी प्रावधान लागू नहीं होंगे, और यदि वह ऐसा निर्देश देती है, तो धारा 11 की उपधारा (1) के तहत प्रारंभिक अधिसूचना के प्रकाशन की तिथि के बाद किसी भी समय उस भूमि के संबंध में धारा 19 के तहत घोषणा की जा सकती है।
(5) धारा 27 के तहत निर्धारित कुल मुआवजे का पचहत्तर प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा कलेक्टर द्वारा उस भूमि और संपत्ति के संबंध में अदा किया जाएगा जिसके अधिग्रहण के लिए इस धारा की उपधारा (1) के तहत कार्यवाही शुरू की गई है।
बशर्ते कि यदि परियोजना भारत की संप्रभुता और अखंडता, राज्य के सुरक्षा और रणनीतिक हितों या विदेशी राज्यों के साथ संबंधों को प्रभावित करती है तो कोई अतिरिक्त मुआवजा देने की आवश्यकता नहीं होगी।
राज्य संशोधन
महाराष्ट्र
"प्रधान अधिनियम की धारा 40 में, उपधारा (2) में, "संसद की स्वीकृति" शब्दों के बाद, "या केंद्र सरकार द्वारा राज्य सरकार को दिए गए निर्देशों का अनुपालन करने के लिए" शब्द जोड़े जाएंगे।"
[महाराष्ट्र अधिनियम 37, 2018, धारा 7 (दिनांक 26.4.2018 से प्रभावी )]
(2) उपधारा (1) के अधीन उपयुक्त सरकार की शक्तियाँ भारत की रक्षा या राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए या प्राकृतिक आपदाओं से उत्पन्न किसी आपात स्थिति या संसद की स्वीकृति से उत्पन्न किसी अन्य आपात स्थिति के लिए आवश्यक न्यूनतम क्षेत्र तक ही सीमित रहेंगी।
बशर्ते कि कलेक्टर इस उपधारा के तहत किसी भवन या भवन के किसी भाग पर तब तक कब्जा नहीं करेगा जब तक कि वह उस भवन के कब्जेदार को ऐसा करने के अपने इरादे की कम से कम अड़तालीस घंटे की सूचना न दे दे, या ऐसी लंबी सूचना न दे जो उस कब्जेदार को बिना किसी अनावश्यक असुविधा के अपनी चल संपत्ति को उस भवन से हटाने में सक्षम बनाने के लिए यथोचित रूप से पर्याप्त हो।
(3) उपधारा (1) या उपधारा (2) के अधीन किसी भूमि पर कब्ज़ा लेने से पहले, कलेक्टर उस भूमि के लिए उसके द्वारा अनुमानित मुआवजे का अस्सी प्रतिशत उस भूमि के हकदार व्यक्ति को अदा करेगा।
(4) यदि किसी भूमि पर, उपयुक्त सरकार की राय में, उपधारा (1) , उपधारा (2) या उपधारा (3) के प्रावधान लागू होते हैं, तो उपयुक्त सरकार यह निर्देश दे सकती है कि अध्याय II से अध्याय VI के कोई या सभी प्रावधान लागू नहीं होंगे, और यदि वह ऐसा निर्देश देती है, तो धारा 11 की उपधारा (1) के तहत प्रारंभिक अधिसूचना के प्रकाशन की तिथि के बाद किसी भी समय उस भूमि के संबंध में धारा 19 के तहत घोषणा की जा सकती है।
(5) धारा 27 के तहत निर्धारित कुल मुआवजे का पचहत्तर प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा कलेक्टर द्वारा उस भूमि और संपत्ति के संबंध में अदा किया जाएगा जिसके अधिग्रहण के लिए इस धारा की उपधारा (1) के तहत कार्यवाही शुरू की गई है।
बशर्ते कि यदि परियोजना भारत की संप्रभुता और अखंडता, राज्य के सुरक्षा और रणनीतिक हितों या विदेशी राज्यों के साथ संबंधों को प्रभावित करती है तो कोई अतिरिक्त मुआवजा देने की आवश्यकता नहीं होगी।
राज्य संशोधन
महाराष्ट्र
"प्रधान अधिनियम की धारा 40 में, उपधारा (2) में, "संसद की स्वीकृति" शब्दों के बाद, "या केंद्र सरकार द्वारा राज्य सरकार को दिए गए निर्देशों का अनुपालन करने के लिए" शब्द जोड़े जाएंगे।"
[महाराष्ट्र अधिनियम 37, 2018, धारा 7 (दिनांक 26.4.2018 से प्रभावी )]
इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।
