IIM Act 29अध्याय V · Coordination Forum
धारा 29 · समन्वय मंच की स्थापना।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) केंद्र सरकार द्वारा इस संबंध में अधिसूचना द्वारा निर्दिष्ट तिथि से सभी संस्थानों के लिए एक समन्वय मंच स्थापित किया जाएगा।
(2) समन्वय मंच में निम्नलिखित सदस्य होंगे, अर्थात्:---
1 [(क) आगंतुक द्वारा अध्यक्ष के रूप में नामित किया जाने वाला एक प्रतिष्ठित व्यक्ति;]
बशर्ते कि समन्वय मंच अध्यक्ष की नियुक्ति होने तक अपने सदस्यों में से किसी एक को अध्यक्ष के रूप में कार्य करने के लिए चुन सकता है;
(ख) भारत सरकार के सचिव, जो प्रबंधन शिक्षा के प्रशासनिक नियंत्रण वाले केंद्रीय सरकार के मंत्रालय या विभाग के प्रभारी हों, सदस्य--- पदेन ;
(ग) राज्य सरकारों के प्रबंधन शिक्षा प्रभारी दो सचिव, जिनमें संस्थान स्थित हैं, प्रत्येक वर्ष बारी-बारी से, सदस्य--- पदेन ;
2 [(घ) प्रत्येक संस्थान के अध्यक्ष--- पदेन सदस्य];
(ई) प्रत्येक संस्थान का निदेशक, सदस्य--- पदेन ;
(f) पांच प्रतिष्ठित व्यक्ति, जिनमें से कम से कम एक महिला होगी, जो शिक्षा जगत या सार्वजनिक सेवा में कार्यरत हों, जिनका चयन समन्वय मंच द्वारा गठित उप-समिति द्वारा किया जाएगा।
(3) उपधारा (2) के खंड (एफ) में निर्दिष्ट सदस्य का कार्यकाल उसके नामांकन की तिथि से तीन वर्ष होगा।
(4) समन्वय मंच के गैर-सरकारी सदस्य ऐसे यात्रा एवं अन्य भत्तों के हकदार होंगे, जो निर्धारित किए जा सकते हैं।
(5) जिस मेज़बान संस्थान में समन्वय मंच की बैठक होती है, उस संस्थान का निदेशक समन्वय मंच का सदस्य सचिव होगा और नए मेज़बान संस्थान के चुने जाने तक सदस्य सचिव बना रहेगा।
(2) समन्वय मंच में निम्नलिखित सदस्य होंगे, अर्थात्:---
1 [(क) आगंतुक द्वारा अध्यक्ष के रूप में नामित किया जाने वाला एक प्रतिष्ठित व्यक्ति;]
बशर्ते कि समन्वय मंच अध्यक्ष की नियुक्ति होने तक अपने सदस्यों में से किसी एक को अध्यक्ष के रूप में कार्य करने के लिए चुन सकता है;
(ख) भारत सरकार के सचिव, जो प्रबंधन शिक्षा के प्रशासनिक नियंत्रण वाले केंद्रीय सरकार के मंत्रालय या विभाग के प्रभारी हों, सदस्य--- पदेन ;
(ग) राज्य सरकारों के प्रबंधन शिक्षा प्रभारी दो सचिव, जिनमें संस्थान स्थित हैं, प्रत्येक वर्ष बारी-बारी से, सदस्य--- पदेन ;
2 [(घ) प्रत्येक संस्थान के अध्यक्ष--- पदेन सदस्य];
(ई) प्रत्येक संस्थान का निदेशक, सदस्य--- पदेन ;
(f) पांच प्रतिष्ठित व्यक्ति, जिनमें से कम से कम एक महिला होगी, जो शिक्षा जगत या सार्वजनिक सेवा में कार्यरत हों, जिनका चयन समन्वय मंच द्वारा गठित उप-समिति द्वारा किया जाएगा।
(3) उपधारा (2) के खंड (एफ) में निर्दिष्ट सदस्य का कार्यकाल उसके नामांकन की तिथि से तीन वर्ष होगा।
(4) समन्वय मंच के गैर-सरकारी सदस्य ऐसे यात्रा एवं अन्य भत्तों के हकदार होंगे, जो निर्धारित किए जा सकते हैं।
(5) जिस मेज़बान संस्थान में समन्वय मंच की बैठक होती है, उस संस्थान का निदेशक समन्वय मंच का सदस्य सचिव होगा और नए मेज़बान संस्थान के चुने जाने तक सदस्य सचिव बना रहेगा।
इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।
