IVC Act 38अध्याय VI · State Veterinary Councils
धारा 38 · कार्यकाल और आकस्मिक रिक्तियां।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) इस धारा के प्रावधानों के अधीन रहते हुए, राज्य पशु चिकित्सा परिषद का कोई सदस्य, पदेन सदस्य के अतिरिक्त, राज्य पशु चिकित्सा परिषद में अपने चुनाव या नामांकन की तिथि से तीन वर्ष की अवधि के लिए या अपने उत्तराधिकारी के विधिवत निर्वाचित या नामांकित होने तक, जो भी अवधि लंबी हो, पद धारण करेगा:
बशर्ते कि धारा 32 की उपधारा (1) के खंड (सी) या धारा 34 की उपधारा (1) के खंड (सी) के तहत मनोनीत राज्य पशु चिकित्सा परिषद का कोई सदस्य मनोनीत प्राधिकारी की इच्छा के अनुसार पद धारण करेगा।
(2) राज्य पशु चिकित्सा परिषद के सदस्य पुन: चुनाव या पुन: नामांकन के लिए पात्र होंगे, जैसा भी मामला हो।
(3) राज्य पशु चिकित्सा परिषद के निर्वाचित या मनोनीत सदस्य को अपना पद खाली माना जाएगा--
(क) यदि वह राज्य पशु चिकित्सा परिषद की राय में पर्याप्त उचित कारण के बिना राज्य पशु चिकित्सा परिषद की लगातार तीन बैठकों से अनुपस्थित रहता है;
(ख) यदि वह उस पद पर नहीं रहता है जिसके लिए उसे मनोनीत किया गया है;
(ग) यदि किसी सदस्य का नाम किसी राज्य पशु चिकित्सा रजिस्टर में शामिल किया जाना आवश्यक है, तो उसका नाम रजिस्टर से हटा दिया जाए;
(घ) यदि उसे नैतिक पतन से संबंधित और कारावास से दंडनीय अपराध का दोषी ठहराया गया हो;
(ई) यदि वह दिवालिया घोषित व्यक्ति है और उसका दिवालियापन अभी समाप्त नहीं हुआ है;
(f) यदि वह मानसिक रूप से अस्वस्थ है और सक्षम न्यायालय द्वारा ऐसा घोषित किया गया हो।
(4) राज्य पशु चिकित्सा परिषद द्वारा किए गए किसी भी कार्य पर केवल राज्य पशु चिकित्सा परिषद की स्थापना में किसी रिक्ति या दोष के अस्तित्व के आधार पर प्रश्न नहीं उठाया जाएगा।
(5) राज्य पशु चिकित्सा परिषद में आकस्मिक रिक्ति को नए चुनाव या नामांकन द्वारा भरा जाएगा, जैसा भी मामला हो, और रिक्ति को भरने के लिए निर्वाचित या नामांकित व्यक्ति केवल उस सदस्य के शेष कार्यकाल के लिए पद धारण करेगा जिसके स्थान पर वह कार्य करता है।
(6) राज्य पशु चिकित्सा परिषद अपनी बैठकों में कामकाज के संचालन के संबंध में ऐसी प्रक्रिया के नियमों का पालन करेगी जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
बशर्ते कि धारा 32 की उपधारा (1) के खंड (सी) या धारा 34 की उपधारा (1) के खंड (सी) के तहत मनोनीत राज्य पशु चिकित्सा परिषद का कोई सदस्य मनोनीत प्राधिकारी की इच्छा के अनुसार पद धारण करेगा।
(2) राज्य पशु चिकित्सा परिषद के सदस्य पुन: चुनाव या पुन: नामांकन के लिए पात्र होंगे, जैसा भी मामला हो।
(3) राज्य पशु चिकित्सा परिषद के निर्वाचित या मनोनीत सदस्य को अपना पद खाली माना जाएगा--
(क) यदि वह राज्य पशु चिकित्सा परिषद की राय में पर्याप्त उचित कारण के बिना राज्य पशु चिकित्सा परिषद की लगातार तीन बैठकों से अनुपस्थित रहता है;
(ख) यदि वह उस पद पर नहीं रहता है जिसके लिए उसे मनोनीत किया गया है;
(ग) यदि किसी सदस्य का नाम किसी राज्य पशु चिकित्सा रजिस्टर में शामिल किया जाना आवश्यक है, तो उसका नाम रजिस्टर से हटा दिया जाए;
(घ) यदि उसे नैतिक पतन से संबंधित और कारावास से दंडनीय अपराध का दोषी ठहराया गया हो;
(ई) यदि वह दिवालिया घोषित व्यक्ति है और उसका दिवालियापन अभी समाप्त नहीं हुआ है;
(f) यदि वह मानसिक रूप से अस्वस्थ है और सक्षम न्यायालय द्वारा ऐसा घोषित किया गया हो।
(4) राज्य पशु चिकित्सा परिषद द्वारा किए गए किसी भी कार्य पर केवल राज्य पशु चिकित्सा परिषद की स्थापना में किसी रिक्ति या दोष के अस्तित्व के आधार पर प्रश्न नहीं उठाया जाएगा।
(5) राज्य पशु चिकित्सा परिषद में आकस्मिक रिक्ति को नए चुनाव या नामांकन द्वारा भरा जाएगा, जैसा भी मामला हो, और रिक्ति को भरने के लिए निर्वाचित या नामांकित व्यक्ति केवल उस सदस्य के शेष कार्यकाल के लिए पद धारण करेगा जिसके स्थान पर वह कार्य करता है।
(6) राज्य पशु चिकित्सा परिषद अपनी बैठकों में कामकाज के संचालन के संबंध में ऐसी प्रक्रिया के नियमों का पालन करेगी जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
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