IVC Act 49अध्याय VII · Registration
धारा 49 · रजिस्टर से नाम हटाना।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) इस धारा के प्रावधानों के अधीन रहते हुए, राज्य पशु चिकित्सा परिषद किसी व्यक्ति को सुनवाई का उचित अवसर देने और ऐसी आगे की जांच (यदि आवश्यक हो) करने के बाद संतुष्ट होने पर राज्य पशु चिकित्सा रजिस्टर से उसका नाम हटाने का आदेश दे सकती है--
(क) कि उसका नाम राज्य पशु चिकित्सा रजिस्टर में गलती से या गलत बयानी या किसी महत्वपूर्ण तथ्य को छिपाने के कारण दर्ज किया गया है, या
(ख) कि उसे नैतिक पतन से जुड़े किसी अपराध का दोषी ठहराया गया हो और वह कारावास से दंडनीय हो, या उसने किसी पेशेवर मामले में कोई कुख्यात आचरण किया हो, या उसने पेशेवर आचरण और शिष्टाचार के मानकों या आचार संहिता का उल्लंघन किया हो, जिसके कारण राज्य पशु चिकित्सा परिषद की राय में उसे उक्त रजिस्टर में रखने के लिए अयोग्य माना जाता हो।
(2) उपधारा (1) के तहत कोई आदेश यह निर्देश दे सकता है कि जिस व्यक्ति का नाम राज्य पशु चिकित्सा रजिस्टर से हटाने का आदेश दिया गया है, वह इस अधिनियम के तहत पंजीकरण के लिए स्थायी रूप से या निर्दिष्ट वर्षों की अवधि के लिए अपात्र होगा।
(3) उपधारा (1) के तहत कोई आदेश उस तारीख से तीन महीने की समाप्ति तक या ऐसे आदेश पर अपील, यदि कोई हो, के अंतिम निपटारे तक, जो भी तारीख बाद में हो, प्रभावी नहीं होगा।
(4) उपधारा (1) के तहत किसी आदेश से पीड़ित व्यक्ति, ऐसे आदेश की सूचना प्राप्त होने के साठ दिनों के भीतर परिषद में अपील कर सकता है।
(5) उपधारा (4) के अधीन परिषद के निर्णय से पीड़ित व्यक्ति, ऐसे निर्णय की सूचना प्राप्त होने के साठ दिनों के भीतर केंद्र सरकार से अपील कर सकता है।
(6) जिस व्यक्ति का नाम इस धारा के तहत या धारा 48 की उपधारा (2) के तहत रजिस्टर से हटा दिया गया है, वह अपना पंजीकरण प्रमाण पत्र और नवीकरण प्रमाण पत्र, यदि कोई हो, राज्य पशु चिकित्सा परिषद के रजिस्ट्रार को तुरंत प्रस्तुत करेगा और इस प्रकार हटाए गए नाम को आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित किया जाएगा।
(7) जिस व्यक्ति का नाम इस धारा या धारा 48 की उपधारा (2) के तहत राज्य पशु चिकित्सा रजिस्टर से हटा दिया गया है, वह राज्य पशु चिकित्सा रजिस्टर या किसी अन्य राज्य पशु चिकित्सा रजिस्टर में अपना नाम पंजीकृत कराने का हकदार नहीं होगा, सिवाय उस राज्य पशु चिकित्सा परिषद की स्वीकृति के, जिसके रजिस्टर से उसका नाम हटाया गया है।
(क) कि उसका नाम राज्य पशु चिकित्सा रजिस्टर में गलती से या गलत बयानी या किसी महत्वपूर्ण तथ्य को छिपाने के कारण दर्ज किया गया है, या
(ख) कि उसे नैतिक पतन से जुड़े किसी अपराध का दोषी ठहराया गया हो और वह कारावास से दंडनीय हो, या उसने किसी पेशेवर मामले में कोई कुख्यात आचरण किया हो, या उसने पेशेवर आचरण और शिष्टाचार के मानकों या आचार संहिता का उल्लंघन किया हो, जिसके कारण राज्य पशु चिकित्सा परिषद की राय में उसे उक्त रजिस्टर में रखने के लिए अयोग्य माना जाता हो।
(2) उपधारा (1) के तहत कोई आदेश यह निर्देश दे सकता है कि जिस व्यक्ति का नाम राज्य पशु चिकित्सा रजिस्टर से हटाने का आदेश दिया गया है, वह इस अधिनियम के तहत पंजीकरण के लिए स्थायी रूप से या निर्दिष्ट वर्षों की अवधि के लिए अपात्र होगा।
(3) उपधारा (1) के तहत कोई आदेश उस तारीख से तीन महीने की समाप्ति तक या ऐसे आदेश पर अपील, यदि कोई हो, के अंतिम निपटारे तक, जो भी तारीख बाद में हो, प्रभावी नहीं होगा।
(4) उपधारा (1) के तहत किसी आदेश से पीड़ित व्यक्ति, ऐसे आदेश की सूचना प्राप्त होने के साठ दिनों के भीतर परिषद में अपील कर सकता है।
(5) उपधारा (4) के अधीन परिषद के निर्णय से पीड़ित व्यक्ति, ऐसे निर्णय की सूचना प्राप्त होने के साठ दिनों के भीतर केंद्र सरकार से अपील कर सकता है।
(6) जिस व्यक्ति का नाम इस धारा के तहत या धारा 48 की उपधारा (2) के तहत रजिस्टर से हटा दिया गया है, वह अपना पंजीकरण प्रमाण पत्र और नवीकरण प्रमाण पत्र, यदि कोई हो, राज्य पशु चिकित्सा परिषद के रजिस्ट्रार को तुरंत प्रस्तुत करेगा और इस प्रकार हटाए गए नाम को आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित किया जाएगा।
(7) जिस व्यक्ति का नाम इस धारा या धारा 48 की उपधारा (2) के तहत राज्य पशु चिकित्सा रजिस्टर से हटा दिया गया है, वह राज्य पशु चिकित्सा रजिस्टर या किसी अन्य राज्य पशु चिकित्सा रजिस्टर में अपना नाम पंजीकृत कराने का हकदार नहीं होगा, सिवाय उस राज्य पशु चिकित्सा परिषद की स्वीकृति के, जिसके रजिस्टर से उसका नाम हटाया गया है।
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