MV Act 12अध्याय II · Licensing of Drivers of Motor Vehicles
धारा 12 · मोटर वाहन चलाने का प्रशिक्षण देने वाले स्कूलों या संस्थानों का लाइसेंस देना और उनका विनियमन करना।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) केंद्र सरकार, राज्य सरकारों द्वारा मोटर वाहनों के संचालन और उससे संबंधित मामलों में प्रशिक्षण प्रदान करने वाले विद्यालयों या प्रतिष्ठानों (चाहे किसी भी नाम से पुकारे जाएं) को लाइसेंस देने और विनियमित करने के उद्देश्य से नियम बना सकती है।
(2) विशेष रूप से, और पूर्वोक्त शक्ति की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, ऐसे नियम निम्नलिखित सभी या किसी भी मामले के लिए प्रावधान कर सकते हैं, अर्थात्:--
(क) ऐसे विद्यालयों या संस्थानों को लाइसेंस देना, जिसमें ऐसे लाइसेंसों का अनुदान, नवीनीकरण और निरस्तीकरण शामिल है;
(ख) ऐसे विद्यालयों या संस्थानों का पर्यवेक्षण;
(ग) आवेदन का प्रपत्र और लाइसेंस का प्रपत्र तथा उसमें निहित की जाने वाली जानकारियाँ;
(घ) ऐसे लाइसेंसों के लिए आवेदन के साथ भुगतान की जाने वाली फीस;
(ई) वे शर्तें जिनके अधीन ऐसे लाइसेंस प्रदान किए जा सकते हैं;
(f) ऐसे लाइसेंस प्रदान करने या नवीनीकरण करने से इनकार करने के आदेशों के विरुद्ध अपीलें और ऐसे लाइसेंसों को रद्द करने के आदेशों के विरुद्ध अपीलें;
(जी) वे शर्तें जिनके अधीन कोई व्यक्ति मोटर वाहनों के संचालन में प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए किसी ऐसे विद्यालय या संस्थान की स्थापना और रखरखाव कर सकता है;
(h) किसी मोटर वाहन को चलाने में कुशल प्रशिक्षण के लिए पाठ्यक्रम या पाठ्यक्रमों की प्रकृति, पाठ्यक्रम और अवधि;
(i) ऐसे निर्देश प्रदान करने के उद्देश्य से आवश्यक उपकरण और सामग्रियां (दोहरे नियंत्रण से सुसज्जित मोटर वाहन सहित);
(j) ऐसे विद्यालयों या प्रतिष्ठानों की स्थापना या रखरखाव के लिए परिसर की उपयुक्तता और उसमें प्रदान की जाने वाली सुविधाएं;
(k) मोटर वाहन चलाने का प्रशिक्षण देने वाले व्यक्ति के पास शैक्षिक और व्यावसायिक योग्यताएं (अनुभव सहित) होनी चाहिए;
(एल) ऐसे विद्यालयों और प्रतिष्ठानों का निरीक्षण (जिनमें उनके द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाएं और उनके द्वारा ऐसी शिक्षा प्रदान करने के लिए रखे गए उपकरण, साजो-सामान और मोटर वाहन शामिल हैं);
(m) ऐसे विद्यालयों या संस्थानों द्वारा अभिलेखों का रखरखाव;
(n) ऐसे विद्यालयों या संस्थानों की वित्तीय स्थिरता;
(ओ) ऐसे विद्यालयों या प्रतिष्ठानों द्वारा जारी किए जाने वाले ड्राइविंग प्रमाणपत्र, यदि कोई हो, और जिस प्रारूप में ऐसे ड्राइविंग प्रमाणपत्र जारी किए जाएंगे तथा ऐसे प्रमाणपत्र जारी करने के प्रयोजनों के लिए अनुपालन की जाने वाली आवश्यकताएं;
(पी) इस धारा के प्रयोजनों को पूरा करने के लिए आवश्यक अन्य मामले।
(3) जहाँ केंद्र सरकार संतुष्ट हो कि ऐसा करना आवश्यक या उचित है, तो वह इस संबंध में बनाए गए नियमों द्वारा, मोटर वाहनों के संचालन या उससे संबंधित मामलों में प्रशिक्षण प्रदान करने वाले विद्यालयों या प्रतिष्ठानों के किसी वर्ग को इस धारा के प्रावधानों से सामान्यतः, पूर्णतः या नियमों में निर्दिष्ट शर्तों के अधीन, छूट दे सकती है।
