MV Act 9अध्याय II · Licensing of Drivers of Motor Vehicles
धारा 9 · ड्राइविंग लाइसेंस प्रदान करना।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) कोई भी व्यक्ति जो इस समय ड्राइविंग लाइसेंस रखने या प्राप्त करने के लिए अयोग्य नहीं है, वह [राज्य में किसी भी लाइसेंसिंग प्राधिकरण] को आवेदन कर सकता है--
(i) जिसमें वह सामान्यतः निवास करता है या व्यवसाय करता है, या
(ii) जिसमें धारा 12 में निर्दिष्ट विद्यालय या संस्थान स्थित है, जहाँ से वह मोटर वाहन चलाने का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहा है या प्राप्त कर चुका है,
उन्हें ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने के लिए।
(2) उपधारा (1) के अंतर्गत प्रत्येक आवेदन ऐसे प्रपत्र में होगा तथा उसके साथ ऐसा शुल्क और ऐसे दस्तावेज होंगे जो केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किए जाएँगे।
2 [(3) यदि आवेदक केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित परीक्षा उत्तीर्ण कर लेता है, तो उसे ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया जाएगा:
बशर्ते कि यदि आवेदक यह साबित करने के लिए प्रमाण प्रस्तुत करता है कि— तो ऐसे किसी परीक्षण की आवश्यकता नहीं होगी।
(क) (i) आवेदक के पास पहले से ही इस श्रेणी के वाहन को चलाने का ड्राइविंग लाइसेंस रहा हो और उस लाइसेंस की समाप्ति तिथि और आवेदन की तिथि के बीच की अवधि पांच वर्ष से अधिक न हो, या
(ii) आवेदक के पास धारा 18 के तहत जारी किए गए ऐसे वाहन को चलाने का ड्राइविंग लाइसेंस है या पहले रहा है, या
(iii) आवेदक के पास भारत के बाहर किसी देश के सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी किया गया ऐसे वर्ग के वाहन को चलाने का ड्राइविंग लाइसेंस हो, बशर्ते कि आवेदक धारा 8 की उपधारा (3) के प्रावधानों का अनुपालन करता हो।
(ख) आवेदक किसी ऐसी विकलांगता से पीड़ित नहीं है जिससे उसके द्वारा वाहन चलाना जनता के लिए खतरे का स्रोत बन सकता है; और लाइसेंसिंग प्राधिकारी, उस उद्देश्य के लिए, आवेदक से धारा 8 की उपधारा (3) में निर्दिष्ट प्रारूप और तरीके से चिकित्सा प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने की मांग कर सकता है।
3. इसके अलावा, यदि लाइसेंसिंग प्राधिकरण इस बात से संतुष्ट है कि आवेदक ऐसे मोटर वाहन को चलाने के लिए योग्य है, तो उसे अनुकूलित वाहन चलाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया जा सकता है।
(4) जहां आवेदन परिवहन वाहन चलाने के लाइसेंस के लिए है, वहां किसी भी आवेदक को ऐसा कोई प्राधिकरण तब तक प्रदान नहीं किया जाएगा जब तक कि उसके पास धारा 12 में निर्दिष्ट विद्यालय या प्रतिष्ठान द्वारा जारी ड्राइविंग प्रमाणपत्र न हो।
5 [(5) यदि आवेदक परीक्षा उत्तीर्ण नहीं करता है, तो उसे सात दिनों की अवधि के बाद परीक्षा में पुनः उपस्थित होने की अनुमति दी जा सकती है:
बशर्ते कि यदि आवेदक तीन बार परीक्षा देने के बाद भी उत्तीर्ण नहीं होता है, तो वह पिछली परीक्षा की तिथि से साठ दिनों की अवधि समाप्त होने से पहले ऐसी परीक्षा में पुनः उपस्थित होने के लिए पात्र नहीं होगा [और ऐसे आवेदक को धारा 12 के अंतर्गत किसी विद्यालय या संस्थान से उपचारात्मक चालक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पूरा करना आवश्यक होगा।]
(6) वाहन चलाने की योग्यता का परीक्षण उस प्रकार के वाहन में किया जाएगा जिसका उल्लेख आवेदन में किया गया है:
बशर्ते कि गियर वाली मोटर साइकिल चलाने की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले व्यक्ति को बिना गियर वाली मोटर साइकिल चलाने की परीक्षा भी उत्तीर्ण माना जाएगा।
(7) जब उपयुक्त लाइसेंसिंग प्राधिकारी को विधिवत आवेदन किया गया हो और आवेदक ने वाहन चलाने की अपनी योग्यता के संबंध में उस प्राधिकारी को संतुष्ट कर दिया हो, तो लाइसेंसिंग प्राधिकारी आवेदक को ड्राइविंग लाइसेंस जारी करेगा, जब तक कि आवेदक उस समय ड्राइविंग लाइसेंस रखने या प्राप्त करने के लिए अयोग्य न हो:
