IIIT Act 46अध्याय VI · Miscellaneous
धारा 46 · संक्रमणकालीन प्रावधानों।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
इस अधिनियम में किसी बात के होते हुए भी---
(1) (क) इस अधिनियम के प्रारंभ होने से ठीक पहले कार्यरत प्रत्येक संस्थान का बोर्ड इस अधिनियम के अंतर्गत उस संस्थान के लिए नया बोर्ड गठित होने तक कार्य करता रहेगा, परन्तु इस अधिनियम के अंतर्गत नए बोर्ड के गठन पर, इस अधिनियम के प्रारंभ होने से पहले पद धारण करने वाले बोर्ड के सदस्य पद धारण करना छोड़ देंगे;
(ख) इस अधिनियम के प्रारंभ होने से पहले प्रत्येक संस्थान के संबंध में गठित प्रत्येक सीनेट को इस अधिनियम के तहत गठित सीनेट माना जाएगा, जब तक कि उस संस्थान के लिए इस अधिनियम के तहत एक सीनेट का गठन नहीं हो जाता, लेकिन इस अधिनियम के तहत नई सीनेट के गठन पर, इस अधिनियम के प्रारंभ होने से पहले पद धारण करने वाले सीनेट के सदस्य पद धारण करना बंद कर देंगे;
(ग) प्रत्येक मौजूदा संस्थान के नियम, उपनियम और अध्यादेश, जो इस अधिनियम के प्रारंभ होने से ठीक पहले लागू थे, संबंधित संस्थान में तब तक लागू रहेंगे जब तक कि वे इस अधिनियम के प्रावधानों के साथ असंगत न हों, जब तक कि इस अधिनियम के तहत पहले विधान और अध्यादेश नहीं बनाए जाते;
(घ) यदि ऐसे कोई नियम, उपनियम या अध्यादेश नहीं हैं, तो संबंधित संस्थान के बोर्ड द्वारा अपनाए गए किसी भी मौजूदा केंद्रीय वित्त पोषित भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान के क़ानून, अध्यादेश, नियम और विनियम उस संस्थान पर लागू होंगे, बशर्ते कि वे इस अधिनियम के प्रावधानों के साथ असंगत न हों, जब तक कि इस अधिनियम के तहत पहले क़ानून और अध्यादेश नहीं बनाए जाते।
(2) केंद्र सरकार, उपधारा (1) के प्रावधानों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, यदि वह आवश्यक और उचित समझे, तो अधिसूचना द्वारा ऐसे उपाय कर सकती है जो अनुसूची के स्तंभ (5) के अंतर्गत उल्लिखित संगत संस्थान को वर्तमान संस्थान के हस्तांतरण के लिए आवश्यक हों।
(1) (क) इस अधिनियम के प्रारंभ होने से ठीक पहले कार्यरत प्रत्येक संस्थान का बोर्ड इस अधिनियम के अंतर्गत उस संस्थान के लिए नया बोर्ड गठित होने तक कार्य करता रहेगा, परन्तु इस अधिनियम के अंतर्गत नए बोर्ड के गठन पर, इस अधिनियम के प्रारंभ होने से पहले पद धारण करने वाले बोर्ड के सदस्य पद धारण करना छोड़ देंगे;
(ख) इस अधिनियम के प्रारंभ होने से पहले प्रत्येक संस्थान के संबंध में गठित प्रत्येक सीनेट को इस अधिनियम के तहत गठित सीनेट माना जाएगा, जब तक कि उस संस्थान के लिए इस अधिनियम के तहत एक सीनेट का गठन नहीं हो जाता, लेकिन इस अधिनियम के तहत नई सीनेट के गठन पर, इस अधिनियम के प्रारंभ होने से पहले पद धारण करने वाले सीनेट के सदस्य पद धारण करना बंद कर देंगे;
(ग) प्रत्येक मौजूदा संस्थान के नियम, उपनियम और अध्यादेश, जो इस अधिनियम के प्रारंभ होने से ठीक पहले लागू थे, संबंधित संस्थान में तब तक लागू रहेंगे जब तक कि वे इस अधिनियम के प्रावधानों के साथ असंगत न हों, जब तक कि इस अधिनियम के तहत पहले विधान और अध्यादेश नहीं बनाए जाते;
(घ) यदि ऐसे कोई नियम, उपनियम या अध्यादेश नहीं हैं, तो संबंधित संस्थान के बोर्ड द्वारा अपनाए गए किसी भी मौजूदा केंद्रीय वित्त पोषित भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान के क़ानून, अध्यादेश, नियम और विनियम उस संस्थान पर लागू होंगे, बशर्ते कि वे इस अधिनियम के प्रावधानों के साथ असंगत न हों, जब तक कि इस अधिनियम के तहत पहले क़ानून और अध्यादेश नहीं बनाए जाते।
(2) केंद्र सरकार, उपधारा (1) के प्रावधानों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, यदि वह आवश्यक और उचित समझे, तो अधिसूचना द्वारा ऐसे उपाय कर सकती है जो अनुसूची के स्तंभ (5) के अंतर्गत उल्लिखित संगत संस्थान को वर्तमान संस्थान के हस्तांतरण के लिए आवश्यक हों।
इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।
