IIIT Act 25अध्याय III · Authorities of Indian Institutes of Information Technology Established in Public-private Partnership
धारा 25 · संस्थान के प्रदर्शन की समीक्षा।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) संस्थान, इस अधिनियम के तहत स्थापना और निगमन की तिथि से पांच वर्षों के भीतर और उसके बाद प्रत्येक पांच वर्ष की समाप्ति पर, बोर्ड की पूर्व स्वीकृति से, एक समीक्षा समिति का गठन करेगा या उक्त अवधि के दौरान संस्थान के प्रदर्शन और उसके उद्देश्यों के संबंध में उसकी उपलब्धियों का मूल्यांकन करने के लिए किसी एजेंसी को तृतीय पक्ष के रूप में नियुक्त करेगा।
(2) उपधारा (1) के तहत गठित समीक्षा समिति में ऐसे संस्थान में शिक्षण, अधिगम और अनुसंधान के प्रासंगिक क्षेत्रों से संबंधित शिक्षाविदों या उद्योग जगत के प्रतिष्ठित सदस्य शामिल होंगे।
(3) उपधारा (1) के तहत नियुक्त तृतीय पक्ष एजेंसी को ऐसे मूल्यांकन करने का पूर्व अनुभव होना चाहिए।
(4) समीक्षा समिति या तृतीय पक्ष एजेंसी, जैसा भी मामला हो, संस्थान के प्रदर्शन का आकलन करेगी और निम्नलिखित पर सिफारिशों सहित अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी—
(क) धारा 6 में उल्लिखित संस्थान के उद्देश्यों की पूर्ति की सीमा, जैसा कि शिक्षण, अधिगम और अनुसंधान की स्थिति तथा समाज में इसके योगदान से प्रदर्शित होता है;
(ख) परिवर्तनकारी अनुसंधान को बढ़ावा देना और उद्योग तथा समाज पर इसका प्रभाव;
(ग) ज्ञान की वर्तमान सीमाओं से परे मौलिक अनुसंधान की उन्नति;
(घ) सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अग्रणी संस्थानों में संस्थान की स्थापना;
(ई) ऐसे अन्य मापदंड जिन्हें बोर्ड आवश्यक समझे और निर्दिष्ट करे।
(5) बोर्ड समीक्षा समिति या तृतीय पक्ष एजेंसी की रिपोर्ट को सार्वजनिक डोमेन में और अपनी वेबसाइट पर रखेगा तथा उप-धारा (3) में निर्दिष्ट अनुशंसाओं पर विचार करेगा तथा ऐसी कार्रवाई करेगा जो वह उचित समझे:
बशर्ते कि समीक्षा समिति या तृतीय पक्ष एजेंसी की सिफारिशें, की गई या प्रस्तावित कार्रवाई पर स्पष्टीकरण ज्ञापन के साथ, जिसमें उसके कारण निर्दिष्ट हों, केंद्र सरकार को प्रस्तुत की जाएंगी।
(2) उपधारा (1) के तहत गठित समीक्षा समिति में ऐसे संस्थान में शिक्षण, अधिगम और अनुसंधान के प्रासंगिक क्षेत्रों से संबंधित शिक्षाविदों या उद्योग जगत के प्रतिष्ठित सदस्य शामिल होंगे।
(3) उपधारा (1) के तहत नियुक्त तृतीय पक्ष एजेंसी को ऐसे मूल्यांकन करने का पूर्व अनुभव होना चाहिए।
(4) समीक्षा समिति या तृतीय पक्ष एजेंसी, जैसा भी मामला हो, संस्थान के प्रदर्शन का आकलन करेगी और निम्नलिखित पर सिफारिशों सहित अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी—
(क) धारा 6 में उल्लिखित संस्थान के उद्देश्यों की पूर्ति की सीमा, जैसा कि शिक्षण, अधिगम और अनुसंधान की स्थिति तथा समाज में इसके योगदान से प्रदर्शित होता है;
(ख) परिवर्तनकारी अनुसंधान को बढ़ावा देना और उद्योग तथा समाज पर इसका प्रभाव;
(ग) ज्ञान की वर्तमान सीमाओं से परे मौलिक अनुसंधान की उन्नति;
(घ) सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अग्रणी संस्थानों में संस्थान की स्थापना;
(ई) ऐसे अन्य मापदंड जिन्हें बोर्ड आवश्यक समझे और निर्दिष्ट करे।
(5) बोर्ड समीक्षा समिति या तृतीय पक्ष एजेंसी की रिपोर्ट को सार्वजनिक डोमेन में और अपनी वेबसाइट पर रखेगा तथा उप-धारा (3) में निर्दिष्ट अनुशंसाओं पर विचार करेगा तथा ऐसी कार्रवाई करेगा जो वह उचित समझे:
बशर्ते कि समीक्षा समिति या तृतीय पक्ष एजेंसी की सिफारिशें, की गई या प्रस्तावित कार्रवाई पर स्पष्टीकरण ज्ञापन के साथ, जिसमें उसके कारण निर्दिष्ट हों, केंद्र सरकार को प्रस्तुत की जाएंगी।
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