बशर्ते कि कोई लाइसेंसिंग प्राधिकरण मोटर साइकिल या हल्के मोटर वाहन चलाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस जारी कर सकता है, भले ही वह उपयुक्त लाइसेंसिंग प्राधिकरण न हो, यदि लाइसेंसिंग प्राधिकरण संतुष्ट है कि आवेदक के उपयुक्त लाइसेंसिंग प्राधिकरण में आवेदन करने में असमर्थ होने का अच्छा और पर्याप्त कारण है:
इसके अलावा, यदि आवेदक के पास पहले से ड्राइविंग लाइसेंस है, तो लाइसेंसिंग प्राधिकरण उसे नया ड्राइविंग लाइसेंस जारी नहीं करेगा, जब तक कि प्राधिकरण इस बात से संतुष्ट न हो जाए कि उसके पूर्व लाइसेंस की प्रतिलिपि प्राप्त करने में असमर्थता का कोई ठोस और पर्याप्त कारण है।
(8) यदि लाइसेंसिंग प्राधिकारी आवेदक को सुनवाई का अवसर देने के बाद संतुष्ट हो जाता है कि वह--
(क) आदतन अपराधी हो या आदतन शराबी हो; या
(ख) मादक औषधि एवं मनोरोगी पदार्थ अधिनियम, 1985 (1985 का 61) के अर्थ में किसी मादक औषधि या मनोरोगी पदार्थ का अभ्यस्त व्यसनी हो; या
(ग) यदि कोई व्यक्ति जिसका किसी मोटर वाहन को चलाने का लाइसेंस पहले किसी भी समय रद्द कर दिया गया हो, तो वह लिखित में दर्ज किए जाने वाले कारणों के आधार पर ऐसे व्यक्ति को ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने से इनकार करने का आदेश दे सकता है और इस उपधारा के तहत लाइसेंसिंग प्राधिकरण द्वारा दिए गए आदेश से पीड़ित कोई भी व्यक्ति आदेश प्राप्त होने के तीस दिनों के भीतर निर्धारित प्राधिकरण के समक्ष अपील कर सकता है।
(9) इस अधिनियम के प्रारंभ होने से ठीक पहले मोटर साइकिल चलाने के लिए लागू कोई भी ड्राइविंग लाइसेंस, ऐसे प्रारंभ होने के बाद, गियर वाली या बिना गियर वाली मोटर साइकिल चलाने के लिए प्रभावी माना जाएगा।
7 [(10) इस धारा में किसी बात के होते हुए भी, ई-कार्ट या ई-रिक्शा चलाने का ड्राइविंग लाइसेंस ऐसे तरीके से और ऐसी शर्तों के अधीन जारी किया जाएगा, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।]
(i) जिसमें वह सामान्यतः निवास करता है या व्यवसाय करता है, या
(ii) जिसमें धारा 12 में निर्दिष्ट विद्यालय या संस्थान स्थित है, जहाँ से वह मोटर वाहन चलाने का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहा है या प्राप्त कर चुका है,
उन्हें ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने के लिए।
(2) उपधारा (1) के अंतर्गत प्रत्येक आवेदन ऐसे प्रपत्र में होगा तथा उसके साथ ऐसा शुल्क और ऐसे दस्तावेज होंगे जो केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किए जाएँगे।
2 [(3) यदि आवेदक केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित परीक्षा उत्तीर्ण कर लेता है, तो उसे ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया जाएगा:
बशर्ते कि यदि आवेदक यह साबित करने के लिए प्रमाण प्रस्तुत करता है कि— तो ऐसे किसी परीक्षण की आवश्यकता नहीं होगी।
(क) (i) आवेदक के पास पहले से ही इस श्रेणी के वाहन को चलाने का ड्राइविंग लाइसेंस रहा हो और उस लाइसेंस की समाप्ति तिथि और आवेदन की तिथि के बीच की अवधि पांच वर्ष से अधिक न हो, या
(ii) आवेदक के पास धारा 18 के तहत जारी किए गए ऐसे वाहन को चलाने का ड्राइविंग लाइसेंस है या पहले रहा है, या
(iii) आवेदक के पास भारत के बाहर किसी देश के सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी किया गया ऐसे वर्ग के वाहन को चलाने का ड्राइविंग लाइसेंस हो, बशर्ते कि आवेदक धारा 8 की उपधारा (3) के प्रावधानों का अनुपालन करता हो।
(ख) आवेदक किसी ऐसी विकलांगता से पीड़ित नहीं है जिससे उसके द्वारा वाहन चलाना जनता के लिए खतरे का स्रोत बन सकता है; और लाइसेंसिंग प्राधिकारी, उस उद्देश्य के लिए, आवेदक से धारा 8 की उपधारा (3) में निर्दिष्ट प्रारूप और तरीके से चिकित्सा प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने की मांग कर सकता है।
