IVC Act 62अध्याय VIII · Miscellaneous
धारा 62 · लेखा एवं लेखापरीक्षा।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) परिषद उचित खाते और अन्य प्रासंगिक अभिलेख रखेगी तथा संतुलन पत्र सहित वार्षिक लेखा-विवरण तैयार करेगी, ऐसे सामान्य निर्देशों के अनुसार जैसा कि केंद्र सरकार द्वारा भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक के परामर्श से निर्दिष्ट किया जा सकता है।
(2) परिषद के खातों का वार्षिक लेखापरीक्षा भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक या उनके द्वारा इस संबंध में नियुक्त किसी व्यक्ति द्वारा की जाएगी और ऐसे लेखापरीक्षा के संबंध में उनके द्वारा या इस प्रकार नियुक्त किसी व्यक्ति द्वारा किया गया कोई भी व्यय परिषद द्वारा भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक को देय होगा।
(3) भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक और परिषद के लेखापरीक्षा के संबंध में उनके द्वारा नियुक्त किसी भी व्यक्ति को ऐसी लेखापरीक्षा के संबंध में वही अधिकार, विशेषाधिकार और प्राधिकार प्राप्त होंगे जो भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक को सरकारी लेखापरीक्षा के संबंध में प्राप्त हैं, और विशेष रूप से, उन्हें लेखा-पुस्तकों, संबंधित वाउचरों और अन्य दस्तावेजों एवं कागजातों को प्रस्तुत करने की मांग करने और परिषद के कार्यालय का निरीक्षण करने का अधिकार होगा।
(4) भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक या उनके द्वारा इस संबंध में नियुक्त किसी व्यक्ति द्वारा प्रमाणित परिषद के खाते, उन पर लेखापरीक्षा रिपोर्ट सहित, प्रतिवर्ष केंद्र सरकार को भेजे जाएंगे और वह सरकार उन्हें संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष प्रस्तुत करवाएगी।
(5) परिषद के खातों की एक प्रति, जैसा कि प्रमाणित किया गया है, उस पर लेखापरीक्षा रिपोर्ट के साथ, परिषद को एक साथ भेजी जाएगी।
(2) परिषद के खातों का वार्षिक लेखापरीक्षा भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक या उनके द्वारा इस संबंध में नियुक्त किसी व्यक्ति द्वारा की जाएगी और ऐसे लेखापरीक्षा के संबंध में उनके द्वारा या इस प्रकार नियुक्त किसी व्यक्ति द्वारा किया गया कोई भी व्यय परिषद द्वारा भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक को देय होगा।
(3) भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक और परिषद के लेखापरीक्षा के संबंध में उनके द्वारा नियुक्त किसी भी व्यक्ति को ऐसी लेखापरीक्षा के संबंध में वही अधिकार, विशेषाधिकार और प्राधिकार प्राप्त होंगे जो भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक को सरकारी लेखापरीक्षा के संबंध में प्राप्त हैं, और विशेष रूप से, उन्हें लेखा-पुस्तकों, संबंधित वाउचरों और अन्य दस्तावेजों एवं कागजातों को प्रस्तुत करने की मांग करने और परिषद के कार्यालय का निरीक्षण करने का अधिकार होगा।
(4) भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक या उनके द्वारा इस संबंध में नियुक्त किसी व्यक्ति द्वारा प्रमाणित परिषद के खाते, उन पर लेखापरीक्षा रिपोर्ट सहित, प्रतिवर्ष केंद्र सरकार को भेजे जाएंगे और वह सरकार उन्हें संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष प्रस्तुत करवाएगी।
(5) परिषद के खातों की एक प्रति, जैसा कि प्रमाणित किया गया है, उस पर लेखापरीक्षा रिपोर्ट के साथ, परिषद को एक साथ भेजी जाएगी।
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