The Right to Fair Compensation and Transparency in Land Acquisition, Rehabilitation and Resettlement Act, 2013 21अध्याय IV · Notification and Acquisition
धारा 21 · संबंधित व्यक्तियों के लिए सूचना।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) कलेक्टर अपनी वेबसाइट पर सार्वजनिक सूचना प्रकाशित करेगा तथा अधिग्रहित की जाने वाली भूमि पर या उसके निकट सुविधाजनक स्थानों पर सार्वजनिक सूचना भिजवाएगा, जिसमें यह बताया जाएगा कि सरकार भूमि पर कब्जा लेने का इरादा रखती है तथा ऐसी भूमि में सभी हितों के लिए मुआवजे और पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन के दावे उसके समक्ष किए जा सकते हैं।
(2) उपधारा (1) में निर्दिष्ट सार्वजनिक सूचना में आवश्यक भूमि का विवरण दिया जाएगा, और भूमि में रुचि रखने वाले सभी व्यक्तियों को सार्वजनिक सूचना में उल्लिखित समय और स्थान पर कलेक्टर के समक्ष व्यक्तिगत रूप से या एजेंट या अधिवक्ता के माध्यम से उपस्थित होने के लिए कहा जाएगा, जो सूचना के प्रकाशन की तिथि से तीस दिन से कम और छह महीने से अधिक नहीं होगा, और भूमि में अपने-अपने हितों की प्रकृति और ऐसे हितों के लिए मुआवजे के दावों की राशि और विवरण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन के दावों के साथ-साथ धारा 20 के तहत किए गए मापों पर यदि कोई आपत्ति हो तो उसे बताने के लिए कहा जाएगा।
(3) कलेक्टर किसी भी मामले में उपधारा (2) में निर्दिष्ट ऐसे बयान को लिखित में देने और पक्षकार या उसके प्रतिनिधि द्वारा हस्ताक्षर करने की मांग कर सकता है।
(4) कलेक्टर ऐसी भूमि के कब्जेदार (यदि कोई हो) और उसमें रुचि रखने वाले सभी ज्ञात या माने जाने वाले व्यक्तियों, या ऐसे रुचि रखने वाले व्यक्तियों की ओर से कार्य करने के हकदार व्यक्तियों, जो उस राजस्व जिले में निवास करते हैं या जिनके एजेंट उनकी ओर से नोटिस प्राप्त करने के लिए अधिकृत हैं, को भी इसी आशय का नोटिस देगा, जिस राजस्व जिले में भूमि स्थित है।
(5) यदि कोई इच्छुक व्यक्ति कहीं और रहता है और उसका कोई ऐसा प्रतिनिधि नहीं है, तो कलेक्टर यह सुनिश्चित करेगा कि उसे उसके अंतिम ज्ञात निवास स्थान, पते या व्यवसाय के पते पर डाक द्वारा पत्र भेजा जाए और उसे कम से कम दो राष्ट्रीय दैनिक समाचार पत्रों में और अपनी वेबसाइट पर भी प्रकाशित किया जाए।
(2) उपधारा (1) में निर्दिष्ट सार्वजनिक सूचना में आवश्यक भूमि का विवरण दिया जाएगा, और भूमि में रुचि रखने वाले सभी व्यक्तियों को सार्वजनिक सूचना में उल्लिखित समय और स्थान पर कलेक्टर के समक्ष व्यक्तिगत रूप से या एजेंट या अधिवक्ता के माध्यम से उपस्थित होने के लिए कहा जाएगा, जो सूचना के प्रकाशन की तिथि से तीस दिन से कम और छह महीने से अधिक नहीं होगा, और भूमि में अपने-अपने हितों की प्रकृति और ऐसे हितों के लिए मुआवजे के दावों की राशि और विवरण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन के दावों के साथ-साथ धारा 20 के तहत किए गए मापों पर यदि कोई आपत्ति हो तो उसे बताने के लिए कहा जाएगा।
(3) कलेक्टर किसी भी मामले में उपधारा (2) में निर्दिष्ट ऐसे बयान को लिखित में देने और पक्षकार या उसके प्रतिनिधि द्वारा हस्ताक्षर करने की मांग कर सकता है।
(4) कलेक्टर ऐसी भूमि के कब्जेदार (यदि कोई हो) और उसमें रुचि रखने वाले सभी ज्ञात या माने जाने वाले व्यक्तियों, या ऐसे रुचि रखने वाले व्यक्तियों की ओर से कार्य करने के हकदार व्यक्तियों, जो उस राजस्व जिले में निवास करते हैं या जिनके एजेंट उनकी ओर से नोटिस प्राप्त करने के लिए अधिकृत हैं, को भी इसी आशय का नोटिस देगा, जिस राजस्व जिले में भूमि स्थित है।
(5) यदि कोई इच्छुक व्यक्ति कहीं और रहता है और उसका कोई ऐसा प्रतिनिधि नहीं है, तो कलेक्टर यह सुनिश्चित करेगा कि उसे उसके अंतिम ज्ञात निवास स्थान, पते या व्यवसाय के पते पर डाक द्वारा पत्र भेजा जाए और उसे कम से कम दो राष्ट्रीय दैनिक समाचार पत्रों में और अपनी वेबसाइट पर भी प्रकाशित किया जाए।
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