MV Act 41अध्याय IV · Registration of Motor Vehicles
धारा 41 · पंजीकरण कैसे करें।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) मोटर वाहन के स्वामी द्वारा या उसकी ओर से पंजीकरण हेतु आवेदन ऐसे प्रपत्र में होगा तथा उसके साथ ऐसे दस्तावेज, विवरण और जानकारी संलग्न होंगे तथा आवेदन ऐसी अवधि के भीतर किया जाएगा जैसा कि केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किया जाए:
बशर्ते कि यदि कोई मोटर वाहन एक से अधिक व्यक्तियों के संयुक्त स्वामित्व में है, तो आवेदन उनमें से किसी एक द्वारा सभी मालिकों की ओर से किया जाएगा और ऐसे आवेदक को इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए मोटर वाहन का मालिक माना जाएगा।
1. इसके अलावा, यदि कोई नया मोटर वाहन उसी राज्य में पंजीकृत किया जा रहा है जिसमें वह डीलर स्थित है, तो राज्य में पंजीकरण के लिए आवेदन उस मोटर वाहन के डीलर द्वारा किया जाएगा।
(2) उपधारा ( 1 ) में निर्दिष्ट आवेदन के साथ ऐसा शुल्क संलग्न किया जाएगा जैसा केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किया जाए।
(3) पंजीकरण प्राधिकारी 2 [मालिक के नाम पर पंजीकरण प्रमाणपत्र] ऐसे प्रपत्र में और ऐसे विवरण और सूचना सहित तथा ऐसे तरीके से जारी करेगा जैसा कि केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किया जाए।
(4) पंजीकरण प्रमाण पत्र में शामिल किए जाने वाले अन्य विवरणों के अतिरिक्त, इसमें मोटर वाहन का प्रकार भी निर्दिष्ट किया जाएगा, जो कि केंद्र सरकार द्वारा मोटर वाहन के डिजाइन, निर्माण और उपयोग को ध्यान में रखते हुए, आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा निर्दिष्ट किया जाएगा।
(5) पंजीकरण प्राधिकारी उपधारा ( 3 ) में निर्दिष्ट प्रमाण पत्र का विवरण ऐसे रजिस्टर में दर्ज करेगा जिसे केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित प्रारूप और तरीके से रखा जाएगा।
(6) पंजीकरण प्राधिकारी वाहन पर प्रदर्शित करने के लिए एक विशिष्ट चिह्न (इस अधिनियम में पंजीकरण चिह्न के रूप में संदर्भित) आवंटित करेगा, जिसमें उन अक्षरों के समूहों में से एक समूह होगा और उसके बाद ऐसे अक्षर और अंक होंगे जो केंद्र सरकार द्वारा समय-समय पर आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा राज्य को आवंटित किए जाते हैं, और मोटर वाहन पर केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित रूप और तरीके से प्रदर्शित किया जाएगा।
3. बशर्ते कि नए मोटर वाहन के मामले में, जिसके पंजीकरण के लिए आवेदन उपधारा ( 1 ) के दूसरे परंतुक के तहत किया गया है, ऐसे मोटर वाहन को मालिक को तब तक नहीं सौंपा जाएगा जब तक कि मोटर वाहन पर केंद्रीय सरकार द्वारा निर्धारित रूप और तरीके से पंजीकरण चिह्न प्रदर्शित न हो जाए।
(7) इस अधिनियम के प्रारंभ होने से पहले या बाद में, उपधारा ( 3 ) के तहत जारी किया गया पंजीकरण प्रमाणपत्र, किसी मोटर वाहन के संबंध में, 4 ***, इस अधिनियम में निहित प्रावधानों के अधीन रहते हुए, ऐसे प्रमाणपत्र जारी होने की तिथि से केवल पंद्रह वर्ष की अवधि के लिए वैध होगा 3 [या ऐसी अवधि के लिए जैसा केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किया जा सकता है] और नवीकरणीय होगा।
(8) मोटर वाहन के स्वामी द्वारा या उसकी ओर से पंजीकरण प्रमाण पत्र के नवीनीकरण हेतु आवेदन, 4 ***, ऐसी अवधि के भीतर तथा ऐसे प्रपत्र में किया जाएगा, जिसमें ऐसे विवरण और सूचनाएँ शामिल होंगी, जैसा कि केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किया जा सकता है।
