RPD Act 2अध्याय I · Preliminary
धारा 2 · परिभाषाएँ।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
इस अधिनियम में, जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,---
(क) "अपीलीय प्राधिकारी" से तात्पर्य धारा 14 की उपधारा (3) या धारा 53 की उपधारा (1) के तहत अधिसूचित प्राधिकारी या धारा 59 की उपधारा (1) के तहत नामित प्राधिकारी से है, जैसा भी मामला हो;
(ख) "उपयुक्त सरकार" से तात्पर्य है,---
(i) केंद्र सरकार या उस सरकार द्वारा पूर्णतः या पर्याप्त रूप से वित्तपोषित किसी प्रतिष्ठान, या छावनी अधिनियम, 2006 (41 ऑफ 2006) के तहत गठित छावनी बोर्ड के संबंध में, केंद्र सरकार;
(ii) राज्य सरकार या उस सरकार द्वारा पूर्णतः या पर्याप्त रूप से वित्तपोषित किसी प्रतिष्ठान या छावनी बोर्ड के अलावा किसी स्थानीय प्राधिकरण के संबंध में, राज्य सरकार।
(ग) "बाधा" से तात्पर्य संचार, सांस्कृतिक, आर्थिक, पर्यावरणीय, संस्थागत, राजनीतिक, सामाजिक, दृष्टिकोण संबंधी या संरचनात्मक कारकों सहित किसी भी ऐसे कारक से है जो विकलांग व्यक्तियों की समाज में पूर्ण और प्रभावी भागीदारी में बाधा डालता है;
(घ) "देखभालकर्ता" से तात्पर्य किसी भी ऐसे व्यक्ति से है, जिसमें माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्य शामिल हैं, जो भुगतान सहित या बिना भुगतान के किसी विकलांग व्यक्ति को देखभाल, सहायता या सहयोग प्रदान करता है;
(ई) "प्रमाणन प्राधिकारी" से तात्पर्य धारा 57 की उपधारा (1) के अधीन नामित प्राधिकारी से है;
(f) "संचार" में संचार के साधन और प्रारूप, भाषाएँ, पाठ का प्रदर्शन, ब्रेल, स्पर्श संचार, संकेत, बड़े अक्षरों में छपाई, सुलभ मल्टीमीडिया, लिखित, ऑडियो, वीडियो, दृश्य प्रदर्शन, सांकेतिक भाषा, सरल भाषा, मानव-पाठक, संवर्धित और वैकल्पिक तरीके और सुलभ सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी शामिल हैं;
(जी) "सक्षम प्राधिकारी" से तात्पर्य धारा 49 के अधीन नियुक्त प्राधिकारी से है;
(h) विकलांगता के संबंध में "भेदभाव" का अर्थ विकलांगता के आधार पर कोई भी भेद, बहिष्कार, प्रतिबंध है जिसका उद्देश्य या प्रभाव राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, नागरिक या किसी अन्य क्षेत्र में सभी मानवाधिकारों और मौलिक स्वतंत्रताओं की मान्यता, आनंद या प्रयोग को दूसरों के साथ समान आधार पर बाधित करना या रद्द करना है और इसमें भेदभाव के सभी रूप और उचित आवास से इनकार शामिल है;
(i) "प्रतिष्ठान" में सरकारी प्रतिष्ठान और निजी प्रतिष्ठान शामिल हैं;
(जे) "निधि" से तात्पर्य धारा 86 के अधीन गठित राष्ट्रीय निधि से है;
(k) "सरकारी प्रतिष्ठान" से तात्पर्य किसी केंद्रीय अधिनियम या राज्य अधिनियम द्वारा स्थापित निगम या सरकार या स्थानीय प्राधिकरण द्वारा स्वामित्व या नियंत्रित या सहायता प्राप्त प्राधिकरण या निकाय या कंपनी अधिनियम, 2013 (18 ऑफ 2013) की धारा 2 में परिभाषित सरकारी कंपनी से है और इसमें सरकार का विभाग शामिल है;
