IVC Act 66अध्याय VIII · Miscellaneous
धारा 66 · नियम बनाने की शक्ति।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) परिषद, केंद्र सरकार की पूर्व स्वीकृति से, इस अधिनियम के प्रावधानों और धारा 64 के तहत बनाए गए नियमों के साथ असंगत न होने वाले विनियम बना सकती है, ताकि अध्याय II, III, IV और V के उद्देश्यों को पूरा किया जा सके।
(2) पूर्वोक्त शक्ति की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, विशेष रूप से ऐसे विनियमों में निम्नलिखित सभी या किसी भी मामले के लिए प्रावधान किया जा सकता है, अर्थात्:--
(क) धारा 3 की उपधारा (4) के अधीन राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति का चुनाव किस प्रकार किया जाएगा;
(ख) धारा 9 की उपधारा (6) और धारा 12 की उपधारा (2) के तहत परिषद और समिति द्वारा अपनी बैठकों में क्रमशः पालन की जाने वाली प्रक्रिया;
(ग) धारा 11 की उपधारा (2) के अधीन परिषद के सचिव, अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति के नियम एवं शर्तें;
(घ) धारा 13 के अधीन परिषद और समितियों की बैठकों में भाग लेने के लिए शुल्क और भत्ते;
(ई) धारा 23 की उपधारा (1) के अधीन भारतीय पशु चिकित्सा चिकित्सकों के रजिस्टर को जिस रूप और तरीके से रखा जाएगा;
(f) धारा 23 की उपधारा (2) के अधीन भारतीय पशु चिकित्सा चिकित्सकों के रजिस्टर को रखने का तरीका;
(जी) धारा 24 के अधीन आवेदन करने का प्रपत्र एवं विधि;
(h) धारा 25 की उपधारा (1) के अधीन आवेदन का प्रपत्र और देय शुल्क;
(i) धारा 25 की उपधारा (2) के तहत पंजीकरण प्रमाण पत्र का प्रपत्र;
(j) धारा 25 की उपधारा (3) के अधीन देय शुल्क;
(k) धारा 25 की उपधारा (3) के तहत प्रतिलिपि प्रमाण पत्र का प्रपत्र;
(एल) वह प्रपत्र एवं विधि जिससे आवेदन किया जा सकता है तथा धारा 26 की उपधारा (1) के अधीन देय शुल्क;
(m) धारा 31 की उपधारा (1) के अंतर्गत पशु चिकित्सकों द्वारा पालन किए जाने वाले व्यावसायिक आचरण और शिष्टाचार के मानक तथा आचार संहिता;
(n) कोई अन्य मामला जिसके लिए इस अधिनियम के तहत विनियमों द्वारा प्रावधान किया जा सकता है।
(3) परिषद द्वारा बनाए जाने के तुरंत बाद प्रत्येक विनियम को केंद्र सरकार को भेजा जाएगा और वह सरकार उसकी एक प्रति संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष, जब वह सत्र में हो, कुल तीस दिनों की अवधि के लिए रखेगी, जो एक सत्र या दो या दो से अधिक लगातार सत्रों में शामिल हो सकती है, और यदि उपर्युक्त सत्र या लगातार सत्रों के तुरंत बाद वाले सत्र की समाप्ति से पहले, दोनों सदन विनियम में कोई संशोधन करने पर सहमत हों या दोनों सदन यह सहमति दें कि विनियम नहीं बनाया जाना चाहिए, तो विनियम इसके बाद केवल ऐसे संशोधित रूप में प्रभावी होगा या अप्रभावी होगा, जैसा भी मामला हो; हालांकि, ऐसा कोई भी संशोधन या निरस्तीकरण उस विनियम के तहत पहले किए गए किसी भी कार्य की वैधता पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं डालेगा।
(2) पूर्वोक्त शक्ति की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, विशेष रूप से ऐसे विनियमों में निम्नलिखित सभी या किसी भी मामले के लिए प्रावधान किया जा सकता है, अर्थात्:--
(क) धारा 3 की उपधारा (4) के अधीन राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति का चुनाव किस प्रकार किया जाएगा;
(ख) धारा 9 की उपधारा (6) और धारा 12 की उपधारा (2) के तहत परिषद और समिति द्वारा अपनी बैठकों में क्रमशः पालन की जाने वाली प्रक्रिया;
(ग) धारा 11 की उपधारा (2) के अधीन परिषद के सचिव, अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति के नियम एवं शर्तें;
(घ) धारा 13 के अधीन परिषद और समितियों की बैठकों में भाग लेने के लिए शुल्क और भत्ते;
(ई) धारा 23 की उपधारा (1) के अधीन भारतीय पशु चिकित्सा चिकित्सकों के रजिस्टर को जिस रूप और तरीके से रखा जाएगा;
(f) धारा 23 की उपधारा (2) के अधीन भारतीय पशु चिकित्सा चिकित्सकों के रजिस्टर को रखने का तरीका;
(जी) धारा 24 के अधीन आवेदन करने का प्रपत्र एवं विधि;
(h) धारा 25 की उपधारा (1) के अधीन आवेदन का प्रपत्र और देय शुल्क;
(i) धारा 25 की उपधारा (2) के तहत पंजीकरण प्रमाण पत्र का प्रपत्र;
(j) धारा 25 की उपधारा (3) के अधीन देय शुल्क;
(k) धारा 25 की उपधारा (3) के तहत प्रतिलिपि प्रमाण पत्र का प्रपत्र;
(एल) वह प्रपत्र एवं विधि जिससे आवेदन किया जा सकता है तथा धारा 26 की उपधारा (1) के अधीन देय शुल्क;
(m) धारा 31 की उपधारा (1) के अंतर्गत पशु चिकित्सकों द्वारा पालन किए जाने वाले व्यावसायिक आचरण और शिष्टाचार के मानक तथा आचार संहिता;
(n) कोई अन्य मामला जिसके लिए इस अधिनियम के तहत विनियमों द्वारा प्रावधान किया जा सकता है।
(3) परिषद द्वारा बनाए जाने के तुरंत बाद प्रत्येक विनियम को केंद्र सरकार को भेजा जाएगा और वह सरकार उसकी एक प्रति संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष, जब वह सत्र में हो, कुल तीस दिनों की अवधि के लिए रखेगी, जो एक सत्र या दो या दो से अधिक लगातार सत्रों में शामिल हो सकती है, और यदि उपर्युक्त सत्र या लगातार सत्रों के तुरंत बाद वाले सत्र की समाप्ति से पहले, दोनों सदन विनियम में कोई संशोधन करने पर सहमत हों या दोनों सदन यह सहमति दें कि विनियम नहीं बनाया जाना चाहिए, तो विनियम इसके बाद केवल ऐसे संशोधित रूप में प्रभावी होगा या अप्रभावी होगा, जैसा भी मामला हो; हालांकि, ऐसा कोई भी संशोधन या निरस्तीकरण उस विनियम के तहत पहले किए गए किसी भी कार्य की वैधता पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं डालेगा।
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