RPD Act 52अध्याय IX · Registration of Institutions for Persons with Disabilities and Grants to Such Institutions
धारा 52 · पंजीकरण रद्द करना।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) सक्षम प्राधिकारी, यदि उसे यह विश्वास करने का कारण हो कि धारा 51 की उपधारा (2) के अंतर्गत प्रदत्त पंजीकरण प्रमाण पत्र के धारक ने,—
(क) प्रमाण पत्र जारी करने या नवीनीकरण के लिए किसी आवेदन के संबंध में ऐसा बयान दिया हो जो महत्वपूर्ण विवरणों में गलत या झूठा हो; या
(ख) नियमों या उन शर्तों का उल्लंघन किया हो या करवाया हो जिनके अधीन प्रमाण पत्र प्रदान किया गया था।
यह उचित समझे जाने वाली जांच करने के बाद, आदेश द्वारा प्रमाण पत्र रद्द कर सकता है:
बशर्ते कि ऐसा कोई आदेश तब तक नहीं दिया जाएगा जब तक कि प्रमाण पत्र धारक को यह बताने का अवसर न दिया जाए कि पंजीकरण प्रमाण पत्र रद्द क्यों नहीं किया जाना चाहिए।
(2) यदि किसी संस्था के संबंध में पंजीकरण प्रमाणपत्र उप-धारा (1) के अधीन निरस्त कर दिया गया है, तो ऐसी संस्था निरस्तीकरण की तिथि से कार्य करना बंद कर देगी:
बशर्ते कि जहां निरस्तीकरण के आदेश के विरुद्ध धारा 53 के तहत अपील की जा सकती है, वहां ऐसी संस्था का कार्य बंद हो जाएगा,—
(क) जहां ऐसी अपील दाखिल करने के लिए निर्धारित अवधि की समाप्ति पर तुरंत कोई अपील दाखिल नहीं की गई हो; या
(ख) जहां ऐसी अपील दायर की गई है, लेकिन निरस्तीकरण का आदेश बरकरार रखा गया है, अपील के आदेश की तारीख से।
(3) किसी संस्था के संबंध में पंजीकरण प्रमाण पत्र रद्द किए जाने पर, सक्षम प्राधिकारी यह निर्देश दे सकता है कि कोई भी विकलांग व्यक्ति जो रद्द किए जाने की तिथि को ऐसी संस्था का निवासी है, वह निम्नलिखित होगा:
(क) उसे उसके माता-पिता, पति/पत्नी या वैध अभिभावक की हिरासत में वापस सौंप दिया गया हो, जैसा भी मामला हो; या
(ख) सक्षम प्राधिकारी द्वारा निर्दिष्ट किसी अन्य संस्था में स्थानांतरित किया जा सकता है।
(4) प्रत्येक संस्था जिसके पास पंजीकरण प्रमाणपत्र है और जिसे इस धारा के तहत निरस्त किया गया है, वह निरस्तीकरण के तुरंत बाद ऐसा प्रमाणपत्र सक्षम प्राधिकारी को सौंप देगी।
(क) प्रमाण पत्र जारी करने या नवीनीकरण के लिए किसी आवेदन के संबंध में ऐसा बयान दिया हो जो महत्वपूर्ण विवरणों में गलत या झूठा हो; या
(ख) नियमों या उन शर्तों का उल्लंघन किया हो या करवाया हो जिनके अधीन प्रमाण पत्र प्रदान किया गया था।
यह उचित समझे जाने वाली जांच करने के बाद, आदेश द्वारा प्रमाण पत्र रद्द कर सकता है:
बशर्ते कि ऐसा कोई आदेश तब तक नहीं दिया जाएगा जब तक कि प्रमाण पत्र धारक को यह बताने का अवसर न दिया जाए कि पंजीकरण प्रमाण पत्र रद्द क्यों नहीं किया जाना चाहिए।
(2) यदि किसी संस्था के संबंध में पंजीकरण प्रमाणपत्र उप-धारा (1) के अधीन निरस्त कर दिया गया है, तो ऐसी संस्था निरस्तीकरण की तिथि से कार्य करना बंद कर देगी:
बशर्ते कि जहां निरस्तीकरण के आदेश के विरुद्ध धारा 53 के तहत अपील की जा सकती है, वहां ऐसी संस्था का कार्य बंद हो जाएगा,—
(क) जहां ऐसी अपील दाखिल करने के लिए निर्धारित अवधि की समाप्ति पर तुरंत कोई अपील दाखिल नहीं की गई हो; या
(ख) जहां ऐसी अपील दायर की गई है, लेकिन निरस्तीकरण का आदेश बरकरार रखा गया है, अपील के आदेश की तारीख से।
(3) किसी संस्था के संबंध में पंजीकरण प्रमाण पत्र रद्द किए जाने पर, सक्षम प्राधिकारी यह निर्देश दे सकता है कि कोई भी विकलांग व्यक्ति जो रद्द किए जाने की तिथि को ऐसी संस्था का निवासी है, वह निम्नलिखित होगा:
(क) उसे उसके माता-पिता, पति/पत्नी या वैध अभिभावक की हिरासत में वापस सौंप दिया गया हो, जैसा भी मामला हो; या
(ख) सक्षम प्राधिकारी द्वारा निर्दिष्ट किसी अन्य संस्था में स्थानांतरित किया जा सकता है।
(4) प्रत्येक संस्था जिसके पास पंजीकरण प्रमाणपत्र है और जिसे इस धारा के तहत निरस्त किया गया है, वह निरस्तीकरण के तुरंत बाद ऐसा प्रमाणपत्र सक्षम प्राधिकारी को सौंप देगी।
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