(4) इस अधिनियम के प्रारंभ होने से ठीक पहले मोटर वाहनों के संचालन या उससे संबंधित मामलों में प्रशिक्षण देने वाला कोई विद्यालय या संस्थान, चाहे लाइसेंस के तहत हो या बिना लाइसेंस के, इस अधिनियम के तहत जारी लाइसेंस के बिना भी प्रारंभ होने की तिथि से एक माह तक ऐसा प्रशिक्षण देना जारी रख सकता है, और यदि उसने उक्त एक माह की अवधि के भीतर इस अधिनियम के तहत ऐसे लाइसेंस के लिए आवेदन किया है और ऐसा आवेदन निर्धारित प्रपत्र में है, उसमें निर्धारित विवरण शामिल हैं और उसके साथ निर्धारित शुल्क संलग्न है, तो लाइसेंसिंग प्राधिकारी द्वारा ऐसे आवेदन के निपटान तक वह प्रशिक्षण जारी रख सकता है।
1 [(5) किसी अन्य प्रावधान में निहित किसी बात के बावजूद, जहां किसी विद्यालय या प्रतिष्ठान को केंद्र सरकार द्वारा किसी अन्य कानून के तहत अधिसूचित निकाय द्वारा मान्यता प्राप्त है, तो कोई भी व्यक्ति जिसने ऐसे विद्यालय या प्रतिष्ठान में किसी विशेष प्रकार के मोटर वाहन को कवर करने वाला प्रशिक्षण मॉड्यूल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है, ऐसे मोटर वाहन के लिए ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने के लिए पात्र होगा।
(6) धारा 9 की उपधारा (5) में निर्दिष्ट प्रशिक्षण मॉड्यूल और उपधारा (5) में निर्दिष्ट उपचारात्मक चालक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम का पाठ्यक्रम ऐसा होगा जैसा केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किया जाए और सरकार ऐसे विद्यालयों या संस्थानों के विनियमन के लिए नियम बना सकती है।]
(2) विशेष रूप से, और पूर्वोक्त शक्ति की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, ऐसे नियम निम्नलिखित सभी या किसी भी मामले के लिए प्रावधान कर सकते हैं, अर्थात्:--
(क) ऐसे विद्यालयों या संस्थानों को लाइसेंस देना, जिसमें ऐसे लाइसेंसों का अनुदान, नवीनीकरण और निरस्तीकरण शामिल है;
(ख) ऐसे विद्यालयों या संस्थानों का पर्यवेक्षण;
(ग) आवेदन का प्रपत्र और लाइसेंस का प्रपत्र तथा उसमें निहित की जाने वाली जानकारियाँ;
(घ) ऐसे लाइसेंसों के लिए आवेदन के साथ भुगतान की जाने वाली फीस;
(ई) वे शर्तें जिनके अधीन ऐसे लाइसेंस प्रदान किए जा सकते हैं;
(f) ऐसे लाइसेंस प्रदान करने या नवीनीकरण करने से इनकार करने के आदेशों के विरुद्ध अपीलें और ऐसे लाइसेंसों को रद्द करने के आदेशों के विरुद्ध अपीलें;
(जी) वे शर्तें जिनके अधीन कोई व्यक्ति मोटर वाहनों के संचालन में प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए किसी ऐसे विद्यालय या संस्थान की स्थापना और रखरखाव कर सकता है;
(h) किसी मोटर वाहन को चलाने में कुशल प्रशिक्षण के लिए पाठ्यक्रम या पाठ्यक्रमों की प्रकृति, पाठ्यक्रम और अवधि;
(i) ऐसे निर्देश प्रदान करने के उद्देश्य से आवश्यक उपकरण और सामग्रियां (दोहरे नियंत्रण से सुसज्जित मोटर वाहन सहित);
