RPD Act 87अध्याय XIV · National Fund for Persons with Disabilities
धारा 87 · लेखा एवं लेखापरीक्षा।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) केंद्र सरकार उचित खाते और अन्य प्रासंगिक अभिलेख रखेगी तथा निधि का वार्षिक लेखा-विवरण तैयार करेगी जिसमें आय एवं व्यय खाते शामिल होंगे, ऐसे प्रारूप में जैसा भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक के परामर्श से निर्धारित किया जाएगा।
(2) निधि के खातों का लेखापरीक्षा भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक द्वारा ऐसे अंतरालों पर की जाएगी जैसा कि उनके द्वारा निर्दिष्ट किया जाए और ऐसी लेखापरीक्षा के संबंध में उनके द्वारा किया गया कोई भी व्यय निधि से भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक को देय होगा।
(3) भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक और उनके द्वारा निधि के खातों के लेखापरीक्षा के संबंध में नियुक्त किसी अन्य व्यक्ति को ऐसी लेखापरीक्षा के संबंध में वही अधिकार, विशेषाधिकार एवं प्राधिकार प्राप्त होंगे जो भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक को सामान्यतः सरकारी खातों की लेखापरीक्षा के संबंध में प्राप्त होते हैं, और विशेष रूप से, उन्हें लेखा-पुस्तकों, संबंधित वाउचरों और अन्य दस्तावेजों एवं कागजातों को प्रस्तुत करने की मांग करने और निधि के किसी भी कार्यालय का निरीक्षण करने का अधिकार होगा।
(4) भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक या उनके द्वारा इस संबंध में नियुक्त किसी अन्य व्यक्ति द्वारा प्रमाणित निधि के खाते, साथ ही उस पर लेखापरीक्षा रिपोर्ट, केंद्र सरकार द्वारा संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष रखी जाएगी।
(2) निधि के खातों का लेखापरीक्षा भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक द्वारा ऐसे अंतरालों पर की जाएगी जैसा कि उनके द्वारा निर्दिष्ट किया जाए और ऐसी लेखापरीक्षा के संबंध में उनके द्वारा किया गया कोई भी व्यय निधि से भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक को देय होगा।
(3) भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक और उनके द्वारा निधि के खातों के लेखापरीक्षा के संबंध में नियुक्त किसी अन्य व्यक्ति को ऐसी लेखापरीक्षा के संबंध में वही अधिकार, विशेषाधिकार एवं प्राधिकार प्राप्त होंगे जो भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक को सामान्यतः सरकारी खातों की लेखापरीक्षा के संबंध में प्राप्त होते हैं, और विशेष रूप से, उन्हें लेखा-पुस्तकों, संबंधित वाउचरों और अन्य दस्तावेजों एवं कागजातों को प्रस्तुत करने की मांग करने और निधि के किसी भी कार्यालय का निरीक्षण करने का अधिकार होगा।
(4) भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक या उनके द्वारा इस संबंध में नियुक्त किसी अन्य व्यक्ति द्वारा प्रमाणित निधि के खाते, साथ ही उस पर लेखापरीक्षा रिपोर्ट, केंद्र सरकार द्वारा संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष रखी जाएगी।
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