IVC Act 33अध्याय VI · State Veterinary Councils
धारा 33 · अंतरराज्यीय समझौते।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) दो या दो से अधिक राज्य सरकारें एक ऐसा समझौता कर सकती हैं जो ऐसी अवधि के लिए लागू रहेगा और यदि आवश्यक हो तो आगे की अवधियों के लिए नवीनीकरण के अधीन होगा, जैसा कि समझौते में निर्दिष्ट किया जा सकता है, ताकि प्रावधान किया जा सके--
(क) सभी सहभागी राज्यों के लिए एक संयुक्त राज्य पशु चिकित्सा परिषद की स्थापना के लिए; या
(ख) किसी एक राज्य की राज्य पशु चिकित्सा परिषद द्वारा अन्य सहभागी राज्यों की आवश्यकताओं की पूर्ति करना।
(2) इस अधिनियम में निर्दिष्ट मामलों के अतिरिक्त, इस धारा के अंतर्गत किए गए समझौते में निम्नलिखित बातें शामिल हो सकती हैं:
(क) राज्य पशु चिकित्सा परिषद या संयुक्त राज्य पशु चिकित्सा परिषद से संबंधित व्यय के लिए सहभागी राज्यों के बीच आवंटन का प्रावधान करना;
(ख) यह निर्धारित करना कि इस अधिनियम के अंतर्गत भाग लेने वाली राज्य सरकारों में से कौन सी राज्य सरकार राज्य सरकार के विभिन्न कार्यों का निर्वहन करेगी तथा इस अधिनियम में राज्य सरकार के संदर्भों का अर्थ तदनुसार समझा जाएगा;
(ग) इस अधिनियम के अंतर्गत उत्पन्न होने वाले विशिष्ट मामलों के संबंध में या सामान्य रूप से सहभागी राज्य सरकारों के बीच परामर्श का प्रावधान करना;
(घ) इस अधिनियम के साथ असंगत न होने वाले ऐसे आकस्मिक और सहायक प्रावधान करना जो समझौते को प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक या उपयुक्त समझे जाएं।
(3) इस धारा के अंतर्गत किए गए समझौते को सहभागी राज्यों के आधिकारिक राजपत्रों में प्रकाशित किया जाएगा।
(क) सभी सहभागी राज्यों के लिए एक संयुक्त राज्य पशु चिकित्सा परिषद की स्थापना के लिए; या
(ख) किसी एक राज्य की राज्य पशु चिकित्सा परिषद द्वारा अन्य सहभागी राज्यों की आवश्यकताओं की पूर्ति करना।
(2) इस अधिनियम में निर्दिष्ट मामलों के अतिरिक्त, इस धारा के अंतर्गत किए गए समझौते में निम्नलिखित बातें शामिल हो सकती हैं:
(क) राज्य पशु चिकित्सा परिषद या संयुक्त राज्य पशु चिकित्सा परिषद से संबंधित व्यय के लिए सहभागी राज्यों के बीच आवंटन का प्रावधान करना;
(ख) यह निर्धारित करना कि इस अधिनियम के अंतर्गत भाग लेने वाली राज्य सरकारों में से कौन सी राज्य सरकार राज्य सरकार के विभिन्न कार्यों का निर्वहन करेगी तथा इस अधिनियम में राज्य सरकार के संदर्भों का अर्थ तदनुसार समझा जाएगा;
(ग) इस अधिनियम के अंतर्गत उत्पन्न होने वाले विशिष्ट मामलों के संबंध में या सामान्य रूप से सहभागी राज्य सरकारों के बीच परामर्श का प्रावधान करना;
(घ) इस अधिनियम के साथ असंगत न होने वाले ऐसे आकस्मिक और सहायक प्रावधान करना जो समझौते को प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक या उपयुक्त समझे जाएं।
(3) इस धारा के अंतर्गत किए गए समझौते को सहभागी राज्यों के आधिकारिक राजपत्रों में प्रकाशित किया जाएगा।
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