IIIT Act 38अध्याय V · Co-ordination Forum
धारा 38 · समन्वय मंच।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए, केंद्र सरकार आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, अधिसूचना में निर्दिष्ट तिथि से, अनुसूची के स्तंभ (5) में निर्दिष्ट सभी संस्थानों के लिए समन्वय मंच नामक एक केंद्रीय निकाय की स्थापना कर सकती है।
(2) समन्वय मंच में निम्नलिखित सदस्य होंगे, अर्थात्:—
(i) केंद्र सरकार के उस मंत्रालय या विभाग के प्रभारी मंत्री, जिनके पास तकनीकी शिक्षा का प्रशासनिक नियंत्रण है, पदेन अध्यक्ष के रूप में;
(ii) भारत सरकार के सचिव, जो केंद्र सरकार के तकनीकी शिक्षा के प्रशासनिक नियंत्रण वाले विभाग के प्रभारी हों, पदेन ;
(iii) राज्य सरकारों के भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थानों की देखरेख करने वाले विभाग के प्रभारी चार सचिव, जिनमें संस्थान स्थित हैं, समन्वय मंच के अध्यक्ष द्वारा दो वर्ष के लिए बारी-बारी से, पदेन रूप से नामित किए जाएंगे;
(iv) समन्वय मंच के अध्यक्ष द्वारा दो वर्षों के लिए बारी-बारी से नामित किए जाने वाले संस्थानों के चार अध्यक्ष;
(v) प्रत्येक संस्थान के निदेशक, पदेन ;
(vi) समन्वय मंच के अध्यक्ष द्वारा नामित किए जाने वाले चार उद्योग भागीदार, जिनमें से किसी भी संस्थान से एक से अधिक नहीं होंगे, प्रत्येक दो वर्ष में बारी-बारी से नामित किए जाएंगे;
(vii) शिक्षा, उद्योग या सार्वजनिक सेवा में तीन प्रतिष्ठित व्यक्ति, जिनमें से कम से कम एक महिला होनी चाहिए, जिन्हें समन्वय मंच द्वारा नामित किया जाएगा; और
(viii) अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद का एक प्रतिनिधि:
बशर्ते कि खंड (iii), (iv) और (vi) के तहत नामांकन करते समय, यह सुनिश्चित करने का ध्यान रखा जाएगा कि विभिन्न संस्थानों के बोर्ड से राज्य सरकारों के सचिवों, संस्थानों के अध्यक्षों और उद्योग भागीदारों के प्रतिनिधियों का चयन करके यथासंभव अधिक से अधिक संस्थानों का प्रतिनिधित्व हो।
(3) भारत सरकार के उच्च शिक्षा विभाग का कोई अधिकारी, जो संयुक्त सचिव के पद से कम रैंक का न हो और तकनीकी शिक्षा से संबंधित हो , समन्वय मंच के सदस्य-सचिव के रूप में कार्य करेगा।
(4) समन्वय मंच अपने विवेकानुसार भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान समन्वय मंच (सार्वजनिक-निजी भागीदारी) की एक स्थायी समिति का गठन कर सकता है, जो समन्वय मंच को उसके कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के निर्वहन में सहायता करेगी।
(5) समन्वय मंच पर होने वाला व्यय इस अधिनियम द्वारा शासित सभी संस्थानों द्वारा एकत्रित संसाधनों से पूरा किया जाएगा।
(2) समन्वय मंच में निम्नलिखित सदस्य होंगे, अर्थात्:—
(i) केंद्र सरकार के उस मंत्रालय या विभाग के प्रभारी मंत्री, जिनके पास तकनीकी शिक्षा का प्रशासनिक नियंत्रण है, पदेन अध्यक्ष के रूप में;
(ii) भारत सरकार के सचिव, जो केंद्र सरकार के तकनीकी शिक्षा के प्रशासनिक नियंत्रण वाले विभाग के प्रभारी हों, पदेन ;
(iii) राज्य सरकारों के भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थानों की देखरेख करने वाले विभाग के प्रभारी चार सचिव, जिनमें संस्थान स्थित हैं, समन्वय मंच के अध्यक्ष द्वारा दो वर्ष के लिए बारी-बारी से, पदेन रूप से नामित किए जाएंगे;
(iv) समन्वय मंच के अध्यक्ष द्वारा दो वर्षों के लिए बारी-बारी से नामित किए जाने वाले संस्थानों के चार अध्यक्ष;
(v) प्रत्येक संस्थान के निदेशक, पदेन ;
(vi) समन्वय मंच के अध्यक्ष द्वारा नामित किए जाने वाले चार उद्योग भागीदार, जिनमें से किसी भी संस्थान से एक से अधिक नहीं होंगे, प्रत्येक दो वर्ष में बारी-बारी से नामित किए जाएंगे;
(vii) शिक्षा, उद्योग या सार्वजनिक सेवा में तीन प्रतिष्ठित व्यक्ति, जिनमें से कम से कम एक महिला होनी चाहिए, जिन्हें समन्वय मंच द्वारा नामित किया जाएगा; और
(viii) अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद का एक प्रतिनिधि:
बशर्ते कि खंड (iii), (iv) और (vi) के तहत नामांकन करते समय, यह सुनिश्चित करने का ध्यान रखा जाएगा कि विभिन्न संस्थानों के बोर्ड से राज्य सरकारों के सचिवों, संस्थानों के अध्यक्षों और उद्योग भागीदारों के प्रतिनिधियों का चयन करके यथासंभव अधिक से अधिक संस्थानों का प्रतिनिधित्व हो।
(3) भारत सरकार के उच्च शिक्षा विभाग का कोई अधिकारी, जो संयुक्त सचिव के पद से कम रैंक का न हो और तकनीकी शिक्षा से संबंधित हो , समन्वय मंच के सदस्य-सचिव के रूप में कार्य करेगा।
(4) समन्वय मंच अपने विवेकानुसार भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान समन्वय मंच (सार्वजनिक-निजी भागीदारी) की एक स्थायी समिति का गठन कर सकता है, जो समन्वय मंच को उसके कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के निर्वहन में सहायता करेगी।
(5) समन्वय मंच पर होने वाला व्यय इस अधिनियम द्वारा शासित सभी संस्थानों द्वारा एकत्रित संसाधनों से पूरा किया जाएगा।
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