(एल) "उच्च समर्थन" का अर्थ है गहन समर्थन, शारीरिक, मनोवैज्ञानिक और अन्य प्रकार का, जिसकी आवश्यकता बेंचमार्क विकलांगता वाले व्यक्ति को दैनिक गतिविधियों के लिए, सुविधाओं तक पहुँचने के लिए स्वतंत्र और सूचित निर्णय लेने के लिए और शिक्षा, रोजगार, परिवार और सामुदायिक जीवन और उपचार और चिकित्सा सहित जीवन के सभी क्षेत्रों में भाग लेने के लिए हो सकती है;
(m) "समावेशी शिक्षा" से तात्पर्य शिक्षा की ऐसी प्रणाली से है जिसमें विकलांग और गैर-विकलांग छात्र एक साथ सीखते हैं और शिक्षण एवं अधिगम प्रणाली को विभिन्न प्रकार के विकलांग छात्रों की अधिगम आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उपयुक्त रूप से अनुकूलित किया जाता है;
(n) "सूचना और संचार प्रौद्योगिकी" में सूचना और संचार से संबंधित सभी सेवाएं और नवाचार शामिल हैं, जिनमें दूरसंचार सेवाएं, वेब आधारित सेवाएं, इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट सेवाएं, डिजिटल और वर्चुअल सेवाएं शामिल हैं;
(ओ) "संस्था" से तात्पर्य विकलांग व्यक्तियों के स्वागत, देखभाल, संरक्षण, शिक्षा, प्रशिक्षण, पुनर्वास और अन्य गतिविधियों के लिए स्थापित संस्था से है;
(p) "स्थानीय प्राधिकरण" से तात्पर्य नगर पालिका या पंचायत से है, जैसा कि संविधान के अनुच्छेद 243पी के खंड (ई) और खंड (एफ) में परिभाषित है; छावनी अधिनियम, 2006 (41 ऑफ 2006) के तहत गठित छावनी बोर्ड; और नागरिक मामलों के प्रशासन के लिए संसद या राज्य विधानमंडल के अधिनियम के तहत स्थापित कोई अन्य प्राधिकरण;
(q) "अधिसूचना" से तात्पर्य राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना से है तथा "अधिसूचित करना" या "अधिसूचित किया गया" अभिव्यक्ति का अर्थ तदनुसार समझा जाएगा;
(आर) "मानदंड विकलांगता वाला व्यक्ति" से तात्पर्य ऐसे व्यक्ति से है जिसमें निर्दिष्ट विकलांगता का कम से कम चालीस प्रतिशत हिस्सा हो, जहां निर्दिष्ट विकलांगता को मापने योग्य शब्दों में परिभाषित नहीं किया गया है, और इसमें ऐसे विकलांग व्यक्ति भी शामिल हैं जहां निर्दिष्ट विकलांगता को मापने योग्य शब्दों में परिभाषित किया गया है, जैसा कि प्रमाणन प्राधिकारी द्वारा प्रमाणित किया गया है;
(एस) "विकलांग व्यक्ति" से तात्पर्य ऐसे व्यक्ति से है जिसे दीर्घकालिक शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक या संवेदी अक्षमता है, जो बाधाओं के साथ परस्पर क्रिया करने पर, समाज में दूसरों के समान पूर्ण और प्रभावी भागीदारी में बाधा डालती है;
(टी) "उच्च सहायता की आवश्यकता वाले विकलांग व्यक्ति" से तात्पर्य धारा 58 की उपधारा (2) के खंड (ए) के तहत प्रमाणित बेंचमार्क विकलांगता वाले व्यक्ति से है जिसे उच्च सहायता की आवश्यकता है;
(u) “निर्धारित” से तात्पर्य इस अधिनियम के अंतर्गत बनाए गए नियमों द्वारा निर्धारित से है;
(v) "निजी प्रतिष्ठान" से तात्पर्य किसी कंपनी, फर्म, सहकारी या अन्य समाज, संघ, ट्रस्ट, एजेंसी, संस्था, संगठन, यूनियन, कारखाना या ऐसे अन्य प्रतिष्ठान से है जिसे उपयुक्त सरकार अधिसूचना द्वारा निर्दिष्ट कर सकती है;
