RPD Act 75अध्याय XII · Chief Commissioner and State Commissioner for Persons with Disabilities
धारा 75 · मुख्य आयुक्त के कार्य।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) मुख्य आयुक्त करेगा---
(क) स्वतः संज्ञान से या अन्यथा, किसी भी कानून या नीति, कार्यक्रम और प्रक्रियाओं के उन प्रावधानों की पहचान करना, जो इस अधिनियम के साथ असंगत हैं और आवश्यक सुधारात्मक कदम सुझाना;
(ख) केंद्र सरकार द्वारा उपयुक्त सरकार के रूप में गठित मामलों के संबंध में विकलांग व्यक्तियों के अधिकारों और उन्हें उपलब्ध सुरक्षा उपायों के हनन की स्वतः या अन्यथा जांच करना और सुधारात्मक कार्रवाई के लिए उपयुक्त अधिकारियों के समक्ष मामला उठाना;
(ग) इस अधिनियम या किसी अन्य कानून के तहत विकलांग व्यक्तियों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए प्रदान किए गए सुरक्षा उपायों की समीक्षा करना और उनके प्रभावी कार्यान्वयन के लिए उपायों की सिफारिश करना;
(घ) विकलांग व्यक्तियों के अधिकारों के उपभोग में बाधा डालने वाले कारकों की समीक्षा करना और उचित उपचारात्मक उपायों की सिफारिश करना;
(ई) विकलांग व्यक्तियों के अधिकारों से संबंधित संधियों और अन्य अंतरराष्ट्रीय उपकरणों का अध्ययन करना और उनके प्रभावी कार्यान्वयन के लिए सिफारिशें करना;
(f) विकलांग व्यक्तियों के अधिकारों के क्षेत्र में अनुसंधान करना और उसे बढ़ावा देना;
(जी) विकलांग व्यक्तियों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा के लिए उपलब्ध सुरक्षा उपायों के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देना;
(h) इस अधिनियम के प्रावधानों और विकलांग व्यक्तियों के लिए बनाई गई योजनाओं, कार्यक्रमों के कार्यान्वयन की निगरानी करना;
(i) केंद्र सरकार द्वारा विकलांग व्यक्तियों के लाभ के लिए वितरित निधियों के उपयोग की निगरानी करना; और
(j) ऐसे अन्य कार्य करना जो केंद्र सरकार द्वारा सौंपे जाएं।
(2) मुख्य आयुक्त इस अधिनियम के अधीन अपने कार्यों का निर्वहन करते समय किसी भी मामले पर आयुक्तों से परामर्श करेगा।
(क) स्वतः संज्ञान से या अन्यथा, किसी भी कानून या नीति, कार्यक्रम और प्रक्रियाओं के उन प्रावधानों की पहचान करना, जो इस अधिनियम के साथ असंगत हैं और आवश्यक सुधारात्मक कदम सुझाना;
(ख) केंद्र सरकार द्वारा उपयुक्त सरकार के रूप में गठित मामलों के संबंध में विकलांग व्यक्तियों के अधिकारों और उन्हें उपलब्ध सुरक्षा उपायों के हनन की स्वतः या अन्यथा जांच करना और सुधारात्मक कार्रवाई के लिए उपयुक्त अधिकारियों के समक्ष मामला उठाना;
(ग) इस अधिनियम या किसी अन्य कानून के तहत विकलांग व्यक्तियों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए प्रदान किए गए सुरक्षा उपायों की समीक्षा करना और उनके प्रभावी कार्यान्वयन के लिए उपायों की सिफारिश करना;
(घ) विकलांग व्यक्तियों के अधिकारों के उपभोग में बाधा डालने वाले कारकों की समीक्षा करना और उचित उपचारात्मक उपायों की सिफारिश करना;
(ई) विकलांग व्यक्तियों के अधिकारों से संबंधित संधियों और अन्य अंतरराष्ट्रीय उपकरणों का अध्ययन करना और उनके प्रभावी कार्यान्वयन के लिए सिफारिशें करना;
(f) विकलांग व्यक्तियों के अधिकारों के क्षेत्र में अनुसंधान करना और उसे बढ़ावा देना;
(जी) विकलांग व्यक्तियों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा के लिए उपलब्ध सुरक्षा उपायों के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देना;
(h) इस अधिनियम के प्रावधानों और विकलांग व्यक्तियों के लिए बनाई गई योजनाओं, कार्यक्रमों के कार्यान्वयन की निगरानी करना;
(i) केंद्र सरकार द्वारा विकलांग व्यक्तियों के लाभ के लिए वितरित निधियों के उपयोग की निगरानी करना; और
(j) ऐसे अन्य कार्य करना जो केंद्र सरकार द्वारा सौंपे जाएं।
(2) मुख्य आयुक्त इस अधिनियम के अधीन अपने कार्यों का निर्वहन करते समय किसी भी मामले पर आयुक्तों से परामर्श करेगा।
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