MV Act 52अध्याय IV · Registration of Motor Vehicles
धारा 52 · मोटर वाहन में परिवर्तन।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
1 [52. मोटर वाहन में परिवर्तन.-- (1) कोई भी मोटर वाहन का स्वामी वाहन में ऐसा परिवर्तन नहीं करेगा कि पंजीकरण प्रमाण पत्र में दी गई जानकारी निर्माता द्वारा मूल रूप से निर्दिष्ट जानकारी से भिन्न हो:
बशर्ते कि यदि किसी मोटर वाहन का स्वामी इंजन या उसके किसी भाग में किसी भिन्न प्रकार के ईंधन या ऊर्जा स्रोत, जैसे बैटरी, संपीड़ित प्राकृतिक गैस, सौर ऊर्जा, तरल पेट्रोलियम गैस या किसी अन्य ईंधन या ऊर्जा स्रोत द्वारा वाहन के संचालन को सुगम बनाने के लिए रूपांतरण किट लगाकर संशोधन करता है, तो ऐसा संशोधन निर्धारित शर्तों के अधीन किया जाएगा।
2. इसके अलावा, केंद्र सरकार मोटर वाहनों में परिवर्तन के लिए विनिर्देश, अनुमोदन की शर्तें, रेट्रोफिटमेंट और अन्य संबंधित मामलों को निर्धारित कर सकती है, और ऐसे मामलों में, निर्माता द्वारा दी गई वारंटी को ऐसे परिवर्तन या रेट्रोफिटमेंट के प्रयोजनों के लिए शून्य नहीं माना जाएगा।
इसके अलावा, केंद्र सरकार किसी विशिष्ट उद्देश्य के लिए, ऊपर निर्दिष्ट तरीके के अलावा किसी अन्य तरीके से वाहनों में परिवर्तन करने पर छूट प्रदान कर सकती है।
3 [(1ए) मोटर वाहन निर्माता केंद्र सरकार द्वारा जारी निर्देशानुसार, केंद्र सरकार द्वारा निर्दिष्ट मानकों और विशिष्टताओं के अनुसार सुरक्षा उपकरण या किसी अन्य उपकरण में परिवर्तन या संशोधन करेगा।]
4 [(2) उपधारा ( 1 ) में किसी बात के होते हुए भी, कोई व्यक्ति पंजीकरण प्राधिकारी की पश्चात स्वीकृति से, अपने स्वामित्व वाले किसी वाहन को अनुकूलित वाहन में परिवर्तित करने के लिए उसमें परिवर्तन कर सकता है या करवा सकता है:
बशर्ते कि ऐसा परिवर्तन केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित शर्तों का अनुपालन करता हो।]
(3) जहां पंजीकरण प्राधिकारी की स्वीकृति के बिना मोटर वाहन में कोई परिवर्तन किया गया है, वाहन का स्वामी परिवर्तन किए जाने के चौदह दिनों के भीतर उस पंजीकरण प्राधिकारी को परिवर्तन की सूचना देगा जिसके अधिकार क्षेत्र में वह निवास करता है और पंजीकरण का प्रमाण पत्र निर्धारित शुल्क के साथ उस प्राधिकारी को भेजेगा ताकि पंजीकरण का विवरण उसमें दर्ज किया जा सके।
(4) मूल पंजीकरण प्राधिकारी के अलावा कोई अन्य पंजीकरण प्राधिकारी ऐसी प्रविष्टि करेगा, तो वह प्रविष्टि का विवरण मूल पंजीकरण प्राधिकारी को सूचित करेगा।
(5) उपधारा ( 1 ), ( 2 ), ( 3 ) और ( 4 ) के अधीन प्रावधानों के अधीन रहते हुए, किराया-खरीद समझौते के तहत वाहन रखने वाला कोई भी व्यक्ति पंजीकृत स्वामी की लिखित सहमति के बिना वाहन में कोई परिवर्तन नहीं करेगा।
