IVC Act 45अध्याय VII · Registration
धारा 45 · सबसे पहले रजिस्टर तैयार करना।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) राज्य पशु चिकित्सा रजिस्टर को प्रथम तैयार करने के उद्देश्य से, राज्य सरकार आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, मान्यता प्राप्त पशु चिकित्सा योग्यता रखने वाले तीन व्यक्तियों से मिलकर एक पंजीकरण न्यायाधिकरण का गठन करेगी और एक रजिस्ट्रार भी नियुक्त करेगी जो न्यायाधिकरण के सचिव के रूप में कार्य करेगा।
(2) राज्य सरकार उसी या इसी तरह की अधिसूचना द्वारा एक तिथि नियुक्त करेगी जिस तिथि तक पंजीकरण के लिए आवेदन, जिसके साथ निर्धारित शुल्क, जो पच्चीस रुपये से अधिक नहीं होगा, पंजीकरण न्यायाधिकरण को प्रस्तुत किया जाएगा।
(3) पंजीकरण न्यायाधिकरण निर्धारित तिथि को या उससे पहले प्राप्त प्रत्येक आवेदन की जांच करेगा, और यदि वह संतुष्ट है कि आवेदक धारा 46 के तहत पंजीकरण के लिए योग्य है, तो वह आवेदक का नाम रजिस्टर में दर्ज करने का निर्देश देगा।
(4) इस प्रकार तैयार किया गया रजिस्टर इसके बाद राज्य सरकार द्वारा निर्देशित तरीके से प्रकाशित किया जाएगा, और पंजीकरण न्यायाधिकरण के किसी निर्णय से पीड़ित कोई भी व्यक्ति, चाहे वह रजिस्टर में व्यक्त हो या निहित, प्रकाशन की तिथि से साठ दिनों के भीतर आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा इस संबंध में राज्य सरकार द्वारा नियुक्त किसी प्राधिकारी के समक्ष अपील कर सकता है।
(5) रजिस्ट्रार उपधारा (4) के अधीन नियुक्त प्राधिकारी के निर्णयों के अनुसार रजिस्टर में संशोधन करेगा तथा इसके बाद रजिस्टर में जिसका नाम दर्ज है, उस प्रत्येक व्यक्ति को निर्धारित प्रपत्र में पंजीकरण प्रमाण पत्र जारी करेगा।
(6) राज्य पशु चिकित्सा परिषद की स्थापना होने पर, रजिस्टर उसकी अभिरक्षा में दिया जाएगा, और राज्य सरकार यह निर्देश दे सकती है कि प्रथम रजिस्टर में पंजीकरण के लिए आवेदन शुल्क का पूरा या कोई निर्दिष्ट भाग राज्य पशु चिकित्सा परिषद के खाते में जमा किया जाएगा।
(2) राज्य सरकार उसी या इसी तरह की अधिसूचना द्वारा एक तिथि नियुक्त करेगी जिस तिथि तक पंजीकरण के लिए आवेदन, जिसके साथ निर्धारित शुल्क, जो पच्चीस रुपये से अधिक नहीं होगा, पंजीकरण न्यायाधिकरण को प्रस्तुत किया जाएगा।
(3) पंजीकरण न्यायाधिकरण निर्धारित तिथि को या उससे पहले प्राप्त प्रत्येक आवेदन की जांच करेगा, और यदि वह संतुष्ट है कि आवेदक धारा 46 के तहत पंजीकरण के लिए योग्य है, तो वह आवेदक का नाम रजिस्टर में दर्ज करने का निर्देश देगा।
(4) इस प्रकार तैयार किया गया रजिस्टर इसके बाद राज्य सरकार द्वारा निर्देशित तरीके से प्रकाशित किया जाएगा, और पंजीकरण न्यायाधिकरण के किसी निर्णय से पीड़ित कोई भी व्यक्ति, चाहे वह रजिस्टर में व्यक्त हो या निहित, प्रकाशन की तिथि से साठ दिनों के भीतर आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा इस संबंध में राज्य सरकार द्वारा नियुक्त किसी प्राधिकारी के समक्ष अपील कर सकता है।
(5) रजिस्ट्रार उपधारा (4) के अधीन नियुक्त प्राधिकारी के निर्णयों के अनुसार रजिस्टर में संशोधन करेगा तथा इसके बाद रजिस्टर में जिसका नाम दर्ज है, उस प्रत्येक व्यक्ति को निर्धारित प्रपत्र में पंजीकरण प्रमाण पत्र जारी करेगा।
(6) राज्य पशु चिकित्सा परिषद की स्थापना होने पर, रजिस्टर उसकी अभिरक्षा में दिया जाएगा, और राज्य सरकार यह निर्देश दे सकती है कि प्रथम रजिस्टर में पंजीकरण के लिए आवेदन शुल्क का पूरा या कोई निर्दिष्ट भाग राज्य पशु चिकित्सा परिषद के खाते में जमा किया जाएगा।
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