(9) उपधारा ( 8 ) में निर्दिष्ट आवेदन के साथ ऐसा शुल्क संलग्न किया जाएगा जैसा केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किया जाए।
(10) धारा 56 के प्रावधानों के अधीन रहते हुए, पंजीकरण प्राधिकारी उपधारा ( 8 ) के अधीन आवेदन प्राप्त होने पर पंजीकरण प्रमाणपत्र का नवीनीकरण [केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित अवधि के लिए] कर सकता है और यदि वह मूल पंजीकरण प्राधिकारी नहीं है, तो मूल पंजीकरण प्राधिकारी को इसकी सूचना दे सकता है।
3. [बशर्ते कि केंद्र सरकार विभिन्न प्रकार के मोटर वाहनों के लिए नवीनीकरण की अलग-अलग अवधि निर्धारित कर सकती है।]
6 * * * * *
(14) पंजीकरण प्रमाणपत्र की प्रतिलिपि जारी करने के लिए आवेदन 7 [अंतिम पंजीकरण प्राधिकरण] को ऐसे प्रपत्र में, ऐसे विवरण और सूचना के साथ, ऐसे शुल्क सहित किया जाएगा जैसा कि केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किया जा सकता है। राज्य संशोधन
राजस्थान
केंद्रीय अधिनियम 59, 1988 की धारा 41 में संशोधन.— मोटर वाहन अधिनियम, 1988 (केंद्रीय अधिनियम 59, 1988) की धारा 41 में,-
(क) उपधारा (7) और (8) में, “परिवहन वाहन के अलावा” अभिव्यक्ति को हटा दिया जाएगा;
(ख) इस प्रकार संशोधित उपधारा (7) के स्थान पर निम्नलिखित परंतुक जोड़ा जाएगा, अर्थात्:-
बशर्ते कि परिवहन वाहनों के मामले में, राज्य सरकार अधिनियम की धारा 59 के तहत निर्धारित आयु सीमा (यदि कोई हो) के अधीन रहते हुए, निर्धारित तरीके से परिवहन वाहनों का पुनः पंजीकरण कराने की आवश्यकता कर सकती है; और
(ग) उपधारा (10) में “पांच वर्ष की अवधि के लिए” शब्दों के पश्चात तथा “और सूचित करें” शब्दों से पूर्व, “राज्य सरकार द्वारा लगाए गए सभी करों, दंडों और ब्याज, यदि कोई हो, के भुगतान पर” अभिव्यक्ति जोड़ी जाएगी।
[राजस्थान अधिनियम 1 ऑफ 2002, धारा 2 देखें ।]
बशर्ते कि यदि कोई मोटर वाहन एक से अधिक व्यक्तियों के संयुक्त स्वामित्व में है, तो आवेदन उनमें से किसी एक द्वारा सभी मालिकों की ओर से किया जाएगा और ऐसे आवेदक को इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए मोटर वाहन का मालिक माना जाएगा।
1. इसके अलावा, यदि कोई नया मोटर वाहन उसी राज्य में पंजीकृत किया जा रहा है जिसमें वह डीलर स्थित है, तो राज्य में पंजीकरण के लिए आवेदन उस मोटर वाहन के डीलर द्वारा किया जाएगा।
(2) उपधारा ( 1 ) में निर्दिष्ट आवेदन के साथ ऐसा शुल्क संलग्न किया जाएगा जैसा केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किया जाए।
(3) पंजीकरण प्राधिकारी 2 [मालिक के नाम पर पंजीकरण प्रमाणपत्र] ऐसे प्रपत्र में और ऐसे विवरण और सूचना सहित तथा ऐसे तरीके से जारी करेगा जैसा कि केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किया जाए।
(4) पंजीकरण प्रमाण पत्र में शामिल किए जाने वाले अन्य विवरणों के अतिरिक्त, इसमें मोटर वाहन का प्रकार भी निर्दिष्ट किया जाएगा, जो कि केंद्र सरकार द्वारा मोटर वाहन के डिजाइन, निर्माण और उपयोग को ध्यान में रखते हुए, आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा निर्दिष्ट किया जाएगा।
(5) पंजीकरण प्राधिकारी उपधारा ( 3 ) में निर्दिष्ट प्रमाण पत्र का विवरण ऐसे रजिस्टर में दर्ज करेगा जिसे केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित प्रारूप और तरीके से रखा जाएगा।
