IIIT Act 8अध्याय II · The Institutes
धारा 8 · संस्थान सभी जातियों, धर्मों और वर्गों के लिए खुले होने चाहिए।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) प्रत्येक संस्थान लिंग, जाति, पंथ, विकलांगता, निवास स्थान, जातीयता, सामाजिक या आर्थिक पृष्ठभूमि के बावजूद सभी नागरिकों के लिए खुला रहेगा।
(2) किसी भी संस्थान द्वारा किसी भी संपत्ति की वसीयत, दान या हस्तांतरण स्वीकार नहीं किया जाएगा, जिसमें समन्वय मंच की राय में इस धारा की भावना और उद्देश्य के विपरीत शर्तें या दायित्व शामिल हों।
(3) प्रत्येक संस्थान में अध्ययन के प्रत्येक कार्यक्रम में प्रवेश, संस्थान द्वारा प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने से पहले, उसके विवरणिका के माध्यम से प्रकट किए गए पारदर्शी और उचित मानदंडों के आधार पर योग्यता के अनुसार होगा।
बशर्ते कि ऐसा प्रत्येक संस्थान केंद्रीय शैक्षणिक संस्थान (प्रवेश में आरक्षण) अधिनियम, 2006 (2007 का 5) के प्रयोजनों के लिए एक केंद्रीय शैक्षणिक संस्थान होगा।
(2) किसी भी संस्थान द्वारा किसी भी संपत्ति की वसीयत, दान या हस्तांतरण स्वीकार नहीं किया जाएगा, जिसमें समन्वय मंच की राय में इस धारा की भावना और उद्देश्य के विपरीत शर्तें या दायित्व शामिल हों।
(3) प्रत्येक संस्थान में अध्ययन के प्रत्येक कार्यक्रम में प्रवेश, संस्थान द्वारा प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने से पहले, उसके विवरणिका के माध्यम से प्रकट किए गए पारदर्शी और उचित मानदंडों के आधार पर योग्यता के अनुसार होगा।
बशर्ते कि ऐसा प्रत्येक संस्थान केंद्रीय शैक्षणिक संस्थान (प्रवेश में आरक्षण) अधिनियम, 2006 (2007 का 5) के प्रयोजनों के लिए एक केंद्रीय शैक्षणिक संस्थान होगा।
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