स्पष्टीकरण .--इस धारा के प्रयोजनों के लिए, "परिवर्तन" से तात्पर्य वाहन की संरचना में ऐसे परिवर्तन से है जिसके परिणामस्वरूप उसकी मूल विशेषता में परिवर्तन होता है।]
बशर्ते कि यदि किसी मोटर वाहन का स्वामी इंजन या उसके किसी भाग में किसी भिन्न प्रकार के ईंधन या ऊर्जा स्रोत, जैसे बैटरी, संपीड़ित प्राकृतिक गैस, सौर ऊर्जा, तरल पेट्रोलियम गैस या किसी अन्य ईंधन या ऊर्जा स्रोत द्वारा वाहन के संचालन को सुगम बनाने के लिए रूपांतरण किट लगाकर संशोधन करता है, तो ऐसा संशोधन निर्धारित शर्तों के अधीन किया जाएगा।
2. इसके अलावा, केंद्र सरकार मोटर वाहनों में परिवर्तन के लिए विनिर्देश, अनुमोदन की शर्तें, रेट्रोफिटमेंट और अन्य संबंधित मामलों को निर्धारित कर सकती है, और ऐसे मामलों में, निर्माता द्वारा दी गई वारंटी को ऐसे परिवर्तन या रेट्रोफिटमेंट के प्रयोजनों के लिए शून्य नहीं माना जाएगा।
इसके अलावा, केंद्र सरकार किसी विशिष्ट उद्देश्य के लिए, ऊपर निर्दिष्ट तरीके के अलावा किसी अन्य तरीके से वाहनों में परिवर्तन करने पर छूट प्रदान कर सकती है।
3 [(1ए) मोटर वाहन निर्माता केंद्र सरकार द्वारा जारी निर्देशानुसार, केंद्र सरकार द्वारा निर्दिष्ट मानकों और विशिष्टताओं के अनुसार सुरक्षा उपकरण या किसी अन्य उपकरण में परिवर्तन या संशोधन करेगा।]
4 [(2) उपधारा ( 1 ) में किसी बात के होते हुए भी, कोई व्यक्ति पंजीकरण प्राधिकारी की पश्चात स्वीकृति से, अपने स्वामित्व वाले किसी वाहन को अनुकूलित वाहन में परिवर्तित करने के लिए उसमें परिवर्तन कर सकता है या करवा सकता है:
बशर्ते कि ऐसा परिवर्तन केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित शर्तों का अनुपालन करता हो।]
(3) जहां पंजीकरण प्राधिकारी की स्वीकृति के बिना मोटर वाहन में कोई परिवर्तन किया गया है, वाहन का स्वामी परिवर्तन किए जाने के चौदह दिनों के भीतर उस पंजीकरण प्राधिकारी को परिवर्तन की सूचना देगा जिसके अधिकार क्षेत्र में वह निवास करता है और पंजीकरण का प्रमाण पत्र निर्धारित शुल्क के साथ उस प्राधिकारी को भेजेगा ताकि पंजीकरण का विवरण उसमें दर्ज किया जा सके।
(4) मूल पंजीकरण प्राधिकारी के अलावा कोई अन्य पंजीकरण प्राधिकारी ऐसी प्रविष्टि करेगा, तो वह प्रविष्टि का विवरण मूल पंजीकरण प्राधिकारी को सूचित करेगा।
(5) उपधारा ( 1 ), ( 2 ), ( 3 ) और ( 4 ) के अधीन प्रावधानों के अधीन रहते हुए, किराया-खरीद समझौते के तहत वाहन रखने वाला कोई भी व्यक्ति पंजीकृत स्वामी की लिखित सहमति के बिना वाहन में कोई परिवर्तन नहीं करेगा।
स्पष्टीकरण .--इस धारा के प्रयोजनों के लिए, "परिवर्तन" से तात्पर्य वाहन की संरचना में ऐसे परिवर्तन से है जिसके परिणामस्वरूप उसकी मूल विशेषता में परिवर्तन होता है।]
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