(w) "सार्वजनिक भवन" से तात्पर्य किसी सरकारी या निजी भवन से है, जिसका उपयोग या उपयोग आम जनता द्वारा किया जाता है, जिसमें शैक्षिक या व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए उपयोग किया जाने वाला भवन, कार्यस्थल, वाणिज्यिक गतिविधियाँ, सार्वजनिक उपयोगिताएँ, धार्मिक, सांस्कृतिक, अवकाश या मनोरंजक गतिविधियाँ, चिकित्सा या स्वास्थ्य सेवाएँ, कानून प्रवर्तन एजेंसियाँ, सुधारगृह या न्यायिक मंच, रेलवे स्टेशन या प्लेटफार्म, सड़क मार्ग, बस स्टैंड या टर्मिनस, हवाई अड्डे या जलमार्ग शामिल हैं;
(x) "सार्वजनिक सुविधाएं और सेवाएं" में आम जनता को सेवाएं प्रदान करने के सभी रूप शामिल हैं, जिनमें आवास, शैक्षिक और व्यावसायिक प्रशिक्षण, रोजगार और कैरियर उन्नति, खरीदारी या विपणन, धार्मिक, सांस्कृतिक, अवकाश या मनोरंजन, चिकित्सा, स्वास्थ्य और पुनर्वास, बैंकिंग, वित्त और बीमा, संचार, डाक और सूचना, न्याय तक पहुंच, सार्वजनिक उपयोगिताएं, परिवहन शामिल हैं;
(y) "उचित समायोजन" का अर्थ है किसी विशेष मामले में असमान या अनुचित बोझ डाले बिना, आवश्यक और उपयुक्त संशोधन और समायोजन करना, ताकि विकलांग व्यक्तियों को दूसरों के समान अधिकारों का आनंद लेने या प्रयोग करने का अधिकार सुनिश्चित हो सके;
(ज़) "पंजीकृत संगठन" से तात्पर्य विकलांग व्यक्तियों का संघ या विकलांग व्यक्ति संगठन, विकलांग व्यक्तियों के माता-पिता का संघ, विकलांग व्यक्तियों और परिवार के सदस्यों का संघ, या विकलांग व्यक्तियों के कल्याण के लिए काम करने वाला कोई स्वैच्छिक या गैर-सरकारी या धर्मार्थ संगठन या ट्रस्ट, सोसायटी या गैर-लाभकारी कंपनी से है, जो संसद या राज्य विधानमंडल के अधिनियम के तहत विधिवत पंजीकृत हो;
(za) "पुनर्वास" से तात्पर्य एक ऐसी प्रक्रिया से है जिसका उद्देश्य विकलांग व्यक्तियों को इष्टतम शारीरिक, संवेदी, बौद्धिक, मनोवैज्ञानिक, पर्यावरणीय या सामाजिक कार्य स्तरों को प्राप्त करने और बनाए रखने में सक्षम बनाना है;
(zb) "विशेष रोजगार एक्सचेंज" से तात्पर्य सरकार द्वारा स्थापित और अनुरक्षित किसी भी कार्यालय या स्थान से है, जो रजिस्टरों के रखरखाव या अन्य माध्यमों से सूचना एकत्र करने और उपलब्ध कराने के लिए बनाया गया हो, जिसके संबंध में---
(i) वे व्यक्ति जो विकलांग व्यक्तियों में से कर्मचारियों को नियुक्त करना चाहते हैं;
(ii) मानक विकलांगता वाले व्यक्ति जो रोजगार की तलाश करते हैं;
(iii) वे रिक्तियां जिन पर रोजगार की तलाश कर रहे मानदंड विकलांगता वाले व्यक्तियों को नियुक्त किया जा सकता है;
(जेडसी) "निर्दिष्ट विकलांगता" से तात्पर्य अनुसूची में निर्दिष्ट विकलांगताओं से है;
(ज़ेडडी) "परिवहन प्रणालियों" में सड़क परिवहन, रेल परिवहन, हवाई परिवहन, जल परिवहन, अंतिम मील कनेक्टिविटी के लिए पैरा ट्रांजिट सिस्टम, सड़क और गली अवसंरचना आदि शामिल हैं;
(ze) "सार्वभौमिक डिजाइन" का अर्थ है उत्पादों, वातावरणों, कार्यक्रमों और सेवाओं का ऐसा डिजाइन जो सभी लोगों द्वारा यथासंभव अधिकतम सीमा तक उपयोग करने योग्य हो, बिना किसी अनुकूलन या विशेष डिजाइन की आवश्यकता के, और यह सहायक उपकरणों पर भी लागू होगा जिसमें विकलांग व्यक्तियों के विशेष समूह के लिए उन्नत तकनीकें शामिल हैं।
