MV Act 100अध्याय VI · Special Provisions Relating to State Transport Undertakings
धारा 100 · प्रस्ताव पर आपत्ति।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) किसी योजना के संबंध में किसी प्रस्ताव के राजपत्र में और उस क्षेत्र या मार्ग में प्रसारित होने वाले क्षेत्रीय भाषा के कम से कम एक समाचार पत्र में प्रकाशन होने पर, जिसे ऐसे प्रस्ताव द्वारा कवर किया जाना है, कोई भी व्यक्ति राजपत्र में इसके प्रकाशन की तिथि से तीस दिनों के भीतर राज्य सरकार के समक्ष इस पर आपत्ति दर्ज करा सकता है।
(2) राज्य सरकार आपत्तियों पर विचार करने के बाद और आपत्तिकर्ता या उसके प्रतिनिधियों तथा राज्य परिवहन उपक्रम के प्रतिनिधियों को, यदि वे चाहें तो, मामले में सुनवाई का अवसर देने के बाद, ऐसे प्रस्ताव को अनुमोदित या संशोधित कर सकती है।
(3) उपधारा (2) के अधीन अनुमोदित या संशोधित प्रस्ताव से संबंधित योजना को राज्य सरकार द्वारा आधिकारिक राजपत्र में और उस योजना के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र या मार्ग में प्रसारित होने वाले कम से कम एक क्षेत्रीय भाषा के समाचार पत्र में प्रकाशित किया जाएगा और यह आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से अंतिम हो जाएगी और इसे अनुमोदित योजना कहा जाएगा तथा जिस क्षेत्र या मार्ग से यह संबंधित है उसे अधिसूचित क्षेत्र या अधिसूचित मार्ग कहा जाएगा।
बशर्ते कि किसी भी अंतर-राज्यीय मार्ग से संबंधित ऐसी कोई भी योजना तब तक अनुमोदित योजना नहीं मानी जाएगी जब तक कि उसे केंद्र सरकार की पूर्व स्वीकृति प्राप्त न हो।
(4) इस धारा में किसी बात के होते हुए भी, यदि कोई योजना उपधारा (1) के अंतर्गत आधिकारिक राजपत्र में योजना संबंधी प्रस्ताव के प्रकाशन की तिथि से एक वर्ष की अवधि के भीतर उपधारा (3 ) के अंतर्गत अनुमोदित योजना के रूप में प्रकाशित नहीं होती है, तो प्रस्ताव समाप्त माना जाएगा।
स्पष्टीकरण .--इस उपधारा में निर्दिष्ट एक वर्ष की अवधि की गणना करते समय, कोई भी अवधि या अवधियाँ जिनके दौरान उपधारा (3) के तहत अनुमोदित योजना का प्रकाशन किसी न्यायालय के आदेश द्वारा किसी रोक या निषेधाज्ञा के कारण रुका हुआ था, उसे बाहर रखा जाएगा।
(2) राज्य सरकार आपत्तियों पर विचार करने के बाद और आपत्तिकर्ता या उसके प्रतिनिधियों तथा राज्य परिवहन उपक्रम के प्रतिनिधियों को, यदि वे चाहें तो, मामले में सुनवाई का अवसर देने के बाद, ऐसे प्रस्ताव को अनुमोदित या संशोधित कर सकती है।
(3) उपधारा (2) के अधीन अनुमोदित या संशोधित प्रस्ताव से संबंधित योजना को राज्य सरकार द्वारा आधिकारिक राजपत्र में और उस योजना के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र या मार्ग में प्रसारित होने वाले कम से कम एक क्षेत्रीय भाषा के समाचार पत्र में प्रकाशित किया जाएगा और यह आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से अंतिम हो जाएगी और इसे अनुमोदित योजना कहा जाएगा तथा जिस क्षेत्र या मार्ग से यह संबंधित है उसे अधिसूचित क्षेत्र या अधिसूचित मार्ग कहा जाएगा।
बशर्ते कि किसी भी अंतर-राज्यीय मार्ग से संबंधित ऐसी कोई भी योजना तब तक अनुमोदित योजना नहीं मानी जाएगी जब तक कि उसे केंद्र सरकार की पूर्व स्वीकृति प्राप्त न हो।
(4) इस धारा में किसी बात के होते हुए भी, यदि कोई योजना उपधारा (1) के अंतर्गत आधिकारिक राजपत्र में योजना संबंधी प्रस्ताव के प्रकाशन की तिथि से एक वर्ष की अवधि के भीतर उपधारा (3 ) के अंतर्गत अनुमोदित योजना के रूप में प्रकाशित नहीं होती है, तो प्रस्ताव समाप्त माना जाएगा।
स्पष्टीकरण .--इस उपधारा में निर्दिष्ट एक वर्ष की अवधि की गणना करते समय, कोई भी अवधि या अवधियाँ जिनके दौरान उपधारा (3) के तहत अनुमोदित योजना का प्रकाशन किसी न्यायालय के आदेश द्वारा किसी रोक या निषेधाज्ञा के कारण रुका हुआ था, उसे बाहर रखा जाएगा।
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