3. इसके अलावा, यदि लाइसेंसिंग प्राधिकरण इस बात से संतुष्ट है कि आवेदक ऐसे मोटर वाहन को चलाने के लिए योग्य है, तो उसे अनुकूलित वाहन चलाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया जा सकता है।
(4) जहां आवेदन परिवहन वाहन चलाने के लाइसेंस के लिए है, वहां किसी भी आवेदक को ऐसा कोई प्राधिकरण तब तक प्रदान नहीं किया जाएगा जब तक कि उसके पास धारा 12 में निर्दिष्ट विद्यालय या प्रतिष्ठान द्वारा जारी ड्राइविंग प्रमाणपत्र न हो।
5 [(5) यदि आवेदक परीक्षा उत्तीर्ण नहीं करता है, तो उसे सात दिनों की अवधि के बाद परीक्षा में पुनः उपस्थित होने की अनुमति दी जा सकती है:
बशर्ते कि यदि आवेदक तीन बार परीक्षा देने के बाद भी उत्तीर्ण नहीं होता है, तो वह पिछली परीक्षा की तिथि से साठ दिनों की अवधि समाप्त होने से पहले ऐसी परीक्षा में पुनः उपस्थित होने के लिए पात्र नहीं होगा [और ऐसे आवेदक को धारा 12 के अंतर्गत किसी विद्यालय या संस्थान से उपचारात्मक चालक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पूरा करना आवश्यक होगा।]
(6) वाहन चलाने की योग्यता का परीक्षण उस प्रकार के वाहन में किया जाएगा जिसका उल्लेख आवेदन में किया गया है:
बशर्ते कि गियर वाली मोटर साइकिल चलाने की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले व्यक्ति को बिना गियर वाली मोटर साइकिल चलाने की परीक्षा भी उत्तीर्ण माना जाएगा।
(7) जब उपयुक्त लाइसेंसिंग प्राधिकारी को विधिवत आवेदन किया गया हो और आवेदक ने वाहन चलाने की अपनी योग्यता के संबंध में उस प्राधिकारी को संतुष्ट कर दिया हो, तो लाइसेंसिंग प्राधिकारी आवेदक को ड्राइविंग लाइसेंस जारी करेगा, जब तक कि आवेदक उस समय ड्राइविंग लाइसेंस रखने या प्राप्त करने के लिए अयोग्य न हो:
बशर्ते कि कोई लाइसेंसिंग प्राधिकरण मोटर साइकिल या हल्के मोटर वाहन चलाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस जारी कर सकता है, भले ही वह उपयुक्त लाइसेंसिंग प्राधिकरण न हो, यदि लाइसेंसिंग प्राधिकरण संतुष्ट है कि आवेदक के उपयुक्त लाइसेंसिंग प्राधिकरण में आवेदन करने में असमर्थ होने का अच्छा और पर्याप्त कारण है:
इसके अलावा, यदि आवेदक के पास पहले से ड्राइविंग लाइसेंस है, तो लाइसेंसिंग प्राधिकरण उसे नया ड्राइविंग लाइसेंस जारी नहीं करेगा, जब तक कि प्राधिकरण इस बात से संतुष्ट न हो जाए कि उसके पूर्व लाइसेंस की प्रतिलिपि प्राप्त करने में असमर्थता का कोई ठोस और पर्याप्त कारण है।
(8) यदि लाइसेंसिंग प्राधिकारी आवेदक को सुनवाई का अवसर देने के बाद संतुष्ट हो जाता है कि वह--
(क) आदतन अपराधी हो या आदतन शराबी हो; या
(ख) मादक औषधि एवं मनोरोगी पदार्थ अधिनियम, 1985 (1985 का 61) के अर्थ में किसी मादक औषधि या मनोरोगी पदार्थ का अभ्यस्त व्यसनी हो; या
(ग) यदि कोई व्यक्ति जिसका किसी मोटर वाहन को चलाने का लाइसेंस पहले किसी भी समय रद्द कर दिया गया हो, तो वह लिखित में दर्ज किए जाने वाले कारणों के आधार पर ऐसे व्यक्ति को ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने से इनकार करने का आदेश दे सकता है और इस उपधारा के तहत लाइसेंसिंग प्राधिकरण द्वारा दिए गए आदेश से पीड़ित कोई भी व्यक्ति आदेश प्राप्त होने के तीस दिनों के भीतर निर्धारित प्राधिकरण के समक्ष अपील कर सकता है।
(9) इस अधिनियम के प्रारंभ होने से ठीक पहले मोटर साइकिल चलाने के लिए लागू कोई भी ड्राइविंग लाइसेंस, ऐसे प्रारंभ होने के बाद, गियर वाली या बिना गियर वाली मोटर साइकिल चलाने के लिए प्रभावी माना जाएगा।
7 [(10) इस धारा में किसी बात के होते हुए भी, ई-कार्ट या ई-रिक्शा चलाने का ड्राइविंग लाइसेंस ऐसे तरीके से और ऐसी शर्तों के अधीन जारी किया जाएगा, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।]
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