(क) "अपीलीय प्राधिकारी" से तात्पर्य धारा 14 की उपधारा (3) या धारा 53 की उपधारा (1) के तहत अधिसूचित प्राधिकारी या धारा 59 की उपधारा (1) के तहत नामित प्राधिकारी से है, जैसा भी मामला हो;
(ख) "उपयुक्त सरकार" से तात्पर्य है,---
(i) केंद्र सरकार या उस सरकार द्वारा पूर्णतः या पर्याप्त रूप से वित्तपोषित किसी प्रतिष्ठान, या छावनी अधिनियम, 2006 (41 ऑफ 2006) के तहत गठित छावनी बोर्ड के संबंध में, केंद्र सरकार;
(ii) राज्य सरकार या उस सरकार द्वारा पूर्णतः या पर्याप्त रूप से वित्तपोषित किसी प्रतिष्ठान या छावनी बोर्ड के अलावा किसी स्थानीय प्राधिकरण के संबंध में, राज्य सरकार।
(ग) "बाधा" से तात्पर्य संचार, सांस्कृतिक, आर्थिक, पर्यावरणीय, संस्थागत, राजनीतिक, सामाजिक, दृष्टिकोण संबंधी या संरचनात्मक कारकों सहित किसी भी ऐसे कारक से है जो विकलांग व्यक्तियों की समाज में पूर्ण और प्रभावी भागीदारी में बाधा डालता है;
(घ) "देखभालकर्ता" से तात्पर्य किसी भी ऐसे व्यक्ति से है, जिसमें माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्य शामिल हैं, जो भुगतान सहित या बिना भुगतान के किसी विकलांग व्यक्ति को देखभाल, सहायता या सहयोग प्रदान करता है;
(ई) "प्रमाणन प्राधिकारी" से तात्पर्य धारा 57 की उपधारा (1) के अधीन नामित प्राधिकारी से है;
(f) "संचार" में संचार के साधन और प्रारूप, भाषाएँ, पाठ का प्रदर्शन, ब्रेल, स्पर्श संचार, संकेत, बड़े अक्षरों में छपाई, सुलभ मल्टीमीडिया, लिखित, ऑडियो, वीडियो, दृश्य प्रदर्शन, सांकेतिक भाषा, सरल भाषा, मानव-पाठक, संवर्धित और वैकल्पिक तरीके और सुलभ सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी शामिल हैं;
(जी) "सक्षम प्राधिकारी" से तात्पर्य धारा 49 के अधीन नियुक्त प्राधिकारी से है;
(h) विकलांगता के संबंध में "भेदभाव" का अर्थ विकलांगता के आधार पर कोई भी भेद, बहिष्कार, प्रतिबंध है जिसका उद्देश्य या प्रभाव राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, नागरिक या किसी अन्य क्षेत्र में सभी मानवाधिकारों और मौलिक स्वतंत्रताओं की मान्यता, आनंद या प्रयोग को दूसरों के साथ समान आधार पर बाधित करना या रद्द करना है और इसमें भेदभाव के सभी रूप और उचित आवास से इनकार शामिल है;
(i) "प्रतिष्ठान" में सरकारी प्रतिष्ठान और निजी प्रतिष्ठान शामिल हैं;
(जे) "निधि" से तात्पर्य धारा 86 के अधीन गठित राष्ट्रीय निधि से है;
(k) "सरकारी प्रतिष्ठान" से तात्पर्य किसी केंद्रीय अधिनियम या राज्य अधिनियम द्वारा स्थापित निगम या सरकार या स्थानीय प्राधिकरण द्वारा स्वामित्व या नियंत्रित या सहायता प्राप्त प्राधिकरण या निकाय या कंपनी अधिनियम, 2013 (18 ऑफ 2013) की धारा 2 में परिभाषित सरकारी कंपनी से है और इसमें सरकार का विभाग शामिल है;
(एल) "उच्च समर्थन" का अर्थ है गहन समर्थन, शारीरिक, मनोवैज्ञानिक और अन्य प्रकार का, जिसकी आवश्यकता बेंचमार्क विकलांगता वाले व्यक्ति को दैनिक गतिविधियों के लिए, सुविधाओं तक पहुँचने के लिए स्वतंत्र और सूचित निर्णय लेने के लिए और शिक्षा, रोजगार, परिवार और सामुदायिक जीवन और उपचार और चिकित्सा सहित जीवन के सभी क्षेत्रों में भाग लेने के लिए हो सकती है;
