RPD Act 7अध्याय II · Rights and Entitlements
धारा 7 · दुर्व्यवहार, हिंसा और शोषण से सुरक्षा।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) उपयुक्त सरकार विकलांग व्यक्तियों को सभी प्रकार के दुर्व्यवहार, हिंसा और शोषण से बचाने और उन्हें रोकने के लिए उपाय करेगी, और वह---
(क) दुर्व्यवहार, हिंसा और शोषण की घटनाओं का संज्ञान लेना और ऐसी घटनाओं के खिलाफ उपलब्ध कानूनी उपाय प्रदान करना;
(ख) ऐसी घटनाओं से बचने के लिए कदम उठाना और इसकी रिपोर्टिंग के लिए प्रक्रिया निर्धारित करना;
(ग) ऐसी घटनाओं के पीड़ितों को बचाने, उनकी रक्षा करने और उनका पुनर्वास करने के लिए कदम उठाना; और
(घ) जनता में जागरूकता पैदा करना और सूचना उपलब्ध कराना।
(2) कोई भी व्यक्ति या पंजीकृत संगठन, जिसके पास यह मानने का कारण हो कि किसी विकलांग व्यक्ति के विरुद्ध दुर्व्यवहार, हिंसा या शोषण का कोई कृत्य किया गया है, किया जा रहा है, या किए जाने की संभावना है, तो वह उस कार्यकारी मजिस्ट्रेट को इसकी सूचना दे सकता है जिसके अधिकार क्षेत्र की स्थानीय सीमा के भीतर ऐसी घटनाएँ घटित होती हैं।
(3) कार्यकारी मजिस्ट्रेट ऐसी सूचना प्राप्त होने पर, मामले के अनुसार, इसकी घटना को रोकने या निवारण करने के लिए तत्काल कदम उठाएगा, या विकलांग व्यक्ति की सुरक्षा के लिए ऐसा आदेश पारित करेगा जिसे वह उचित समझे, जिसमें एक आदेश भी शामिल है---
(क) ऐसे कृत्य के पीड़ित को बचाने के लिए, पुलिस या विकलांग व्यक्तियों के लिए काम करने वाले किसी संगठन को ऐसे व्यक्ति की सुरक्षित हिरासत या पुनर्वास, या दोनों, जैसा भी मामला हो, प्रदान करने के लिए अधिकृत करना;
(ख) विकलांग व्यक्ति को सुरक्षात्मक हिरासत प्रदान करने के लिए, यदि ऐसा व्यक्ति ऐसा चाहता हो;
(ग) ऐसे विकलांग व्यक्ति को भरण-पोषण प्रदान करना।
(4) कोई भी पुलिस अधिकारी जिसे किसी विकलांग व्यक्ति के प्रति दुर्व्यवहार, हिंसा या शोषण की शिकायत प्राप्त होती है या अन्यथा इसकी जानकारी मिलती है, वह पीड़ित व्यक्ति को सूचित करेगा---
(क) उपधारा (2) के अधीन संरक्षण हेतु आवेदन करने का उसका अधिकार तथा सहायता प्रदान करने का अधिकार क्षेत्र रखने वाले कार्यकारी मजिस्ट्रेट का विवरण;
(ख) विकलांग व्यक्तियों के पुनर्वास के लिए कार्यरत निकटतम संगठन या संस्था का विवरण;
(ग) निशुल्क कानूनी सहायता का अधिकार; और
(घ) इस अधिनियम या ऐसे अपराध से संबंधित किसी अन्य कानून के प्रावधानों के तहत शिकायत दर्ज करने का अधिकार:
बशर्ते कि इस धारा में किसी भी बात का यह अर्थ नहीं लगाया जाएगा कि संज्ञेय अपराध के घटित होने की सूचना प्राप्त होने पर पुलिस अधिकारी को कानून के अनुसार कार्यवाही करने के अपने कर्तव्य से मुक्ति मिल जाए।
(5) यदि कार्यपालिका मजिस्ट्रेट को यह प्रतीत होता है कि कथित कृत्य या व्यवहार भारतीय दंड संहिता (45 ऑफ 1860) या उस समय लागू किसी अन्य कानून के तहत अपराध है, तो वह इस संबंध में शिकायत को न्यायिक या महानगर मजिस्ट्रेट को, जैसा भी मामला हो, उस मामले में अधिकार क्षेत्र रखने वाले मजिस्ट्रेट को अग्रेषित कर सकता है।
