MV Act 161अध्याय XI · Insurance of Motor Vehicles Against Third Party Risks
धारा 161 · हिट एंड रन मोटर दुर्घटना की स्थिति में मुआवजे संबंधी विशेष प्रावधान।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
1. [हिट एंड रन मोटर दुर्घटना के मामले में मुआवजे के संबंध में विशेष प्रावधान। -- (1) किसी अन्य कानून में, जो उस समय लागू हो या किसी ऐसे उपकरण में, जिसका कानून का बल हो, किसी भी बात के होते हुए भी, केंद्र सरकार इस अधिनियम के प्रावधानों और उप-धारा (3) के तहत बनाई गई योजना के अनुसार, हिट एंड रन मोटर दुर्घटनाओं के परिणामस्वरूप व्यक्तियों की मृत्यु या गंभीर चोट के संबंध में मुआवजे का भुगतान करने का प्रावधान करेगी।
(2) इस अधिनियम के प्रावधानों और उपधारा (3) के अधीन बनाई गई योजना के अधीन रहते हुए, मुआवजे के रूप में भुगतान किया जाएगा,--
(क) हिट एंड रन मोटर दुर्घटना के परिणामस्वरूप किसी व्यक्ति की मृत्यु के संबंध में, दो लाख रुपये की निश्चित राशि या केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित की जाने वाली ऐसी उच्च राशि;
(ख) हिट एंड रन मोटर दुर्घटना के परिणामस्वरूप किसी व्यक्ति को गंभीर चोट लगने की स्थिति में, पचास हजार रुपये की निश्चित राशि या केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित की जाने वाली ऐसी उच्च राशि।
(3) केंद्र सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, एक योजना बना सकती है जिसमें यह निर्दिष्ट किया जाएगा कि केंद्र सरकार या सामान्य बीमा परिषद द्वारा योजना का प्रशासन किस प्रकार किया जाएगा, मुआवजे के लिए आवेदन किस प्रपत्र, तरीके और समय सीमा के भीतर किए जा सकते हैं, वे अधिकारी या प्राधिकरण जिन्हें ऐसे आवेदन किए जा सकते हैं, ऐसे अधिकारियों या प्राधिकरणों द्वारा ऐसे आवेदनों पर विचार करने और आदेश पारित करने के लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रिया, और योजना के प्रशासन और इस धारा के तहत मुआवजे के भुगतान से संबंधित या उससे जुड़े अन्य सभी मामले।
(4) उपधारा (3) के अंतर्गत बनाई गई योजना में यह प्रावधान हो सकता है कि,--
(क) केंद्र सरकार द्वारा ऐसी योजना के अंतर्गत किसी दावेदार को अंतरिम राहत के रूप में निर्धारित राशि का भुगतान;
(ख) इसके किसी प्रावधान का उल्लंघन दो वर्ष तक के कारावास या पच्चीस हजार रुपये से कम नहीं बल्कि पांच लाख रुपये तक के जुर्माने या दोनों से दंडनीय होगा;
(ग) ऐसी योजना द्वारा किसी अधिकारी या प्राधिकरण को प्रदत्त या आरोपित शक्तियां, कार्य या कर्तव्य, केंद्र सरकार की पूर्व लिखित स्वीकृति से, ऐसे अधिकारी या प्राधिकरण द्वारा किसी अन्य अधिकारी या प्राधिकरण को प्रत्यायोजित किए जा सकते हैं।]
(2) इस अधिनियम के प्रावधानों और उपधारा (3) के अधीन बनाई गई योजना के अधीन रहते हुए, मुआवजे के रूप में भुगतान किया जाएगा,--
(क) हिट एंड रन मोटर दुर्घटना के परिणामस्वरूप किसी व्यक्ति की मृत्यु के संबंध में, दो लाख रुपये की निश्चित राशि या केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित की जाने वाली ऐसी उच्च राशि;
(ख) हिट एंड रन मोटर दुर्घटना के परिणामस्वरूप किसी व्यक्ति को गंभीर चोट लगने की स्थिति में, पचास हजार रुपये की निश्चित राशि या केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित की जाने वाली ऐसी उच्च राशि।
(3) केंद्र सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, एक योजना बना सकती है जिसमें यह निर्दिष्ट किया जाएगा कि केंद्र सरकार या सामान्य बीमा परिषद द्वारा योजना का प्रशासन किस प्रकार किया जाएगा, मुआवजे के लिए आवेदन किस प्रपत्र, तरीके और समय सीमा के भीतर किए जा सकते हैं, वे अधिकारी या प्राधिकरण जिन्हें ऐसे आवेदन किए जा सकते हैं, ऐसे अधिकारियों या प्राधिकरणों द्वारा ऐसे आवेदनों पर विचार करने और आदेश पारित करने के लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रिया, और योजना के प्रशासन और इस धारा के तहत मुआवजे के भुगतान से संबंधित या उससे जुड़े अन्य सभी मामले।
(4) उपधारा (3) के अंतर्गत बनाई गई योजना में यह प्रावधान हो सकता है कि,--
(क) केंद्र सरकार द्वारा ऐसी योजना के अंतर्गत किसी दावेदार को अंतरिम राहत के रूप में निर्धारित राशि का भुगतान;
(ख) इसके किसी प्रावधान का उल्लंघन दो वर्ष तक के कारावास या पच्चीस हजार रुपये से कम नहीं बल्कि पांच लाख रुपये तक के जुर्माने या दोनों से दंडनीय होगा;
(ग) ऐसी योजना द्वारा किसी अधिकारी या प्राधिकरण को प्रदत्त या आरोपित शक्तियां, कार्य या कर्तव्य, केंद्र सरकार की पूर्व लिखित स्वीकृति से, ऐसे अधिकारी या प्राधिकरण द्वारा किसी अन्य अधिकारी या प्राधिकरण को प्रत्यायोजित किए जा सकते हैं।]
अपराध एक नज़र में
- अधिकतम दंड
- 2 वर्ष
- जुर्माना
- ₹5,00,000
- संज्ञेय
- असंज्ञेय
- जमानतीय
- जमानतीय
- विचारण न्यायालय
- कोई भी मजिस्ट्रेट
- असंज्ञेय — पुलिस बिना मजिस्ट्रेट की अनुमति के जाँच नहीं कर सकती
- जमानतीय — जमानत आपका अधिकार है — थाने से भी मिल सकती है
प्रथम अनुसूची भाग II के नियम से निकाला गया — धारावार सूचीबद्ध नहीं
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