(m) "समावेशी शिक्षा" से तात्पर्य शिक्षा की ऐसी प्रणाली से है जिसमें विकलांग और गैर-विकलांग छात्र एक साथ सीखते हैं और शिक्षण एवं अधिगम प्रणाली को विभिन्न प्रकार के विकलांग छात्रों की अधिगम आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उपयुक्त रूप से अनुकूलित किया जाता है;
(n) "सूचना और संचार प्रौद्योगिकी" में सूचना और संचार से संबंधित सभी सेवाएं और नवाचार शामिल हैं, जिनमें दूरसंचार सेवाएं, वेब आधारित सेवाएं, इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट सेवाएं, डिजिटल और वर्चुअल सेवाएं शामिल हैं;
(ओ) "संस्था" से तात्पर्य विकलांग व्यक्तियों के स्वागत, देखभाल, संरक्षण, शिक्षा, प्रशिक्षण, पुनर्वास और अन्य गतिविधियों के लिए स्थापित संस्था से है;
(p) "स्थानीय प्राधिकरण" से तात्पर्य नगर पालिका या पंचायत से है, जैसा कि संविधान के अनुच्छेद 243पी के खंड (ई) और खंड (एफ) में परिभाषित है; छावनी अधिनियम, 2006 (41 ऑफ 2006) के तहत गठित छावनी बोर्ड; और नागरिक मामलों के प्रशासन के लिए संसद या राज्य विधानमंडल के अधिनियम के तहत स्थापित कोई अन्य प्राधिकरण;
(q) "अधिसूचना" से तात्पर्य राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना से है तथा "अधिसूचित करना" या "अधिसूचित किया गया" अभिव्यक्ति का अर्थ तदनुसार समझा जाएगा;
(आर) "मानदंड विकलांगता वाला व्यक्ति" से तात्पर्य ऐसे व्यक्ति से है जिसमें निर्दिष्ट विकलांगता का कम से कम चालीस प्रतिशत हिस्सा हो, जहां निर्दिष्ट विकलांगता को मापने योग्य शब्दों में परिभाषित नहीं किया गया है, और इसमें ऐसे विकलांग व्यक्ति भी शामिल हैं जहां निर्दिष्ट विकलांगता को मापने योग्य शब्दों में परिभाषित किया गया है, जैसा कि प्रमाणन प्राधिकारी द्वारा प्रमाणित किया गया है;
(एस) "विकलांग व्यक्ति" से तात्पर्य ऐसे व्यक्ति से है जिसे दीर्घकालिक शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक या संवेदी अक्षमता है, जो बाधाओं के साथ परस्पर क्रिया करने पर, समाज में दूसरों के समान पूर्ण और प्रभावी भागीदारी में बाधा डालती है;
(टी) "उच्च सहायता की आवश्यकता वाले विकलांग व्यक्ति" से तात्पर्य धारा 58 की उपधारा (2) के खंड (ए) के तहत प्रमाणित बेंचमार्क विकलांगता वाले व्यक्ति से है जिसे उच्च सहायता की आवश्यकता है;
(u) “निर्धारित” से तात्पर्य इस अधिनियम के अंतर्गत बनाए गए नियमों द्वारा निर्धारित से है;
(v) "निजी प्रतिष्ठान" से तात्पर्य किसी कंपनी, फर्म, सहकारी या अन्य समाज, संघ, ट्रस्ट, एजेंसी, संस्था, संगठन, यूनियन, कारखाना या ऐसे अन्य प्रतिष्ठान से है जिसे उपयुक्त सरकार अधिसूचना द्वारा निर्दिष्ट कर सकती है;