(j) ऐसे विद्यालयों या प्रतिष्ठानों की स्थापना या रखरखाव के लिए परिसर की उपयुक्तता और उसमें प्रदान की जाने वाली सुविधाएं;
(k) मोटर वाहन चलाने का प्रशिक्षण देने वाले व्यक्ति के पास शैक्षिक और व्यावसायिक योग्यताएं (अनुभव सहित) होनी चाहिए;
(एल) ऐसे विद्यालयों और प्रतिष्ठानों का निरीक्षण (जिनमें उनके द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाएं और उनके द्वारा ऐसी शिक्षा प्रदान करने के लिए रखे गए उपकरण, साजो-सामान और मोटर वाहन शामिल हैं);
(m) ऐसे विद्यालयों या संस्थानों द्वारा अभिलेखों का रखरखाव;
(n) ऐसे विद्यालयों या संस्थानों की वित्तीय स्थिरता;
(ओ) ऐसे विद्यालयों या प्रतिष्ठानों द्वारा जारी किए जाने वाले ड्राइविंग प्रमाणपत्र, यदि कोई हो, और जिस प्रारूप में ऐसे ड्राइविंग प्रमाणपत्र जारी किए जाएंगे तथा ऐसे प्रमाणपत्र जारी करने के प्रयोजनों के लिए अनुपालन की जाने वाली आवश्यकताएं;
(पी) इस धारा के प्रयोजनों को पूरा करने के लिए आवश्यक अन्य मामले।
(3) जहाँ केंद्र सरकार संतुष्ट हो कि ऐसा करना आवश्यक या उचित है, तो वह इस संबंध में बनाए गए नियमों द्वारा, मोटर वाहनों के संचालन या उससे संबंधित मामलों में प्रशिक्षण प्रदान करने वाले विद्यालयों या प्रतिष्ठानों के किसी वर्ग को इस धारा के प्रावधानों से सामान्यतः, पूर्णतः या नियमों में निर्दिष्ट शर्तों के अधीन, छूट दे सकती है।
(4) इस अधिनियम के प्रारंभ होने से ठीक पहले मोटर वाहनों के संचालन या उससे संबंधित मामलों में प्रशिक्षण देने वाला कोई विद्यालय या संस्थान, चाहे लाइसेंस के तहत हो या बिना लाइसेंस के, इस अधिनियम के तहत जारी लाइसेंस के बिना भी प्रारंभ होने की तिथि से एक माह तक ऐसा प्रशिक्षण देना जारी रख सकता है, और यदि उसने उक्त एक माह की अवधि के भीतर इस अधिनियम के तहत ऐसे लाइसेंस के लिए आवेदन किया है और ऐसा आवेदन निर्धारित प्रपत्र में है, उसमें निर्धारित विवरण शामिल हैं और उसके साथ निर्धारित शुल्क संलग्न है, तो लाइसेंसिंग प्राधिकारी द्वारा ऐसे आवेदन के निपटान तक वह प्रशिक्षण जारी रख सकता है।
1 [(5) किसी अन्य प्रावधान में निहित किसी बात के बावजूद, जहां किसी विद्यालय या प्रतिष्ठान को केंद्र सरकार द्वारा किसी अन्य कानून के तहत अधिसूचित निकाय द्वारा मान्यता प्राप्त है, तो कोई भी व्यक्ति जिसने ऐसे विद्यालय या प्रतिष्ठान में किसी विशेष प्रकार के मोटर वाहन को कवर करने वाला प्रशिक्षण मॉड्यूल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है, ऐसे मोटर वाहन के लिए ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने के लिए पात्र होगा।
(6) धारा 9 की उपधारा (5) में निर्दिष्ट प्रशिक्षण मॉड्यूल और उपधारा (5) में निर्दिष्ट उपचारात्मक चालक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम का पाठ्यक्रम ऐसा होगा जैसा केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किया जाए और सरकार ऐसे विद्यालयों या संस्थानों के विनियमन के लिए नियम बना सकती है।]
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