IIM Act 4अध्याय II · The Institutes
धारा 4 · संस्थानों का निगमन।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
1 [(1) प्रत्येक संस्थान अनुसूची के स्तंभ (5) में उल्लिखित नाम से निगमित निकाय होगा।]
2 [(1ए) भारतीय प्रबंधन संस्थान (संशोधन) अधिनियम, 2023 के प्रारंभ होने की तिथि से, राष्ट्रीय औद्योगिक अभियांत्रिकी संस्थान, मुंबई को "भारतीय प्रबंधन संस्थान, मुंबई" कहा जाएगा और इस अधिनियम के सभी प्रावधान उक्त संस्थान पर लागू होंगे।]
3 [(1बी) भारतीय प्रबंधन संस्थान (संशोधन) अधिनियम, 2025 के प्रारंभ होने की तिथि से, इस अधिनियम के सभी प्रावधान भारतीय प्रबंधन संस्थान, गुवाहाटी पर लागू होंगे।]
(2) अनुसूची के स्तंभ (5) में निर्दिष्ट प्रत्येक संस्थान को शाश्वत उत्तराधिकार और एक सामान्य मुहर प्राप्त होगी, और इस अधिनियम के प्रावधानों के अधीन रहते हुए, उसे चल और अचल दोनों प्रकार की संपत्ति प्राप्त करने, धारण करने और उसका निपटान करने तथा अनुबंध करने का अधिकार होगा तथा उक्त नाम से मुकदमा कर सकेगा या उस पर मुकदमा किया जा सकेगा।
2 [(1ए) भारतीय प्रबंधन संस्थान (संशोधन) अधिनियम, 2023 के प्रारंभ होने की तिथि से, राष्ट्रीय औद्योगिक अभियांत्रिकी संस्थान, मुंबई को "भारतीय प्रबंधन संस्थान, मुंबई" कहा जाएगा और इस अधिनियम के सभी प्रावधान उक्त संस्थान पर लागू होंगे।]
3 [(1बी) भारतीय प्रबंधन संस्थान (संशोधन) अधिनियम, 2025 के प्रारंभ होने की तिथि से, इस अधिनियम के सभी प्रावधान भारतीय प्रबंधन संस्थान, गुवाहाटी पर लागू होंगे।]
(2) अनुसूची के स्तंभ (5) में निर्दिष्ट प्रत्येक संस्थान को शाश्वत उत्तराधिकार और एक सामान्य मुहर प्राप्त होगी, और इस अधिनियम के प्रावधानों के अधीन रहते हुए, उसे चल और अचल दोनों प्रकार की संपत्ति प्राप्त करने, धारण करने और उसका निपटान करने तथा अनुबंध करने का अधिकार होगा तथा उक्त नाम से मुकदमा कर सकेगा या उस पर मुकदमा किया जा सकेगा।
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