IVC Act 65अध्याय VIII · Miscellaneous
धारा 65 · राज्य सरकार को नियम बनाने का अधिकार है।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) राज्य सरकार आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा अध्याय VI, VII और VIII के प्रयोजनों को पूरा करने के लिए नियम बना सकती है।
(2) पूर्वोक्त शक्ति की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, विशेष रूप से, ऐसे नियम निम्नलिखित सभी या किसी भी मामले के लिए प्रावधान कर सकते हैं, अर्थात्:--
(क) धारा 36 के अधीन राज्य पशु चिकित्सा परिषद के अध्यक्ष का चुनाव किस प्रकार किया जाएगा;
(ख) अध्याय छह के अंतर्गत चुनाव कराने का तरीका;
(ग) धारा 38 की उपधारा (6) के अंतर्गत राज्य पशु चिकित्सा परिषद द्वारा अपनी बैठकों में पालन की जाने वाली प्रक्रिया;
(घ) धारा 40 के अधीन कार्यकारी समिति और अन्य समितियों के गठन के संबंध में शर्तें और प्रतिबंध;
(ई) राज्य पशु चिकित्सा परिषद और धारा 41 के अधीन समितियों की बैठकों में भाग लेने के लिए शुल्क और भत्ते;
(f) धारा 42 की उपधारा (2) के अधीन राज्य पशु चिकित्सा परिषद के रजिस्ट्रार, अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति के नियम एवं शर्तें;
(g) धारा 44 की उपधारा (4) के खंड (e) के अधीन राज्य पशु चिकित्सा रजिस्टर में शामिल किए जाने वाले विवरण;
(h) धारा 45 की उपधारा (2) और धारा 47 की उपधारा (1) के तहत पंजीकरण के लिए आवेदन के साथ देय शुल्क;
(i) धारा 45 की उपधारा (5) और धारा 47 की उपधारा (5) के तहत पंजीकरण प्रमाण पत्र का प्रपत्र;
(j) धारा 46, धारा 50, धारा 52 और धारा 54 के तहत देय शुल्क;
(k) धारा 48 की उपधारा (1) के अधीन नवीकरण शुल्क;
(एल) धारा 48 की उपधारा (2) के परंतुक के अधीन नवीकरण शुल्क के भुगतान का तरीका;
(m) धारा 51 के अंतर्गत राज्य पशु चिकित्सा रजिस्टर की मुद्रित प्रतियां उपलब्ध कराने का शुल्क;
(n) धारा 54 के तहत प्रतिलिपि प्रमाण पत्र का प्रपत्र;
(ओ) कोई अन्य मामला जो अध्याय VI, VII और VIII के अंतर्गत निर्धारित किया जाना है या किया जा सकता है।
(3) इस धारा के अधीन बनाया गया प्रत्येक नियम, बनाए जाने के तुरंत बाद, राज्य विधानमंडल के प्रत्येक सदन के समक्ष रखा जाएगा, यदि विधानमंडल में दो सदन हों, या यदि विधानमंडल में एक सदन हो, तो उस सदन के समक्ष रखा जाएगा।
(2) पूर्वोक्त शक्ति की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, विशेष रूप से, ऐसे नियम निम्नलिखित सभी या किसी भी मामले के लिए प्रावधान कर सकते हैं, अर्थात्:--
(क) धारा 36 के अधीन राज्य पशु चिकित्सा परिषद के अध्यक्ष का चुनाव किस प्रकार किया जाएगा;
(ख) अध्याय छह के अंतर्गत चुनाव कराने का तरीका;
(ग) धारा 38 की उपधारा (6) के अंतर्गत राज्य पशु चिकित्सा परिषद द्वारा अपनी बैठकों में पालन की जाने वाली प्रक्रिया;
(घ) धारा 40 के अधीन कार्यकारी समिति और अन्य समितियों के गठन के संबंध में शर्तें और प्रतिबंध;
(ई) राज्य पशु चिकित्सा परिषद और धारा 41 के अधीन समितियों की बैठकों में भाग लेने के लिए शुल्क और भत्ते;
(f) धारा 42 की उपधारा (2) के अधीन राज्य पशु चिकित्सा परिषद के रजिस्ट्रार, अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति के नियम एवं शर्तें;
(g) धारा 44 की उपधारा (4) के खंड (e) के अधीन राज्य पशु चिकित्सा रजिस्टर में शामिल किए जाने वाले विवरण;
(h) धारा 45 की उपधारा (2) और धारा 47 की उपधारा (1) के तहत पंजीकरण के लिए आवेदन के साथ देय शुल्क;
(i) धारा 45 की उपधारा (5) और धारा 47 की उपधारा (5) के तहत पंजीकरण प्रमाण पत्र का प्रपत्र;
(j) धारा 46, धारा 50, धारा 52 और धारा 54 के तहत देय शुल्क;
(k) धारा 48 की उपधारा (1) के अधीन नवीकरण शुल्क;
(एल) धारा 48 की उपधारा (2) के परंतुक के अधीन नवीकरण शुल्क के भुगतान का तरीका;
(m) धारा 51 के अंतर्गत राज्य पशु चिकित्सा रजिस्टर की मुद्रित प्रतियां उपलब्ध कराने का शुल्क;
(n) धारा 54 के तहत प्रतिलिपि प्रमाण पत्र का प्रपत्र;
(ओ) कोई अन्य मामला जो अध्याय VI, VII और VIII के अंतर्गत निर्धारित किया जाना है या किया जा सकता है।
(3) इस धारा के अधीन बनाया गया प्रत्येक नियम, बनाए जाने के तुरंत बाद, राज्य विधानमंडल के प्रत्येक सदन के समक्ष रखा जाएगा, यदि विधानमंडल में दो सदन हों, या यदि विधानमंडल में एक सदन हो, तो उस सदन के समक्ष रखा जाएगा।
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