(क) दुर्व्यवहार, हिंसा और शोषण की घटनाओं का संज्ञान लेना और ऐसी घटनाओं के खिलाफ उपलब्ध कानूनी उपाय प्रदान करना;
(ख) ऐसी घटनाओं से बचने के लिए कदम उठाना और इसकी रिपोर्टिंग के लिए प्रक्रिया निर्धारित करना;
(ग) ऐसी घटनाओं के पीड़ितों को बचाने, उनकी रक्षा करने और उनका पुनर्वास करने के लिए कदम उठाना; और
(घ) जनता में जागरूकता पैदा करना और सूचना उपलब्ध कराना।
(2) कोई भी व्यक्ति या पंजीकृत संगठन, जिसके पास यह मानने का कारण हो कि किसी विकलांग व्यक्ति के विरुद्ध दुर्व्यवहार, हिंसा या शोषण का कोई कृत्य किया गया है, किया जा रहा है, या किए जाने की संभावना है, तो वह उस कार्यकारी मजिस्ट्रेट को इसकी सूचना दे सकता है जिसके अधिकार क्षेत्र की स्थानीय सीमा के भीतर ऐसी घटनाएँ घटित होती हैं।
(3) कार्यकारी मजिस्ट्रेट ऐसी सूचना प्राप्त होने पर, मामले के अनुसार, इसकी घटना को रोकने या निवारण करने के लिए तत्काल कदम उठाएगा, या विकलांग व्यक्ति की सुरक्षा के लिए ऐसा आदेश पारित करेगा जिसे वह उचित समझे, जिसमें एक आदेश भी शामिल है---
(क) ऐसे कृत्य के पीड़ित को बचाने के लिए, पुलिस या विकलांग व्यक्तियों के लिए काम करने वाले किसी संगठन को ऐसे व्यक्ति की सुरक्षित हिरासत या पुनर्वास, या दोनों, जैसा भी मामला हो, प्रदान करने के लिए अधिकृत करना;
(ख) विकलांग व्यक्ति को सुरक्षात्मक हिरासत प्रदान करने के लिए, यदि ऐसा व्यक्ति ऐसा चाहता हो;
(ग) ऐसे विकलांग व्यक्ति को भरण-पोषण प्रदान करना।
(4) कोई भी पुलिस अधिकारी जिसे किसी विकलांग व्यक्ति के प्रति दुर्व्यवहार, हिंसा या शोषण की शिकायत प्राप्त होती है या अन्यथा इसकी जानकारी मिलती है, वह पीड़ित व्यक्ति को सूचित करेगा---
(क) उपधारा (2) के अधीन संरक्षण हेतु आवेदन करने का उसका अधिकार तथा सहायता प्रदान करने का अधिकार क्षेत्र रखने वाले कार्यकारी मजिस्ट्रेट का विवरण;
(ख) विकलांग व्यक्तियों के पुनर्वास के लिए कार्यरत निकटतम संगठन या संस्था का विवरण;
(ग) निशुल्क कानूनी सहायता का अधिकार; और
(घ) इस अधिनियम या ऐसे अपराध से संबंधित किसी अन्य कानून के प्रावधानों के तहत शिकायत दर्ज करने का अधिकार:
बशर्ते कि इस धारा में किसी भी बात का यह अर्थ नहीं लगाया जाएगा कि संज्ञेय अपराध के घटित होने की सूचना प्राप्त होने पर पुलिस अधिकारी को कानून के अनुसार कार्यवाही करने के अपने कर्तव्य से मुक्ति मिल जाए।
(5) यदि कार्यपालिका मजिस्ट्रेट को यह प्रतीत होता है कि कथित कृत्य या व्यवहार भारतीय दंड संहिता (45 ऑफ 1860) या उस समय लागू किसी अन्य कानून के तहत अपराध है, तो वह इस संबंध में शिकायत को न्यायिक या महानगर मजिस्ट्रेट को, जैसा भी मामला हो, उस मामले में अधिकार क्षेत्र रखने वाले मजिस्ट्रेट को अग्रेषित कर सकता है।
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