(6) पंजीकरण प्राधिकारी वाहन पर प्रदर्शित करने के लिए एक विशिष्ट चिह्न (इस अधिनियम में पंजीकरण चिह्न के रूप में संदर्भित) आवंटित करेगा, जिसमें उन अक्षरों के समूहों में से एक समूह होगा और उसके बाद ऐसे अक्षर और अंक होंगे जो केंद्र सरकार द्वारा समय-समय पर आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा राज्य को आवंटित किए जाते हैं, और मोटर वाहन पर केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित रूप और तरीके से प्रदर्शित किया जाएगा।
3. बशर्ते कि नए मोटर वाहन के मामले में, जिसके पंजीकरण के लिए आवेदन उपधारा ( 1 ) के दूसरे परंतुक के तहत किया गया है, ऐसे मोटर वाहन को मालिक को तब तक नहीं सौंपा जाएगा जब तक कि मोटर वाहन पर केंद्रीय सरकार द्वारा निर्धारित रूप और तरीके से पंजीकरण चिह्न प्रदर्शित न हो जाए।
(7) इस अधिनियम के प्रारंभ होने से पहले या बाद में, उपधारा ( 3 ) के तहत जारी किया गया पंजीकरण प्रमाणपत्र, किसी मोटर वाहन के संबंध में, 4 ***, इस अधिनियम में निहित प्रावधानों के अधीन रहते हुए, ऐसे प्रमाणपत्र जारी होने की तिथि से केवल पंद्रह वर्ष की अवधि के लिए वैध होगा 3 [या ऐसी अवधि के लिए जैसा केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किया जा सकता है] और नवीकरणीय होगा।
(8) मोटर वाहन के स्वामी द्वारा या उसकी ओर से पंजीकरण प्रमाण पत्र के नवीनीकरण हेतु आवेदन, 4 ***, ऐसी अवधि के भीतर तथा ऐसे प्रपत्र में किया जाएगा, जिसमें ऐसे विवरण और सूचनाएँ शामिल होंगी, जैसा कि केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किया जा सकता है।
(9) उपधारा ( 8 ) में निर्दिष्ट आवेदन के साथ ऐसा शुल्क संलग्न किया जाएगा जैसा केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किया जाए।
(10) धारा 56 के प्रावधानों के अधीन रहते हुए, पंजीकरण प्राधिकारी उपधारा ( 8 ) के अधीन आवेदन प्राप्त होने पर पंजीकरण प्रमाणपत्र का नवीनीकरण [केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित अवधि के लिए] कर सकता है और यदि वह मूल पंजीकरण प्राधिकारी नहीं है, तो मूल पंजीकरण प्राधिकारी को इसकी सूचना दे सकता है।
3. [बशर्ते कि केंद्र सरकार विभिन्न प्रकार के मोटर वाहनों के लिए नवीनीकरण की अलग-अलग अवधि निर्धारित कर सकती है।]
6 * * * * *
(14) पंजीकरण प्रमाणपत्र की प्रतिलिपि जारी करने के लिए आवेदन 7 [अंतिम पंजीकरण प्राधिकरण] को ऐसे प्रपत्र में, ऐसे विवरण और सूचना के साथ, ऐसे शुल्क सहित किया जाएगा जैसा कि केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किया जा सकता है। राज्य संशोधन
राजस्थान
केंद्रीय अधिनियम 59, 1988 की धारा 41 में संशोधन.— मोटर वाहन अधिनियम, 1988 (केंद्रीय अधिनियम 59, 1988) की धारा 41 में,-
(क) उपधारा (7) और (8) में, “परिवहन वाहन के अलावा” अभिव्यक्ति को हटा दिया जाएगा;
(ख) इस प्रकार संशोधित उपधारा (7) के स्थान पर निम्नलिखित परंतुक जोड़ा जाएगा, अर्थात्:-
बशर्ते कि परिवहन वाहनों के मामले में, राज्य सरकार अधिनियम की धारा 59 के तहत निर्धारित आयु सीमा (यदि कोई हो) के अधीन रहते हुए, निर्धारित तरीके से परिवहन वाहनों का पुनः पंजीकरण कराने की आवश्यकता कर सकती है; और
(ग) उपधारा (10) में “पांच वर्ष की अवधि के लिए” शब्दों के पश्चात तथा “और सूचित करें” शब्दों से पूर्व, “राज्य सरकार द्वारा लगाए गए सभी करों, दंडों और ब्याज, यदि कोई हो, के भुगतान पर” अभिव्यक्ति जोड़ी जाएगी।
[राजस्थान अधिनियम 1 ऑफ 2002, धारा 2 देखें ।]
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