RPD Act 82अध्याय XII · Chief Commissioner and State Commissioner for Persons with Disabilities
धारा 82 · राज्य आयुक्त की शक्तियां।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) इस अधिनियम के अधीन अपने कार्यों के निर्वहन हेतु राज्य आयुक्त को निम्नलिखित मामलों के संबंध में सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 (1908 का 5) के अधीन किसी न्यायालय को वाद-विवाद करते समय प्राप्त सिविल न्यायालय की समान शक्तियाँ प्राप्त होंगी, अर्थात्:—
(क) गवाहों को बुलाना और उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करना;
(ख) किसी भी दस्तावेज की खोज और प्रस्तुति की आवश्यकता;
(ग) किसी न्यायालय या कार्यालय से कोई सार्वजनिक अभिलेख या उसकी प्रति मंगवाना;
(घ) शपथपत्रों पर साक्ष्य प्राप्त करना; और
(ई) गवाहों या दस्तावेजों की जांच के लिए आयोग जारी करना।
(2) राज्य आयुक्त के समक्ष प्रत्येक कार्यवाही भारतीय दंड संहिता (1860 का 45) की धारा 193 और 228 के अर्थ में न्यायिक कार्यवाही होगी और राज्य आयुक्तों को दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (1974 का 2) की धारा 195 और अध्याय XXVI के प्रयोजनों के लिए सिविल न्यायालय माना जाएगा।
(क) गवाहों को बुलाना और उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करना;
(ख) किसी भी दस्तावेज की खोज और प्रस्तुति की आवश्यकता;
(ग) किसी न्यायालय या कार्यालय से कोई सार्वजनिक अभिलेख या उसकी प्रति मंगवाना;
(घ) शपथपत्रों पर साक्ष्य प्राप्त करना; और
(ई) गवाहों या दस्तावेजों की जांच के लिए आयोग जारी करना।
(2) राज्य आयुक्त के समक्ष प्रत्येक कार्यवाही भारतीय दंड संहिता (1860 का 45) की धारा 193 और 228 के अर्थ में न्यायिक कार्यवाही होगी और राज्य आयुक्तों को दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (1974 का 2) की धारा 195 और अध्याय XXVI के प्रयोजनों के लिए सिविल न्यायालय माना जाएगा।
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