(w) "सार्वजनिक भवन" से तात्पर्य किसी सरकारी या निजी भवन से है, जिसका उपयोग या उपयोग आम जनता द्वारा किया जाता है, जिसमें शैक्षिक या व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए उपयोग किया जाने वाला भवन, कार्यस्थल, वाणिज्यिक गतिविधियाँ, सार्वजनिक उपयोगिताएँ, धार्मिक, सांस्कृतिक, अवकाश या मनोरंजक गतिविधियाँ, चिकित्सा या स्वास्थ्य सेवाएँ, कानून प्रवर्तन एजेंसियाँ, सुधारगृह या न्यायिक मंच, रेलवे स्टेशन या प्लेटफार्म, सड़क मार्ग, बस स्टैंड या टर्मिनस, हवाई अड्डे या जलमार्ग शामिल हैं;
(x) "सार्वजनिक सुविधाएं और सेवाएं" में आम जनता को सेवाएं प्रदान करने के सभी रूप शामिल हैं, जिनमें आवास, शैक्षिक और व्यावसायिक प्रशिक्षण, रोजगार और कैरियर उन्नति, खरीदारी या विपणन, धार्मिक, सांस्कृतिक, अवकाश या मनोरंजन, चिकित्सा, स्वास्थ्य और पुनर्वास, बैंकिंग, वित्त और बीमा, संचार, डाक और सूचना, न्याय तक पहुंच, सार्वजनिक उपयोगिताएं, परिवहन शामिल हैं;
(y) "उचित समायोजन" का अर्थ है किसी विशेष मामले में असमान या अनुचित बोझ डाले बिना, आवश्यक और उपयुक्त संशोधन और समायोजन करना, ताकि विकलांग व्यक्तियों को दूसरों के समान अधिकारों का आनंद लेने या प्रयोग करने का अधिकार सुनिश्चित हो सके;
(ज़) "पंजीकृत संगठन" से तात्पर्य विकलांग व्यक्तियों का संघ या विकलांग व्यक्ति संगठन, विकलांग व्यक्तियों के माता-पिता का संघ, विकलांग व्यक्तियों और परिवार के सदस्यों का संघ, या विकलांग व्यक्तियों के कल्याण के लिए काम करने वाला कोई स्वैच्छिक या गैर-सरकारी या धर्मार्थ संगठन या ट्रस्ट, सोसायटी या गैर-लाभकारी कंपनी से है, जो संसद या राज्य विधानमंडल के अधिनियम के तहत विधिवत पंजीकृत हो;
(za) "पुनर्वास" से तात्पर्य एक ऐसी प्रक्रिया से है जिसका उद्देश्य विकलांग व्यक्तियों को इष्टतम शारीरिक, संवेदी, बौद्धिक, मनोवैज्ञानिक, पर्यावरणीय या सामाजिक कार्य स्तरों को प्राप्त करने और बनाए रखने में सक्षम बनाना है;
(zb) "विशेष रोजगार एक्सचेंज" से तात्पर्य सरकार द्वारा स्थापित और अनुरक्षित किसी भी कार्यालय या स्थान से है, जो रजिस्टरों के रखरखाव या अन्य माध्यमों से सूचना एकत्र करने और उपलब्ध कराने के लिए बनाया गया हो, जिसके संबंध में---
(i) वे व्यक्ति जो विकलांग व्यक्तियों में से कर्मचारियों को नियुक्त करना चाहते हैं;
(ii) मानक विकलांगता वाले व्यक्ति जो रोजगार की तलाश करते हैं;
(iii) वे रिक्तियां जिन पर रोजगार की तलाश कर रहे मानदंड विकलांगता वाले व्यक्तियों को नियुक्त किया जा सकता है;
(जेडसी) "निर्दिष्ट विकलांगता" से तात्पर्य अनुसूची में निर्दिष्ट विकलांगताओं से है;
(ज़ेडडी) "परिवहन प्रणालियों" में सड़क परिवहन, रेल परिवहन, हवाई परिवहन, जल परिवहन, अंतिम मील कनेक्टिविटी के लिए पैरा ट्रांजिट सिस्टम, सड़क और गली अवसंरचना आदि शामिल हैं;
(ze) "सार्वभौमिक डिजाइन" का अर्थ है उत्पादों, वातावरणों, कार्यक्रमों और सेवाओं का ऐसा डिजाइन जो सभी लोगों द्वारा यथासंभव अधिकतम सीमा तक उपयोग करने योग्य हो, बिना किसी अनुकूलन या विशेष डिजाइन की आवश्यकता के, और यह सहायक उपकरणों पर भी लागू होगा जिसमें विकलांग व्यक्तियों के विशेष समूह के लिए उन्नत तकनीकें शामिल हैं।
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